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भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL) ने अपने Q4 के नतीजों में ठीक-ठाक परफ़ॉर्मेंस दिखाई. इस सरकारी कंपनी ने मार्च 2025 तक की तिमाही में 3% ज़्यादा प्रॉफ़िट कमाया. यानी, ₹504 करोड़. रेवेन्यू ₹8,993 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 9% ज़्यादा है. लेकिन ये आंकड़े मार्केट को उतना इम्प्रेस नहीं कर पाए और एक्सपर्ट्स की उम्मीदों से थोड़ा कम रहे. फिर भी, कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़े बेहतर हुए हैं और BHEL का शेयर प्राइस आज BSE पर 2% बढ़कर ₹251 पर बंद हुआ.
BHEL Q4 रिजल्ट की एक झलक
| मेट्रिक | Q4 FY25 | Q4 FY24 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹8,993 करोड़ | ₹8,260 करोड़ | 8.90% |
| प्रॉफ़िट | ₹504 करोड़ | ₹490 करोड़ | 3.00% |
| EBITDA | ₹832 करोड़ | ₹728 करोड़ | 14.30% |
| EBITDA मार्जिन | 9.20% | 8.80% | +40 bps% |
बाहर से देखो तो ग्रोथ ठीक लगती है. पर प्रॉब्लम ये है: कोटक और JM फ़ाइनेंशियल जैसी ब्रोकरेज कंपनियोंने ₹10,500 करोड़ करीब रेवेन्यू और मुनाफ़ा ₹738 करोड़ तक होने की उम्मीद की थी. ये अंतर काफ़ी बड़ा है.
बोर्ड ने ₹0.50 प्रति शेयर का डिविडेंड भी अनाउंस किया है. ये ज़्यादा तो नहीं है, पर BHEL का असली गेम डिविडेंड से ज़्यादा इसके ऑर्डर बुक और लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान में है.
BHEL क्या करती है?
BHEL भारत की सबसे बड़ी सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी है. ये पॉवर जनरेशन इक्विपमेंट बनाती है और एनर्जी, डिफे़ंस, ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर में काम करती है. टर्बाइन, ट्रांसफ़ार्मर, ट्रेन के इंजन और बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसका ख़ास ध्यान हैं. 16 से ज़्यादा कारखानें और 70 से ज़्यादा देशों में इसकी मौजूदगी है, जो इसे इंडिया के इंडस्ट्रियल ग्रोथ का बड़ा प्लेयर बनाती है.
आंकड़े
| मेट्रिक | वैल्यू |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹88,793 करोड़ |
| रेवेन्यू (TTM) | ₹27,606 करोड़ |
| प्रॉफ़िट (TTM) | ₹519 करोड़ |
| रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) | 1.20% |
| रिटर्न ऑन कैपिटल (ROCE) | 3.40% |
| P/E रेशियो | 171.1 |
| P/B रेशियो | 3.7 |
| इंडस्ट्री P/E | 42.18 |
| EV/EBITDA | 57.6 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.10% |
| डेट टू इक्विटी | 0.4 |
| प्रति शेयर कमाई (EPS) | ₹ 1.50 |
वैल्यू रिसर्च से इसे कितनी रेटिंग मिली हैं?
वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन के हिसाब से:
⭐ ओवरऑल रेटिंग - 1/5
क्वालिटी स्कोर: 1/10
ग्रोथ स्कोर: 5/10
वैल्यूएशन स्कोर: 1/10
मोमेंटम स्कोर: 3/10
कंपनी के फ़ंडामेटल थोड़ी चिंता बढ़ाते हैं. स्टॉक का P/E रेशियो 171 है, जो इंडस्ट्री के एवरेज 42 से कहीं ज़्यादा है.
आखिर में!
BHEL भारत के बुनियादी स्ट्रक्चर के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके पास मज़बूत ऑर्डर बुक और बेहतर मार्जिन के साथ. ये कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है. लेकिन प्रॉब्लम ये है: इसका वैल्यूएशन बहुत हाई है, और काम को सही तरीके़ से पूरा करने में अभी भी चुनौतियां हैं.
Q4 के नतीजे बुरे नहीं थे, पर वो उम्मीदों पर खरे भी नहीं उतरे. असल कहानी सिर्फ़ ऑर्डर जीतने में नहीं, बल्कि BHEL द्वारा उन्हें बेहतर कमाई के साथ पूरा करने में है.
ज़्यादा डिटेल जानकारी के लिए, BHEL के स्टॉक पेज चेक करें.







