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हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस खरीदने का वादा......

हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस खरीदे बिना निवेश शुरू करना तलवार की धार पर चलने जैसा है

कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात एक दोस्‍त से हुई। हम पहले साथ काम कर चुके हैं। हाल चाल के बाद मैंने पूछा और आप की एसआईपी कैसी चल रही है। मुझे पता था कि वह पिछले कई सालों से एसआईपी के जरिए म्‍युचुअल फंड में निवेश कर रहा है। उसने बताया कि वह न सिर्फ एसआईपी में नियमित तौर पर निवेश रहा है बल्कि वह एसआईपी की रकम में हर साल इजाफा भी कर रहा है।

निवेश के लिहाज से यह बहुत अच्‍छी बात थी। फिर उसके परिवार से जुड़ी दूसरी बातें हुईं। मुझे यह जानकर थोड़ा झटका लगा कि उसने अब भी अपने लिए कोई हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर नहीं खरीदा है। जबकि जल्‍द ही वह 40 की एज ग्रुप में शामिल होने वाला है। वह अब भी ऑफिस की ओर से मिले हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर पर निर्भर है। ऑफिस का कवर मौजूदा समय में मेट्रो शहरों में इलाज के खर्च के लिहाज से बहुत कम है। मैंने इस पर उसकी खिंचाई भी की। और उसने एक बार फिर जल्‍द ही हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस खरीदने का वादा किया। ऐसा वादा वह मुझसे सालों पहले भी कर चुका था।

यह कहानी मेरे दोस्‍त की ही नहीं है। आपको ऐसे लोग हर ऑफिस में या आस-पास मिल जाएंगे। ऐसे लोग बचत भी करते हैं निवेश भी करते हैं लाखों रुपए का फ्लैट भी होम लोन लेकर खरीद लेते हैं लेकिन हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस नहीं खरीदते हैं। और अगर खरीदते भी हैं तो हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर की रकम जरूरत के हिसाब से काफी कम होती है।

तलवार की धार पर पर चल रहे हैं आप

मान लेते हैं कि आप पिछले कुछ सालों से निवेश्‍र कर रहे हैं और आपने 5 या 10 लाख रुपए बाजार में निवेश किए हैं। अब अगर आपके पास हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर नहीं है और आपको या परिवार के किसी सदस्‍य को मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ जाए तो क्‍या होगा। दिल्‍ली और मुंबई जैसे शहरों में इलाज का खर्च इतना अधिक है कि डेंगू जैसी बीमारी में भी लाखों का खर्च आ जाता है। और किसी गंभीर बीमारी में इलाज का औसत खर्च भी 10 से 20 लाख रुपए तक हो सकता है। ऐसे में आप खुद समझ सकते हैं कि हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर खरीदे बिना निवेश का का क्‍या मतलब है। ऐसी स्थिति में आपके पास अपनी निवेश की रकम निकाल कर खर्च करने के अलावा आपके पास शायद ही कोई विकल्‍प होगा। और आपको बचत और निवेश के मोर्चे पर फिर से नए सिरे से शुरूआत करनी होगी।

हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर का नहीं है विकल्‍प

आपको हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम महंगा लगे या सस्‍ता। मौजूदा समय में चाहे आप छोटे शहर में रह रहे हैं या बड़े शहर में आपके पास हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर का कोई विकल्‍प नहीं है। खास कर तब तक जब तक कि सरकार सबके लिए कोई यूनीवर्सल हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम लेकर न आए। एक 35 से 40 साल के उम्र का स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति जिसके परिवार में पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं सालाना लगभग 15 हजार रुपए के प्रीमियम में 5 लाख रुपए रुपए का हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर पा सकता है।


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