फ़ंड एडवाइज़र

हमने इसे इस तरह क्यों बनाया

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र में डिज़ाइन का हर चुनाव, इस सवाल का एक सोचा-समझा जवाब है कि म्यूचुअल फ़ंड PMS को एक बुरा सौदा क्या बनाता है

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र में डिज़ाइन का हर चुनाव, इस सवाल का एक सोचा-समझा जवाब है कि म्यूचुअल फ़ंड PMS को एक बुरा सौदा क्या बनाता हैAnand Kumar

सारांशः एक PMS फ़र्म के को-फ़ाउंडर ने X पर अपने ख़ुद के स्ट्रक्चर की तारीफ़ करने वाला एक आर्टिकल शेयर किया. जवाब में निवेशक अपने कैलकुलेटर लेकर आ गए. नंबर PMS के पक्ष में नहीं थे. और इस पूरे माजरे की पड़ताल से हर उस इनवेस्टमेंट सर्विस के बारे में एक ज़रूरी बात सामने आती है, जो तब कमाती है जब आप कमाते हैं.

एक म्यूचुअल फ़ंड PMS फ़र्म के को-फ़ाउंडर ने पिछले हफ़्ते X पर एक आर्टिकल शेयर किया, जिसमें उनके अपने स्ट्रक्चर की तारीफ़ थी. जवाब में आए निवेशक अपने कैलकुलेटर लेकर आए. नंबर PMS के समर्थन में नहीं थे, बहस लंबी खिंची, और कुछ दिन बाद वो इस साल का मेरा सबसे तीखा कॉलम बन गया. अख़बार में हेडलाइन थी - "The compounding killers."

वहां काम था, एक आम पाठक के लिए एक मार्केटिंग की तिकड़म की हवा निकालना. यहां, Mutual Fund Insight के पाठकों के सामने, काम उसका उलटा है. जितना सीधे हो सके, यह बताना कि हमारी सर्विस का आकार ऐसा क्यों है.

असल में, Value Research Fund Advisor के हर डिज़ाइन फ़ैसले के पीछे उन्हीं बातों को नकारना है, जो Mutual Fund PMS को इतना घटिया सौदा बनाती हैं.

तीन समस्याओं में से पहली और सबसे सीधी है - लागत. एक डायरेक्ट म्यूचुअल फ़ंड पहले से ही इक्विटी फ़ंड के लिए 0.5 से 1 प्रतिशत सस्ता होता है. PMS उसके ऊपर बैठता है और अपनी फ़ीस जोड़ता है - अक्सर एक थ्रेशहोल्ड से ऊपर के रिटर्न पर 10 या 20 प्रतिशत प्रॉफ़िट शेयर के रूप में. अगर पोर्टफ़ोलियो सालाना 12 से 14 प्रतिशत कमा रहा है, तो इससे मैनेजर को रिटर्न के दो से तीन प्रतिशत पॉइंट मिल जाते हैं. एक करोड़ रुपये के कॉर्पस पर अगर यह बोझ 20 साल तक कंपाउंड हो, तो इसे चुकाने और न चुकाने का फ़र्क़ क़रीब ₹3 करोड़ तक पहुंच जाता है. इसके लिए किसी निवेश कौशल की ज़रूरत नहीं - यह फ़र्क़ तो स्ट्रक्चर में ही बना हुआ है.

दूसरी समस्या है टैक्स. जब PMS मैनेजर एक स्कीम बेचकर दूसरी ख़रीदता है, तो यह रिबैलेंसिंग आपके डीमैट अकाउंट में होती है. हर स्विच एक रिडेम्शन है. हर रिडेम्शन पर टैक्स लगता है. इसके उलट, एक डायरेक्ट म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो दशकों तक अनछुआ बैठा रह सकता है, जबकि मैनेजर स्कीम के भीतर रिबैलेंसिंग करता रहे और आपको टैक्स न लगे. PMS स्ट्रक्चर एक टैक्स के लिहाज़ से बेहतर विकल्प को टैक्स के लिहाज़ से खराब बना देता है और यह लागत तब तक दिखती नहीं, जब तक आप हिसाब नहीं लगाते हैं. 

तीसरी और सबसे नुक़सानदेह समस्या इंसेंटिव की है. अगर मैनेजर को मुनाफ़े में हिस्सा मिले, लेकिन नुक़सान का असली जोखिम न हो, तो हितों का सही मेल नहीं बनता.

यह एकतरफ़ा दांव है. पोर्टफ़ोलियो चढ़े तो मैनेजर की मोटी कमाई, गिरे तो कुछ नहीं मिलता - लेकिन जाता भी कुछ नहीं. यह असमानता व्यवहार को आकार देती है. मैनेजर के पास शॉर्ट-टर्म परफ़ॉर्मेंस पीछा करने के, किसी सुस्त पड़े फ़ंड से बाहर निकलने के और गतिविधि दिखाने के भरपूर कारण होते हैं. एक निवेशक के तौर पर आपकी असली ताकत यह है कि जब अच्छा फ़ंड ख़राब दौर से उबर रहा हो, तब भी धैर्य बनाए रखें. लेकिन यह स्ट्रक्चर उसी धैर्य वाले व्यवहार को हतोत्साहित करता है.

