बड़े सवाल

आपके फ़ंड की रेटिंग 1 स्टार रह गई. क्या फ़ंड से बाहर निकल जाएं?

वैल्यू रिसर्च की फ़ंड रेटिंग असल में क्या बताती है और हर बार रेटिंग गिरने पर फ़ंड क्यों नहीं बेचना चाहिए

आपके फ़ंड की रेटिंग 1 स्टार पर आ गई. क्या निकल जाएं?Vinayak Pathak/AI-Generated Image

सारांशः आपके फ़ंड की स्टार रेटिंग गिर गई है. निवेशित रहें या बेच दें? यहां जानें वैल्यू रिसर्च की फ़ंड रेटिंग कैसे काम करती है और हर बार रेटिंग गिरने पर अपने म्यूचुअल फ़ंड से क्यों नहीं निकलना चाहिए.

हर महीने वैल्यू रिसर्च म्यूचुअल फ़ंड को रिव्यू और रेट करता है और हर फ़ंड टॉप पर नहीं आता. कुछ की रेटिंग बढ़ती है तो कुछ की घटती है. लेकिन जब वो फ़ंड आपका हो जिसकी रेटिंग फिसल गई हो तो क्या करें?

सबसे पहले घबराहट होती है. दूसरा, फ़ंड को बेचने का विचार मन में आता है. लेकिन दोनों बातें ग़लत हो सकती हैं.

रेटिंग गिरना किसी फ़ंड को बुरा नहीं बनाता. इसका मतलब है कि कुछ बदला है और उस बदलाव पर नज़र डालना ज़रूरी है, न कि घबराकर बाहर निकलना. सही तरीक़े से यह फ़ैसला लेने के लिए पहले यह समझना ज़रूरी है कि वैल्यू रिसर्च की फ़ंड रेटिंग असल में काम कैसे करती है.

वैल्यू रिसर्च फ़ंड को रेट कैसे करता है

इसे अपने स्कूल के ग्रेडिंग सिस्टम की तरह सोचें जहां आपका स्कोर सिर्फ़ इस पर नहीं, बल्कि इस पर भी निर्भर होता है कि बाक़ी क्लास ने कैसा किया. वैल्यू रिसर्च फ़ंड को उसी तरह रेट करती है: अपनी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड के मुक़ाबले, अकेले नहीं.

यह इस तरह काम करता है:

  • हर फ़ंड को एक रिटर्न स्कोर और एक रिस्क स्कोर मिलता है. 
  • रिटर्न स्कोर में से रिस्क स्कोर घटाकर एक कंपोज़िट, रिस्क-एडजस्टेड मेज़र निकाला जाता है. 
  • फिर दो टाइम पीरियड के स्कोर को मिलाकर एक सिंगल असेसमेंट बनाई जाती है.

इक्विटी और हाइब्रिड फ़ंड के लिए पांच साल के स्कोर का 60% वेटेज और तीन साल के स्कोर का 40% वेटेज होता है. डेट फ़ंड के लिए तीन साल का स्कोर 60% और 18 महीने का स्कोर 40% होता है. जिन फ़ंड के पास पूरी तीन या पांच साल की हिस्ट्री नहीं है उन्हें सिर्फ़ उपलब्ध छोटे पीरियड के आधार पर रेट किया जाता है.

अपनी कैटेगरी में रैंक होने के बाद टॉप 10% को पांच स्टार मिलते हैं. बॉटम 10% को एक स्टार. बाक़ी सब बीच में कहीं आते हैं.

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कम रेटिंग का मतलब ख़राब फ़ंड नहीं

यही वो जाल है जिसमें बहुत से निवेशक फंसते हैं: वो कम स्टार रेटिंग को फ़ैसला मान लेते हैं. यह फ़ैसला नहीं है.

दो हालात के बारे में सोचें. पहले में एक कैटेगरी के हर फ़ंड ने अपना बेंचमार्क बीट किया है, लेकिन कुछ फिर भी एक या दो स्टार पर हैं, बस इसलिए कि उनका रिटर्न अपने पीयर्स से थोड़ा पीछे है. दूसरी में पूरी कैटेगरी अपने बेंचमार्क से पीछे है, फिर भी कुछ फ़ंड चार या पांच स्टार पाते हैं क्योंकि उन्होंने बाक़ियों से कम गंवाया. कमज़ोर कैटेगरी में ज़्यादा रेटिंग कोई असली राहत नहीं देती. कमज़ोर पीयर ग्रुप को बीट करना मार्केट को बीट करने जैसा नहीं है.

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सीख यह है: हमेशा इन दोनों बातों को देखें कि फ़ंड ने अपनी कैटेगरी के मुक़ाबले और अपने बेंचमार्क के मुक़ाबले कैसा किया. अकेले कोई भी नंबर पूरी कहानी नहीं बताता.

एक और बात: स्टार रेटिंग पीछे की तरफ़ देखती है. यह पिछले परफ़ॉर्मेंस को कैप्चर करती है, आगे क्या होगा यह न बताती है और न उस पर कोई असर डालती है.

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Bandhan Small Cap Fund इसका अच्छा उदाहरण है. मार्च 2023 से अप्रैल 2024 तक इसकी दो-स्टार रेटिंग थी और यह अपनी कैटेगरी के निचले हिस्से में था. लेकिन अप्रैल 2025 तक यह तीन स्टार पर आ गया, अपनी कैटेगरी के टॉप क्वार्टाइल में पहुंचा और टॉप 10% परफ़ॉर्मर में जगह बनाई जहां वो तब से बना हुआ है. फ़ंड रातोंरात नहीं बदला. उसके नज़रिए को बस वक़्त चाहिए था और रेटिंग आख़िरकार उसके साथ आ गई.

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तो क्या एक-स्टार वाले फ़ंड को बेच देना चाहिए?

अगर रेटिंग गिरना आपके बाहर निकलने की एकमात्र वजह है तो जवाब है, नहीं. एक फ़ंड अपना बेंचमार्क बीट करता रहे और लगातार बढ़ता रहे, और फिर भी एक या दो स्टार पर हो, बस इसलिए कि वो अपने पीयर्स से थोड़ा पीछे है.

लेकिन अगर आपका फ़ंड दो से तीन साल से लगातार पीछे रहा है, या उसके इन्वेस्टमेंट अप्रोच या फ़ंड मैनेजर में कोई बदलाव आया है जिसने रिटर्न पर साफ़ असर डाला है, तो बेचना सही फ़ैसला है.

रेटिंग एक संकेत है जिसे पढ़ना ज़रूरी है, न कि कोई फ़ैसला जिस पर आंख मूंदकर अमल किया जाए. 

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ये लेख पहली बार मार्च 26, 2026 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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