वैल्यू रिसर्च से पूछें

ETF और FoF में क्या अंतर है?

धीरेंद्र कुमार से जानिए, एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड और फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स में निवेश के फ़ायदे और नुक़सान

धीरेंद्र कुमार से जानिए, एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड और फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स में निवेश के फ़ायदे और नुक़सान

सारांशः दो फ़ंड एक ही इंडेक्स को ट्रैक कर सकते हैं, फिर भी उन्हें ख़रीदने का तरीक़ा, लागत और सुविधा अलग-अलग होती है. तो ETF कब सही रहता है और कब FoF बेहतर विकल्प बनता है? धीरेंद्र कुमार इस फ़र्क़ को समझा रहे हैं.

Motilal Oswal के दो फ़ंड -Motilal Oswal NASDAQ 100 Exchange-Traded Fund और Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF-  NASDAQ 100 को ट्रैक करते हैं. इन दोनों फ़ंड्स में क्या फ़र्क़ है और मुझे किसमें निवेश करना चाहिए? – प्रवीण

एक एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड (ETF) सिक्योरिटीज़ की एक बास्केट होती है जो किसी इंडेक्स को ट्रैक करती है और शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होती है. वहीं, एक फ़ंड ऑफ फ़ंड्स (FoF) एक म्यूचुअल फ़ंड होता है जो सीधे स्टॉक्स में नहीं, बल्कि दूसरे फ़ंड्स में निवेश करता है. इसी फ़र्क़ को ध्यान में रखते हुए एक पाठक का सवाल आया है.

आपने जिन दोनों फ़ंड्स का ज़िक्र किया है, उनमें संबंधित इन्वेस्टमेंट एक ही है. ETF ख़रीदने के लिए स्टॉकब्रोकर के पास जाना पड़ता है और एक डीमैट अकाउंट खोलना होता है, फिर ऑर्डर प्लेस करना होता है और ब्रोकर निवेशक के लिए ETF यूनिट्स ख़रीदता है. ETF स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं, इसलिए इन्हें कभी भी ख़रीदा जा सकता है. लेकिन क़ीमत बदलती रहती है और यह NAV (net asset value) से ज़्यादा या कम हो सकती है.

Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF की बात करें तो यह सिर्फ़ Motilal Oswal NASDAQ 100 Exchange Traded Fund में निवेश करता है. लेकिन इसे एक ओपन-एंडेड फ़ंड की तरह यानी उस दिन के NAV पर ख़रीदा जा सकता है.

Motilal Oswal NASDAQ 100 Exchange Traded Fund एक अच्छा फ़ंड है. लेकिन जब यह लॉन्च हुआ था, तब निवेशकों के लिए इसे ख़रीदना मुश्किल हो गया था, क्योंकि यह प्रीमियम पर मिल रहा था और NAV के क़रीब क़ीमत पर ख़रीद पाना संभव नहीं था.

ETF का फ़ायदा यह है कि इसका ख़र्च कम होता है, लेकिन इसे ख़रीदना थोड़ा मुश्किल होता है और इसके लिए ब्रोकर की ज़रूरत पड़ती है. दूसरी तरफ़, FoF एक ओपन-एंडेड फ़ंड होने की वजह से आसानी से ख़रीदा जा सकता है और इसमें SIP भी की जा सकती है. इसका नुक़सान यह है कि इसका एक्सपेंस रेशियो ज़्यादा होता है, क्योंकि इसमें संबंधित (अंडरलाइंग) फ़ंड की फ़ीस भी शामिल हो जाती है.

अभी भी तय नहीं कर पा रहे कि आपके लिए कौन-सा विकल्प सही रहेगा?

Value Research Fund Advisor रिसर्च पर आधारित फ़ंड रेकमेंडेशन और रेडी-टू-यूज़ पोर्टफ़ोलियो के ज़रिए आपकी इस उलझन को दूर करता है, ताकि आप पूरे भरोसे के साथ निवेश कर सकें. आज ही Value Research Fund Advisor को सब्सक्राइब करें और एक्सपर्ट गाइडेंस से अपने निवेश के फ़ैसले लें.

आज ही Fund Advisor एक्सप्लोर करें

यह भी पढ़ेंः लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड्स का सही मिक्स क्या है?

ये लेख पहली बार जून 12, 2026 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

आपका REIT 6% रिटर्न देता है. लेकिन आपको शायद सिर्फ़ 2% मिल रहा है

पढ़ने का समय 3 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

RBI डॉलर डिपॉज़िट पर NRI को दे रहा 7% तक ब्याज

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

इस महीने 6 इक्विटी फ़ंड्स की रेटिंग में हुआ सुधार

पढ़ने का समय 6 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

जिन लोगों को थर्ड-पार्टी SIPs से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता, यह नियम उन लोगों के लिए नहीं बनाया गया है

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी