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सारांशः सीनियर सिटिज़न और रिटायर्ड लोगों के लिए स्थिरता, शानदार रिटर्न से ज़्यादा मायने रखती है. लेकिन कौन से म्यूचुअल फ़ंड वाक़ई स्थिर नतीजे देते हैं और किनमें छिपा उतार-चढ़ाव होता है? आगे पढ़िए और समझिए.
कृपया ऐसे कुछ म्यूचुअल फ़ंड चुनें जो सीनियर सिटिज़न के लिए उपयुक्त हों और तीन से पांच साल की अवधि में स्थिर और ठीक-ठाक रिटर्न दे सकें, चाहे वे मल्टी-एसेट, फ़्लेक्सी-कैप या किसी और सही मिश्रण में हों – अनाम
ज़िंदगी के इस पड़ाव पर मक़सद सबसे ज़्यादा रिटर्न कमाना नहीं होता, बल्कि ठीक-ठाक रिटर्न कमाते हुए अप्रिय झटकों की संभावना को कम करना होता है.
कुल मिलाकर, तीन से पांच साल की अवधि में अनुमानित स्थिरता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
इसी वजह से उन फ़ंड कैटेगरी पर ध्यान देना समझदारी है, जिन्होंने इतिहास में कम निराश किया है और साथ में मध्यम ग्रोथ भी दी है. हमने ऐसी चार कैटेगरी का अध्ययन किया है.
हमने देखा कि 2013 से अब तक हर संभव तीन और पांच साल की होल्डिंग अवधि में इन कैटेगरी के औसत फ़ंड ने कैसा प्रदर्शन किया, ताकि समझा जा सके कि किसने सबसे लगातार स्थिरता और मध्यम ग्रोथ का संतुलन बनाया.
1) इक्विटी सेविंग्स फ़ंड
शांत, स्थिर और कम नाटकीय
इक्विटी सेविंग्स फ़ंड इक्विटी, आर्बिट्राज़ और डेट में निवेश करते हैं, जिसमें कम से कम 65 प्रतिशत एलोकेशन इक्विटी में और कम से कम 10 प्रतिशत डेट में होता है.
नीचे दी गई टेबल से स्पष्ट है कि इस कैटेगरी के औसत फ़ंड ने ज़्यादातर समय 6 से 12 प्रतिशत के बीच मध्यम रिटर्न दिए हैं. दो अंकों में बहुत ऊंचे रिटर्न कम देखने को मिले, लेकिन नुक़सान भी बहुत कम हुआ.
दूसरे शब्दों में, बहुत उत्साह नहीं होगा, लेकिन चिंता भी कम रहेगी.
उम्रदराज़ निवेशकों या रिटायर्ड लोगों के लिए, जो पारंपरिक फ़िक्स्ड इनकम से थोड़ा बेहतर रिटर्न लेकिन तेज़ उतार-चढ़ाव नहीं चाहते हैं, ये कैटेगरी स्वाभाविक रूप से उपयुक्त है. यहां पहले स्थिरता, बाद में बढ़त आती है.
2) बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड
जब बाज़ार अस्थिर हो, तो खुद को समायोजित करने के लिए बनाए गए
बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड बाज़ार की स्थिति के आधार पर इक्विटी और डेट का मिश्रण बदलते हैं. आमतौर पर जब बाज़ार वैल्यूएशन कम होते हैं तो इक्विटी बढ़ाते हैं और जब बाज़ार महंगे या अस्थिर दिखते हैं तो डेट की ओर झुकाव बढ़ाते हैं.
औसत फ़ंड ने सभी संभावित तीन और पांच साल की अवधि में आधे से ज़्यादा समय 6 से 12 प्रतिशत के बीच रिटर्न दिए हैं.
कई बार 12 प्रतिशत से ज़्यादा रिटर्न भी मिले. अहम बात ये है कि यहां निराशाजनक रिटर्न की संभावना लगभग शून्य रही.
रिटायरमेंट के क़रीब या रिटायरमेंट के बाद के चरण में ये संतुलन उपयोगी रहता है. इक्विटी के अच्छे दौर में भागीदारी मिलती है और जब बाज़ार ज़्यादा गरम दिखे तो फ़ंड मैनेजर जोखिम कम करने की कोशिश करता है. इसे ग्रोथ के साथ सीट बेल्ट कह सकते हैं.
3) मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड
डाइवर्सिफ़िकेशन की एक अतिरिक्त लेयर
मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड बैलेंस्ड एडवांटेज जैसे ही होते हैं. अंतर सिर्फ़ इतना है कि ये निवेश को तीन एसेट में बांटते हैं: इक्विटी, डेट और गोल्ड, और हर एक में कम से कम 10 प्रतिशत एलोकेशन रखते हैं.
