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सारांशः जनवरी से मई 2026 के बीच पांच बड़े इक्विटी फ़ंड्स ने कैश पोज़िशन घटाकर बाज़ार में पैसा लगाया. HDFC Flexi Cap सबसे आक्रामक रहा, जबकि Parag Parikh Flexi Cap के पास अब भी सबसे बड़ा कैश बफ़र मौजूद है. यह संकेत देता है कि कई फ़ंड मैनेजर मौजूदा वैल्यूएशन में अवसर देख रहे हैं.
बाज़ार जब टूटता है, तो नुक़सान दिखता है - लेकिन समझदार फ़ंड मैनेजर उसमें एक मौक़ा देखते हैं. जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच, Nifty 500 के 24,000 से 20,000 पॉइंट के अस्तर पर आने के साथ, देश के पांच सबसे बड़े इक्विटी फ़ंड्स ने चुपचाप अपनी कैश पोज़िशन घटाकर बाज़ार में पैसा लगाना शुरू कर दिया.
Value Research के डेटा के मुताबिक़, HDFC Flexi Cap ने सबसे आक्रामक तरीक़े से अपनी कैश पोज़िशन 15.56% से घटाकर 5.11% पर ला दी है. वहीं Parag Parikh Flexi Cap अभी भी सबसे ऊंची कैश पोज़िशन (13.57%) वाला बड़ा फ़ंड बना हुआ है - जो इशारा करता है कि उसके पास आगे भी लगाने के लिए पैसा है.
पांचों फ़ंड्स की कैश पोज़िशन (%)
कैश पोज़िशन देती है फ़ंड की स्ट्रैटेजी की संकेत
| फ़ंड | जनवरी 2026 | फ़रवरी 2026 | मार्च 2026 | अप्रैल 2026 | मई 2026 |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. Parag Parikh Flexi Cap | 18.38% | 17.51% | 17.51% | 14.63% | 13.57% |
| 2. HDFC Flexi Cap | 15.56% | 9.05% | 4.52% | 4.87% | 5.11% |
| 3. Kotak Flexi Cap | 1.92% | 1.65% | 1.68% | 2.52% | 2.54% |
| 4. SBI Focused | 11.34% | 12.34% | 10.54% | 8.47% | 8.72% |
| 5. HDFC Focused | 8.09% | 8.37% | 6.14% | 7.49% | 7.57% |
| नोटः सिर्फ़ डायरेक्ट प्लान का डेटा लिया गया है. | |||||
हर फ़ंड की कहानी
1. Parag Parikh Flexi Cap Direct
कैटेगरी: Equity: Flexi Cap | अनुमानित AUM: ₹1,41,500 करो़ड़
Parag Parikh Flexi Cap लंबे समय से अपनी ऊंची कैश पोज़िशन के लिए जाना जाता रहा है. जनवरी 2026 में इस फ़ंड की कैश पोज़िशन 18.38% थी - यानी हर छह रुपये में से एक रुपया नक़दी के रूप में रखा हुआ था. फ़रवरी और मार्च में कैश लगभग स्थिर रही (17.51%), लेकिन अप्रैल में इसमें बड़ी गिरावट आई जो 14.63% के स्तर पर रह गई और मई तक यह घटकर 13.57% पर आ गई.
नेट बदलाव क़रीब 4.81 प्रतिशत अंक का है. फ़ंड मैनेजर राजीव ठक्कर की यह रणनीति संकेत देती है कि बाज़ार की गिरावट में उन्हें चुनिंदा अवसर दिखे और उन्होंने धीरे-धीरे पैसा लगाना शुरू किया.
2. HDFC Flexi Cap Direct
कैटेगरी: Equity: Flexi Cap | अनुमानित AUM: ₹1,01,700 करोड़
अगर किसी एक फ़ंड ने कैश लगाने में सबसे आक्रामक रुख़ अपनाया, तो वो HDFC Flexi Cap है. जनवरी 2026 में 15.56% की कैश पोज़िशन और फ़रवरी में सीधे 9.05% रह गई.
