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इन गलतियों से बचे तो कमा लेंगे मुनाफा

निवेश के जरिए पूंजी बढ़ाना चाहते हैं तो बहुत कुछ करने के बजाए कुछ खास चीजें न करना बेहद जरूरी है

निवेश के जरिए पूंजी बढ़ाना चाहते हैं तो बहुत कुछ करने के बजाए कुछ खास चीजें न करना बेहद जरूरी है

हम पिछले काफी समय से कहते रहे हें कि अगर आप निवेश के जरिए बड़ी रकम बनाना चाहते हैं तो इक्विटी में निवेश को नजरअंदाज नहीं कर सकते। फिर भी कुछ निवेशक पूछते रहते हैं कि कि चढ़ते बाजार से अधिक‍तम फायदा उठाने के लिए मुझे कहां निवेश करना चाहिए ?

इस सवाल का बहुत सीधा और ईमानदार जवाब यह है कि हम नहीं जानते। और शायद किसी को भी इस सवाल का जवाब नहीं पता होगा। इस तरह के सवाल के साथ दो समस्‍याएं हैं। पहला, सवाल पूछने वाला व्‍यक्ति एक तरह की गारंटी चाहती है और दूसरा, वे अधिकतम फायदा चाहते हैं। जितना ज्‍यादा फायदा संभव हो। तो अगर ऐसे निवेशक बाजार में तेजी के दौर में 10 फीसदी मुनाफा कमा लेते हैं और बाद में उनको लगता है कि वे किसी और तरीके से 12 फीसदी मुनाफा कमा सकते थे तो वे अपने आपको असफल मानने लगते हैं और जिसने उनको सलाह दी उसे निरा मूर्ख समझने लगते हैं।
अब हम पहले यह समझ लें कि पूंजी को बढ़ाने लिए निवेश का मतलब क्‍या है ? आसान शब्‍दों में कहें तो इसका मतलब है कि पूंजी बढ़ाने के लिए लंबी अवधि का निवेश। आप बिजनेस में दो तरह से निवेश कर सकते हैं। पहला तरीका यह है कि आप पैसा उधार देकर निवेश करें और दूसरा तरीका है कि आप बिजनेस या कंपनी का एक हिस्‍सा खरीद लें। जब आप किसी बिजनेस को पैसा उधार देते हैं तो यह तय होता है कि आपको अधिकतम कितना रिटर्न मिलेगा। लेकिन आपको कितना कम रिटर्न मिलेगा या कितना नुकसान होगा यह तय नहीं होता है। इसका मतलब है कि आपसे जितने रिटर्न का वादा किया गया है आपको उससे ज्‍यादा नहीं मिलेगा लेकिन अगर बिजनेस फेल हो गया तो आपको पूंजी का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। जब आप डेट फंड यानी फिक्‍स्ड इनकम सिक्‍योरिटीज में निवेश करते हैं तो ऐसा ही होता है।
वहीं जब आप कोई बिजनेस या कंपनी में एक हिस्‍सा खरीदते हैं तो इसका मतलब है कि आप उस कंपनी के एक हिस्‍से के ओनर हैं और कंपनी का बिजनेस बढ़ने पर आपको भी इसका बराबर का हिस्‍सा मिलता है। जब कंपनी अच्‍छा प्रदर्शन करती है और स्‍टॉक मार्केट में कंपनी की वैल्‍यूएशन बढ़ जाती है तो आप कंपनी ओनर के साथ इस ग्रोथ को साझा करते हैं। यानी कंपनी की ग्रोथ में आपको हिस्‍सा मिलता है और कंपनी को नुकसान होने पर आपको भी नुकसान उठाना पड़ता है।

ग्रोथ के लिए निवेश और इनकम के लिए निवेश में यह अहम अंतर है। यह अंतर वैसा ही जैसे अपने बिजनेस में निवेश करना या दूसरे के बिजनेस के लिए पैसा उधार देना। यह तो साफ है कि किसी भी सूरत में बिजनेस ओनर पैसा उधार देने वाले से ज्‍यादा पैसा कमाएगा।
अब सवाल यह है कि आप इस जानकारी को अमल में कैसे लाते हैं। आम तौर चढ़ते बाजार में निवेशक खरीदने की गलती ज्‍यादा करते हैं न कि बेचने की। निवेशक या तो बेचता है या खरीदता है। चढ़ते बाजार में आप बेचते हैं क्‍योंकि मुनाफा कमाना चाहते हैं। तो सबसे खराब बात यह हो सकती है कि आप जितना संभव था उससे कुछ कम मुनाफा कमाएं। लेकिन इस बात की संभावना अधिक है कि आप ऐसा कुछ खरीद लें जो महंगा हो या आप कुछ ऐसा खरीद लें जिसे आपको नहीं खरीदना चाहिए और बाद में पछताना पड़े।

