Aditya Roy/AI-Generated Image
सारांशः ये नया फ़ंड सभी की नज़र में है: लगभग ₹1,500 करोड़ जुटाए, 142 स्टॉक्स ख़रीदे, और कोई भी कैश खाली नहीं छोड़ा. जियो ब्लैक रॉक फ़्लेक्सी कैप सिर्फ़ एक और म्यूचुअल फ़ंड नहीं है; ये भारत में AI आधारित एक्टिव इन्वेस्टिंग का पहला बड़ा कदम है. फ़ंड की टॉप होल्डिंग्स जानी-मानी कंपनियां हैं, लेकिन इसके कुछ स्टॉक ऐसे भी हैं जो किसी और फ़्लेक्सी कैप पोर्टफ़ोलियो में नहीं मिलते.
जब दो दिग्गज, Jio और BlackRock, ने साथ आने का ऐलान किया, तो लोगों का ध्यान आकर्षित होना स्वाभाविक था. एक भारत का सबसे प्रभावशाली समूह, दूसरा दुनिया का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर. इसलिए जब इस जोड़ी ने जियो ब्लैक रॉक म्यूचुअल फ़ंड लॉन्च किया, ये सिर्फ़ एक नया फ़ंड हाउस नहीं था; ये ग्लोबल इन्वेस्टिंग की ताक़त और भारतीय पैमाने के साथ एक नई शुरुआत थी.
एक ज़बरदस्त शुरुआत
इनकी पहली एक्टिवली-मैनेज्ड स्कीम जियो ब्लैक रॉक फ़्लेक्सी कैप फ़ंड पिछले महीने लॉन्च हुई और उत्साह साफ़ दिखा. ये कोई शांत सा इंडेक्स फ़ंड नहीं था जो किसी बेंचमार्क को ट्रैक करता हो. एक्टिवली-मैनेज्ड फ़ंड का मतलब है कि फ़ंड मैनेजर (जो यहां एक मज़बूत AI सिस्टम के साथ काम कर रहा है) जानबूझकर ख़रीद-बिक्री करता है ताकि मार्केट से बेहतर प्रदर्शन किया जा सके.
लॉन्च उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरा. फ़ंड हाउस के मुताबिक़ NFO के दौरान लगभग ₹1,500 करोड़ जुटाए गए. अब जब पहला पोर्टफ़ोलियो सामने आया है, तो साफ़ दिखता है कि ये पूरा पैसा कहां लगाया गया है.
शुरू से ही पूरा निवेश
ज़्यादातर फ़ंड कुछ कैश रिडेम्प्शन या कुछ अलग प्लानिंग के लिए छोड़ते हैं, लेकिन जियो ब्लैक रॉक फ़्लेक्सी कैप ने एक भी रुपया खाली नहीं छोड़ा. फ़ंड में पहले ही 142 स्टॉक्स हैं. इतने कम समय में इतना डायवर्सिफ़ाइड पोर्टफ़ोलियो बनना काफ़ी अजब है. इसका ज़्यादातर निवेश (30.9%) फ़ाइनेंशियल सेक्टर में लगाया गया है, उसके बाद इंडस्ट्रीयल और टेक्नॉलजी सेक्टर लगाया है.
तुलना के लिए, औसत फ़्लेक्सी कैप फ़ंड अपने कॉर्पस का लगभग 4.1% कैश में रखता है. पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप (21%) और HDFC फ़्लेक्सी कैप (10%) जैसे लोकप्रिय फ़ंड भी ध्यान देने लायक़ कैश रखते हैं.
लेकिन जियो ब्लैक रॉक ने शुरुआत से ही पूरा पैसा लगा दिया.