मार्च में तो स्थिति और चौंकाने वाली रही - कैश घटकर मात्र 4.52% पर आ गई. यानी जनवरी से मार्च के बीच तीन महीनों में कैश पोज़िशन में 11 प्रतिशत अंक की गिरावट आई.
अप्रैल-मई में यह थोड़ी स्थिर हुई (क्रमशः 4.87% और 5.11%), जो बताता है कि अब फ़ंड मैनेजर संतोषजनक स्तर पर निवेशित हो चुके हैं और नया कैश धीरे-धीरे आ रहा है.
3. Kotak Flexi Cap Direct
कैटेगरी: Equity: Flexi Cap | अनुमानित AUM: ₹54,800 करोड़
Kotak Flexi Cap की कहानी बाक़ी फ़ंड्स से बिल्कुल अलग है. जनवरी 2026 में इसकी कैश पोज़िशन महज़ 1.92% थी - मतलब यह फ़ंड पहले से ही लगभग पूरी तरह इक्विटी में निवेशित था.
फ़रवरी-मार्च में यह और भी घटकर 1.65-1.68% पर रही. अप्रैल में एक मामूली उछाल ज़रूर देखा गया (2.52%), जो नए निवेश आने और तत्काल निवेश न हो पाने का नतीजा हो सकता है.
इस फ़ंड के फ़ंड मैनेजर की रणनीति स्पष्ट है - कैश न रखो, बाज़ार में पूरी तरह निवेशित रहो. इसलिए यहां "कैश घटाने" का कोई बड़ा अवसर था ही नहीं.
4. SBI Focused Direct
कैटेगरी: Equity: Flexi Cap | अनुमानित AUM: ₹46,700 करोड़
SBI Focused की कैश पोज़िशन में एक दिलचस्प उतार-चढ़ाव देखने को मिला. जनवरी में 11.34% से यह फ़रवरी में 12.34% पर बढ़ी - शायद फ़ंड मैनेजर ने बाज़ार की अनिश्चितता देखते हुए थोड़ा और कैश जमा किया.
लेकिन मार्च से निवेश बढ़ाने के साथ, यह आंकड़ा 10.54% और फिर अप्रैल में 8.47% रह गया. मई में हल्की रिकवरी के साथ कैश पोज़िशन 8.72% रही.
कुल मिलाकर जनवरी से मई के बीच कैश में 2.62 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है. यह एक सोची-समझी और क्रमिक निवेश की रणनीति दर्शाती है - न बहुत तेज़, न बहुत धीमी.
5. HDFC Focused Direct
कैटेगरी: Equity: Flexi Cap | अनुमानित AUM: ₹26,200 करोड़
HDFC Focused की कैश पोज़िशन में सबसे कम बदलाव देखने को मिला. जनवरी में 8.09% और फ़रवरी में थोड़ा बढ़कर 8.37% - जिससे पता चलता है कि फ़ंड मैनेजर सतर्क थे और बाज़ार को परखते हुए पैसा लगाने का सही समय देख रहे थे.
मार्च में कैश पोज़िशन घटकर 6.14% पर आई - यह सबसे बड़ा मासिक बदलाव रहा. लेकिन अप्रैल-मई में यह वापस 7.49-7.57% पर पहुंच गई.
यह उछाल बताता है कि फ़ंड में नए निवेश आए जिन्हें तुरंत लगाया नहीं जा सका. जनवरी से मई के बीच कुल बदलाव मात्र 0.52 प्रतिशत अंक का है. यह आंकड़ा इन पांचों फ़ंड्स में सबसे कम रहा.
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
फ़ंड मैनेजर्स का यह व्यवहार एक अहम संकेत है. जब बड़े-बड़े फ़ंड्स एक साथ कैश घटाना शुरू करते हैं, तो इसका मतलब है कि वे बाज़ार के मौजूदा वैल्यूएशन को आकर्षक मान रहे हैं. यह रिटेल निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है.
हालांकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि Parag Parikh Flexi Cap के पास अभी भी 13.57% कैश बचा है. Kotak Flexi cap की तरह "पूरी तरह निवेशित" रहना भी एक सोची-समझी रणनीति है. असल में हर फ़ंड मैनेजर का निवेश का अपना स्टाइल होता है.
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