इस अतिरिक्त डाइवर्सिफ़िकेशन का असर रिटर्न में दिखता है. पांच साल की अवधि में 60 प्रतिशत से ज़्यादा समय औसत फ़ंड ने स्थिर और मध्यम रिटर्न दिए. इस कैटेगरी में पांच साल के निवेश पर नकारात्मक रिटर्न के दौर नहीं दिखे.
जो निवेशक अतिरिक्त डाइवर्सिफ़िकेशन पसंद करते हैं, उनके लिए ये एक संतुलित रास्ता है.
4) एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड
ज़्यादा रिटर्न, ज़्यादा उतार-चढ़ाव
एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड आमतौर पर अपनी कुल एसेट्स का 65 से 80 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में और बाकी डेट में रखते हैं. स्वाभाविक रूप से, औसत फ़ंड ने सभी तीन और पांच साल की अवधि में लगभग 60 प्रतिशत समय दो अंकों में ऊंचे रिटर्न दिए हैं.
हालांकि, छोटी तीन साल की अवधि में लगभग 2 प्रतिशत समय नकारात्मक रिटर्न भी रहे, जो बताता है कि जोखिम अन्य कैटेगरी से थोड़ा ज़्यादा है.
ये फ़ंड उन रिटायर्ड लोगों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं जिनके पास पेंशन जैसी भरोसेमंद इनकम का स्रोत हो और जो उतार-चढ़ाव सह सकें. लेकिन जो लोग निवेश से नियमित इनकम निकालना चाहते हैं, उनके लिए ये कम उपयुक्त हो सकता है.
हर कैटेगरी ने कितनी बार अलग-अलग रिटर्न दिया
जब तीन साल तक रखा गया (% में)
| रिटर्न का दायरा | बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड्स | इक्विटी सेविंग्स फ़ंड्स | मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड्स | एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड्स |
|---|---|---|---|---|
| कितने समय नेगेटिव रिटर्न दिया | 0 | 0 | 0.6 | 1.7 |
| 0-6% | 6.6 | 8.2 | 6.6 | 6 |
| 6-12% | 50.6 | 88.2 | 45.1 | 31.5 |
| >=12% | 42.8 | 3.6 | 47.7 | 60.8 |
| हर कैटेगरी के एवरेज फ़ंड पर आधारित डेटा; डायरेक्ट प्लान के लिए जनवरी 2013 से फरवरी 2026 तक तीन साल का रोलिंग रिटर्न | ||||
हर कैटेगरी ने कितनी बार अलग-अलग रिटर्न दिया
जब पांच साल तक रखा गया (% में)
| रिटर्न का दायरा | बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड्स | इक्विटी सेविंग्स फ़ंड्स | मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड्स | एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड्स |
|---|---|---|---|---|
| कितने समय नेगेटिव रिटर्न दिया | 0 | 0 | 0 | 0 |
| 0-6% | 2.7 | 4.4 | 4.7 | 5.4 |
| 6-12% | 58.4 | 92.3 | 60.5 | 35.2 |
| >=12% | 38.9 | 3.2 | 34.8 | 59.4 |
| हर कैटेगरी के एवरेज फ़ंड पर आधारित डेटा; डायरेक्ट प्लान के लिए जनवरी 2013 से फरवरी 2026 तक पांच साल का रोलिंग रिटर्न | ||||
तो सीनियर निवेशक को क्या चुनना चाहिए?
अगर लक्ष्य स्थिर और ठीक-ठाक रिटर्न के साथ पूंजी के नुक़सान की संभावना कम रखना है, तो बैलेंस्ड एडवांटेज और मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड सबसे उपयुक्त विकल्प बनकर उभरते हैं. ये ग्रोथ और पूंजी सुरक्षा का व्यावहारिक संतुलन देते हैं.
इक्विटी सेविंग्स फ़ंड स्थिरता के पैमाने पर एक कदम और आगे हैं और उन निवेशकों के लिए बेहतर हैं जिनके लिए इनकम की स्थिरता सबसे पहली प्राथमिकता है.
एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड को चुनिंदा रूप से लिया जा सकता है, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता ज़रूरी है.
रिटायरमेंट के बाद या जीवन के बाद के वर्षों में सबसे समझदार स्ट्रैटेजी वो नहीं होती जो सबसे ऊंचा रिटर्न दे. समझदारी उस रास्ते में है जो ज़्यादातर समय मध्यम रिटर्न दे और अप्रिय झटकों से बचाए.
ग्रोथ के लिए निवेश करने और मन की शांति के लिए निवेश करने में यही फ़र्क है.
जानना चाहते हैं कि इन कैटेगरी में किन फ़ंड्स में निवेश करना उचित रहेगा? अलग-अलग जोखिम प्रोफ़ाइल और जीवन के चरणों के अनुसार तैयार की गई रेकमंडेशन के लिए Value Research Fund Advisor देखें.
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ये लेख पहली बार फ़रवरी 26, 2026 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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