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इक्विटी इन्‍वेस्‍टमेंट: बढ़ी ब्‍याज दरों का असर

भारतीय रिज़र्व बैंक के रेपो-रेट बढ़ाने के फैसले ने चौंका दिया. यही मार्केट में बड़ी गिरावट का कारण बना. आपके इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर इसका क्या असर होगा

भारतीय रिज़र्व बैंक के रेपो-रेट बढ़ाने के फैसले ने चौंका दिया. यही मार्केट में बड़ी गिरावट का कारण बना. आपके इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर इसका क्या असर होगा

भारतीय रिजर्व बैंक ने कल रेपो रेट में 0.40 प्रतिशत इजाफा किया है और इसकी वजह से इक्विटी मार्केट में 2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि ब्‍याज दरों की साइकल में बदलाव का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन अचानक दरों में वृद्धि की घोषणा मार्केट के लिए चौकाने वाली रही है. क्‍या पॉलिसी के इस बदलाव से आपको अपने इक्विटी पोर्टफ़ोलियो में कोई बड़ा कदम उठाने की जरूरत है? हम पहले के भारतीय रिजर्व बैंक के ब्‍याज दरों में बदलाव के लिहाज से उठाए गए कदमों से कुछ संकेत ले रहे हैं. क्‍या हुआ है 4 मई को रिजर्व बैंक के गवर्नर ने तत्‍काल प्रभाव से ब्‍याज दरों में 40 बेसिस प्‍वाइंट की वृद्धि की घोषणा की है. उन्‍होंने इसके लिए लगातार बढ़ रहे महंगाई के दबाव को प्रमुख रूप से जिम्‍मेदार बताया. निश्चित तौर पर, महंगाई चिंता की वजह बन गई है क्‍योंकि ये महीनों से रिजर्व बैंक के कम्‍फ़र्ट जोन यानी 2-6 प्रतिशत से ऊपर चल रही है. लेकिन ऐसी क्‍या चीज है जो महंगाई को इस स्‍तर पर ले गई है? इकोनॉमिक्‍स के फ़ंडामेंटल्‍स हमें बताते हैं कि महंगाई तब बढ़ती है जब बहुत ज्‍यादा रक़म काफी कम चीजों

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