यह तो रोग की पहचान हुई. अब इलाज पर आते हैं - और यही वजह है कि Value Research Fund Advisor अपने मौजूदा रूप में है.

हम एक फ़्लैट फ़ीस लेते हैं. कोई प्रॉफ़िट शेयर नहीं. किसी फ़ंड हाउस से कोई कमीशन नहीं. आपके निवेश में छुपे अपफ्रंट और ट्रेलिंग चार्जेस का कोई बकेट नहीं. Fund Advisor की साल भर की सदस्यता ₹5,000 से कम में मिल जाती है और ट्रायल ₹490 से शुरू होता है. आप ₹5 लाख लगाएं या 50 लाख - फ़ीस नहीं बदलती. यह कोई मार्केटिंग पोज़िशन नहीं है. यही एकमात्र स्ट्रक्चर है जिसमें हमारे और आपके हित एक दिशा में चल सकते हैं. आपका पोर्टफ़ोलियो बढ़े तो हम ज़्यादा नहीं कमाते, घटे तो कम नहीं. हम क्या कमाते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको हमारी सलाह रिन्यू करने लायक़ लगती है या नहीं. बस यही एकमात्र कसौटी है.

हम आपको सिर्फ़ डायरेक्ट प्लान में ट्रांज़ैक्ट करने में मदद करते हैं. किसी इक्विटी फ़ंड का डायरेक्ट प्लान रेगुलर प्लान की तुलना में हर साल एक्सपेंस रेशियो में लगभग 1 प्रतिशत बचाता है - और लंबे होल्डिंग पीरियड में यह 1 प्रतिशत काफ़ी बड़ी रक़म बन जाता है. कोई डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं, क्योंकि कोई डिस्ट्रीब्यूटर ही नहीं है. यूनिट्स सीधे आपके नाम पर, फ़ंड हाउस के पास और जब चाहें बाहर निकल सकते हैं.

सबसे ज़रूरी बात - हम आपके निवेश की कस्टडी नहीं लेते. कोई अलग डीमैट अकाउंट नहीं. आपके और आपके फ़ंड्स के बीच कोई रैपर नहीं. जब हमारे एनालिस्ट किसी स्कीम को अपग्रेड या डाउनग्रेड करते हैं, तो हम अपनी Buy, Sell, Hold और Avoid राय के ज़रिए और Analyst's Choice लिस्ट के ज़रिए बता देते हैं. फ़ैसला आपका है. अगर आप कदम उठाते हैं, तो अपने हिसाब से, टैक्स के नतीजों की पूरी जानकारी के साथ. कोई मैनेजर नहीं है जो तिमाही परफ़ॉर्मेंस नंबर दिखाने के लिए आपका पोर्टफ़ोलियो उलटता-पलटता रहे. आपका पोर्टफ़ोलियो बदलने वाले सिर्फ़ आप हो सकते हैं. और हम काफ़ी मेहनत से आपको यह न करने के लिए मनाते रहते हैं.

इसके बदले में आपको वो मशीनरी मिलती है, जो बिना मेहनत के आपको सही काम करने में मदद करती है. Portfolio Planner आपके गोल, टाइम फ़्रेम और जोख़िम क्षमता के आधार पर एक पर्सनलाइज़्ड सिफ़ारिशों का सेट तैयार करता है. Portfolio Analysis आपके पास जो भी है - एक अकाउंट में परिवार के छह सदस्यों तक का - उसे लेकर पैरामीटर दर पैरामीटर बताता है कि क्या काम कर रहा है और क्या नहीं. हमारा मासिक सेशन Fund Advisor Live, आपको सीधे मुझसे और मेरे साथियों से सवाल पूछने का मौक़ा देता है. इसे अल्फ़ा के रूप में नहीं बेचा जाता. इसे उस चीज़ के रूप में बेचा जाता है जो दशकों में निवेशक की वेल्थ असल में बढ़ाती है - और वो है अच्छी जानकारी के साथ अच्छा व्यवहार.

मैंने उस अख़बार के कॉलम का अंत यह कहकर किया था कि सही तरीक़ा यह है कि कंपाउंडिंग को अकेला छोड़ दें और इसे वही करने दें जो यह सबसे बेहतर करती है. Fund Advisor, दरअसल, उस एक वाक्य को एक सर्विस में बदलने की कोशिश है. हमने कई साल एक ऐसी सर्विस बनाने में लगाए हैं जो कंपाउंडिंग की राह में बाधा नहीं बनती और साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि आप भी ऐसा ही करें. सालाना सदस्यता एक ऐसे स्ट्रक्चर के लिए एक छोटी-सी क़ीमत है, जो अपने डिज़ाइन से ही आपके ख़िलाफ़ काम नहीं कर सकती. ₹490 का ट्रायल लें और अपना मौजूदा पोर्टफ़ोलियो लेकर आएं. आपको शायद पता चले कि आपको जिस चीज़ की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, वो आपके निवेश के ऊपर एक और चालाकी की परत नहीं थी - बल्कि उसकी ग़ैरमौजूदगी थी.

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