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हाईवे इंफ्रा ने कराई दमदार कमाई, 64% प्रीमियम पर लिस्ट हुए शेयर

इंफ्रा सेक्टर की कंपनी ने धमाकेदार आग़ाज़ किया, लेकिन वैल्यूएशन लग रहा है महंगा

इंफ्रा सेक्टर की कंपनी ने धमाकेदार आग़ाज़ किया, लेकिन वैल्यूएशन लग रहा है महंगाAdobe Stock

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने न सिर्फ़ आसानी से शुरुआत की, बल्कि रफ्तार से दौड़ पड़ी. पहले दिन, हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर का भाव ₹110 पर खुला, जो इसके ₹70 के इश्यू प्राइस से 64 प्रतिशत का जोरदार उछाल है. IPO निवेशकों के लिए ये वो लिस्टिंग वाला धमाका है जिसके सपने देखे जाते हैं. लेकिन जैसा हर मार्केट के पुराने खिलाड़ी जानते हैं, पहला चक्कर ही पूरी रेस नहीं होता.

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर IPO में क्या हो रहा है?

  • IPO साइज़: ₹Rs 130 करोड़, प्राइस ₹Rs 65-70 प्रति शेयर.
  • भारी सब्सक्रिप्शन: कुल 316×, जिसमें QIBs 420×, NIIs 447× और रिटेल 155× रहा.
  • लिस्टिंग डे: आज (12 अगस्त 2025) ₹Rs 110 पर खुला, जो सीधे 64 प्रतिशत प्रीमियम दे रहा है.

ये क्यों मायने रखता है

64 प्रतिशत प्रीमियम सिर्फ़ IPO की हाइप से ज़्यादा कुछ बयान करता है, ये निवेशकों का भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर बूम और हाईवे इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भरोसा दिखाता है. लेकिन अब P/E रेशियो काफ़ी ज़्यादा लग रहा है, तो "आसान" मुनाफ़ा शायद पीछे छूट चुका है. आगे की रफ्तार बनाए रखना प्रोजेक्ट हासिल करने, मार्जिन और समय पर डिलीवरी पर निर्भर करेगा.

हमारी राय

हाईवे इंफ्रा की लिस्टिंग वाली उछाल उन खुशकिस्मत अलॉटीज के लिए शानदार ख़बर है. लेकिन नए ख़रीदारों को याद रखना चाहिए: उत्साह थम जाता है, फंडामेंटल्स ही टिकते हैं. आगे की राह को परखे बिना मोमेंटम का पीछा करना नुक़सानदेह हो सकता है.

कंपनी के बारे में

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ कंक्रीट नहीं डाल रही; ये टोल बूथ चला रही है, ब्रिज बना रही है और EPC प्रोजेक्ट्स को तकनीक बढ़त के साथ डिलीवर कर रही है, जिसमें ANPR कैमरे, FASTag इंटीग्रेशन और ऑटोमेटेड टोल मैनेजमेंट शामिल हैं.

इंदौर की ये कंपनी के पास मई 2025 तक ₹Rs 660 करोड़ से ज़्यादा की ऑर्डर बुक है, जो टोल कलेक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन से संबंधित है. कंपनी 27 टोलवे प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है, 66 EPC वर्क्स पूरे कर चुकी है और नए कॉन्ट्रैक्ट्स की लगातार पाइपलाइन कवर करती है.

क्या हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में निवेश करना चाहिए?

मार्केट में जीत के बाद एक्सेलरेटर दबाने का मन करता है. लेकिन असली वैल्थ लगातार, अच्छी रिसर्च वाले फ़ैसलों से आती है, न कि सिर्फ एक दिन की स्प्रिंट से.

वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र में हम IPO की आतिशबाजी से आगे कंपनियों को ट्रैक करते हैं, ताकि आप ऐसे बिज़नस ओन कर सकें जो सालों तक लगातार ग्रो करें, न कि सिर्फ घंटों में. अगर आप ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाना चाहते हैं जो आसान हाईवे और उबड़-खाबड़ रास्तों दोनों को हैंडल कर सके, तो अब शुरू करने का टाइम है.

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डिस्क्लेमर: ये लेख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है और हमारे एक्सपर्ट्स ने इसकी बारीकी से जांच-पड़ताल की है ताकि आपको सही और ज़रूरी जानकारी दी जा सके. इसका मकसद सिर्फ सूचनाएं देना है. कृपया निवेश के किसी भी फ़ैसले से पहले अपनी खुद की रिसर्च ज़रूर करें.

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