बाजार में गिरावट आने पर इसका उलटा होता है। गिरते बाजार में अक्‍सर निवेशक निवेश बंद कर देते हैं और कुछ निवेशक तो नुकसान से बचने के लिए निवेश बेच देते हैं। इससे इक्विटी में लंबी अ‍वधि में निवेश बनाए रखने से जो फायदा हो सकता था वे उसे गवां देते हैं। संभावित फायदे के बजाए बजाए वे नुकसान को ज्‍यादा अहमियत देते हैं। बाजार गिरने पर उस समय उनके निवेश की कीमत जरूर गिर जाती है लेकिन यह नुकसान असल में नहीं होता है जब तब कि वे अपने निवेश को बेच न दें। फिर से बाजार चढ़ने पर उनके नुकसान की भरपाई भी हो जाती है।

बाजार में निवेश की बात करते समय आपको ऐसी कुछ चीजों की लिस्‍ट बना लेनी चाहिए जो आपको बिल्‍कुल नहीं करनी है। हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो आपके काम की साबित हो सकती हैं।

1 -नहीं समझते तो न खरीदें
निवेश के लिए कुछ भी खरीदने से पहले यह समझें कि यह काम कैसे करता है और इसे क्‍यों खरीद रहे हैं। अगर आपके पास इसके लिए समय या समझ नहीं है तो किसी पेशेवर की सेवा लें। आपको म्‍युचुअल फंड खरीदना चाहिए। किसी पेशेवर की सेवा लेने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन आपको यह पता होना चाहिए कि आप क्‍या कर रहे हैं।

2- सिर्फ प्रदर्शन के पीछे न भागें
अगर हाल के समय के प्रदर्शन के आधार पर फंड खरीद लेते हैं तो इसका नतीजा यह होगा कि फंड जब अपने उच्‍चतम स्‍तर पर था तो आपने खरीद लिया और जब फंड गिरेगा तो आप निराश होकर फंड बेच देंगे। इसके बजाए आपको ऐसा फंड चुनना चाहिए जिसने बाजार की तेजी और गिरावट दोनों तरह के समय में अच्‍छा प्रदर्शन किया हो और अपने आपको साबित किया हो।

3-जोखिम को हल्‍के में न लें
अक्‍सर लोग नुकसान से बचने के लिए बड़ा जोखिम ले लेते हैं वहीं मुनाफे के लिए या मुनाफे की संभावना को गवांने से बचने के लिए उतना जोखिम नहीं ले पाते हैं। आप को इस बात को समझना होगा कि आप कितना जोखिम ले रहे हैं और इस जोखिम से कितना फायदा या नुकसान हो सकता है।

4- बाजार में मौकापरस्‍ती ठीक नहीं
अगर आप बाजार चढ़ने के समय निवेश करेंगे और गिरावट के समय निवेश बेच देंगे तो आपको इससे कुछ खास मुनाफा नहीं होगा। आप बाजार में इस तरह से निवेश करें कि गिरावट या तेजी का आपके लिए कोई मतलब न रहे। इसका एक आसान तरीका है। आप सिस्‍टमेटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी एसआईपी के जरिए नियमित तौर पर एक तय राशि निवेश करें। इससे आपको बाजार चढ़ने या गिरने की चिंता नहीं करनी होगी।
5- खराब फंड न रखें
निवेश करते हुए हम अक्‍सर खराब शेयर या फंड खरीद लेते हैं। जब भी आपको पता चले कि यह खराब निवेश है तो इसे बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है। हालांकि आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि सिर्फ थोड़ा कम रिटर्न देने की वजह से कोई फंड खराब नहीं हो जाता है।

6-चढ़ते बाजार में मौका
जब बाजार चढ़ता है तो निवेशक को लगता है कि यार अगर पहले निवेश किया होता तो अब मुनाफा कमा रहा होता। ऐसे में वह कुछ भी अच्‍छा खरीद लेता है क्‍योंकि वह चढ़ते बाजार में मुनाफे का मौका फिर से नहीं गवांना चाहता है। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। लोग चढ़ते हुए बाजार में निवेश करके सबसे ज्‍यादा पैसा गवांते हैं। आपको ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि पैसा कमाने का मौका गवां दिया। इसके बजाए आपको अगले मौके का फायदा उठाने की तैयारी करनी चाहिए।

ये लेख पहली बार अक्तूबर 21, 2019 को पब्लिश हुआ.

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