टॉप में वही बड़े नाम
फ़ंड की टॉप 10 होल्डिंग्स भारत की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट जैसी दिखती हैं. सभी बड़े नाम, सभी लार्ज कैप कंपनियां हैं. प्राइवेट और पब्लिक बैंकों की तिकड़ी HDFC बैंक, ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया मिलकर पोर्टफ़ोलियो का 17% से ज़्यादा हिस्सा बनाते हैं. यहां पूरी लिस्ट है:
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कंपनी
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नेट एसेट (%) |
| HDFC बैंक | 8.9 |
| ICICI बैंक | 5.4 |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज़ | 5.2 |
| इन्फ़ोसिस | 4.1 |
| स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया | 3.4 |
| लार्सन एंड टुब्रो | 3.2 |
| टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ | 2.7 |
| भारती एयरटेल | 2.4 |
| HCL टेक्नोलॉजीज़ | 2.3 |
| अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन | 2 |
थोड़ा ज़्यादा ध्यान लार्ज कैप पर
कुल मिलाकर, फ़ंड ने 65% लार्ज कैप, 21% मिड कैप और बाकी स्मॉल कैप में निवेश किया है. ये कैटेगरी के औसत से थोड़ा ज़्यादा सतर्क है, जहां फ़्लेक्सी कैप फ़ंड आमतौर पर 61% लार्ज कैप और 18% स्मॉल कैप रखते हैं.
नॉन-लार्ज कैप कैटेगरी में फ़ंड के सबसे बड़े निवेश ये हैं:
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कंपनी
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नेट एसेट (%) |
| पॉलीकैब इंडिया | 1.7 |
| फ़ोर्टिस हेल्थकेयर | 1.6 |
| JK सीमेंट | 1.6 |
| मैक्स फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ | 1.2 |
| विशाल मेगा मार्ट | 1.1 |
AI आधारित बढ़त
इस फ़ंड की असली पहचान इसका AI आधारित इन्वेस्टमेंट मॉडल है. स्ट्रेटेजी मशीन इंटेलिजेंस और इंसानी निर्णय दोनों शामिल हैं, जिसमें बड़ा डेटा और एडवांस्ड एनालिटिक्स का इस्तेमाल होता है.
पोर्टफ़ोलियो के पीछे Aladdin, BlackRock का ग्लोबल पोर्टफ़ोलियो और रिस्क-मैनेजमेंट सिस्टम चलता है. ये प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के फ़ंडामेंटल्स, वैल्यूएशन, मार्केट सेंटिमेंट और यहां तक कि सोशल मीडिया की हलचल तक का एनालेसिस करते हैं. ताकि शुरुआती संकेत पकड़ सके.
AI आधारित स्टॉक के चुनाव को लेकर चर्चा बहुत है. इसलिए हमने देखा कि पोर्टफ़ोलियो वाक़ई कितना अलग दिखता है. पता चला कि अक्टूबर 31, 2025 तक ऐसे पांच स्टॉक्स हैं जो किसी और फ़्लेक्सी कैप फ़ंड के पास नहीं हैं:
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कंपनी
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नेट एसेट (%) |
| ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स | 0.17 |
| चंबल फ़र्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स | 0.38 |
| डोडला डेयरी | 0.1 |
| एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी | 0.23 |
| GMM फ़ॉडलर | 0.34 |
ये हिस्सेदारी ही छोटी है, लेकिन ये दिखाती है कि फ़ंड भीड़ से अलग सोचने को तैयार है.
कुछ और अनोखे दांव
हमें तीन ऐसे स्टॉक भी मिले जो सिर्फ़ 3 या उससे कम फ़्लेक्सी कैप फ़ंड्स के पास हैं. यानी इन पर फ़ंड की चुनी हुई राय है:
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कंपनी
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अन्य फ़ंड्स जो ये स्टॉक रखते हैं |
| एबॉट इंडिया | 3 (360 ONE Flexi Cap, Canara Robeco Flexi Cap and NJ Flexi Cap) |
| आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ AMC | 3 (LIC MF Flexi Cap, Nippon India Flexi Cap and Unifi Flexi Cap) |
| एडवांस्ड एंजाइम्स टेक्नोलॉजीज | 1 (Bank of India Flexi Cap) |
आख़िरी बात
जियो ब्लैक रॉक फ़्लेक्सी कैप फ़ंड का पहला पोर्टफ़ोलियो कई मायनों में दिलचस्प है. इसमें ब्लू-चिप कंपनियां हैं, का संतुलित मिश्रण है, लेकिन साथ ही कुछ ऐसे नाम भी हैं जो इसे बाकी फ़्लेक्सी कैप साथियों से अलग करते हैं. और ये सब बहुत कम समय में बनाया गया.
ऐसी और जानकारी के लिए, वैल्यू रिसर्च पढ़ते रहें. देश के टॉप-रेटेड फ़्लेक्सी कैप फ़ंड्स देखने के लिए, हमारे फ़ंड मॉनिटर सेक्शन पर ज़रूर गौर करें.
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