बजट स्पेशल

बजट 2023 और आपका पैसा

आइये देखते हैं कि इस बजट में क्‍या खास बदलाव किए गए हैं

आइये देखते हैं कि इस बजट में क्‍या खास बदलाव किए गए हैं

ये भारत के अमृतकाल का पहला बजट है। बजट 2023 से मार्केट काफी जोश में दिख रहा है। इसने पूंजीगत खर्च की योजनाओं को मजबूती दी है और कई तरह के दबाव के बावजूद वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है।

बजट में नया टैक्स रेजीम खास तौर पर ध्यान खींचता है। बजट में मिडिल क्लास को नए टैक्स रेजीम की ओर ले जाने का प्रयास दिखता है। नए टैक्स सिस्टम में मिडिल क्लास के लिए कुछ फ़ायदे हैं लेकिन ये इन्श्योरेंस प्लान खरीदने और टैक्स सेविंग ऑप्शंस में निवेश करने की अहमियत को नजर अंदाज करता है। टैक्स सेविंग ऑप्शन में निवेश के जरिए लंबे समय में बड़ी रक़म बनाने में मदद मिलती है।

इस साल के बजट ने इन्श्योरेंस से लेकर गोल्ड और गारंटीड रेग्युलर इनकम ऑप्शंस के लांच तक कवर किया है। पेश है बजट 2023- 24 का रीकैप:

रिबेट लिमिट बढ़ी

- सेक्शन 87 ए के तहत रिबेट की लिमिट बढ़ा कर 5 लाख रुपये से 7 लाख रुपये कर दी गई है। इसका फायदा नए टैक्स सिस्टम को अपनाने वालों को ही मिलेगा।
-इसका मतलब है कि एक फाइनेंशियल ईयर में 7 लाख रुपये तक कमाने वालों को (डिडक्शन एडजस्ट करने के बाद) कोई टैक्स देने की जरूरत नहीे है।

टैक्स स्लैब कम हुए

बजट 2023 & आपका पैसा

नए टैक्स स्ट्रक्चर में स्लैब्स की संख्या 6 से घटा कर 5 कर दी गई है।

स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नए टैक्स रेजीम में भी मिलेगा

सैलरीड क्लास और पेंशनर्स को मिलने वाले स्टैंडर्ड डिडक्शन (50,000 रु) का फायदा अब नया टैक्स रेजीम अपनाने वालों को भी मिलेगा।

सरचार्ज कम हुआ
नए टैक्स स्ट्रक्चर में 5 करोड़ रु से अधिक इनकम पर सरचार्ज रेट 37 प्रतिशत से घटा कर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि 2 करोड़ रु से अधिक की इनकम पर अधिकतम सरचार्ज रेट अब 25 प्रतिशत होगा।

रिटायर हो रहे गैर सरकारी कर्मचारियों को राहत

गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट के लिए टैक्स छूट की लिमिट 3 लाख रु से बढ़ा कर 25 लाख रु कर दी गई है।
इससे रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए उनके पास थोड़ी अधिक रकम बचेगी।

महिलाओं के लिए सेविंग स्कीम

महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट लांच किया गया है। इसे महिला सम्मान बचत पत्र भी कहा जा रहा है।

-ये वन टाइम स्माल सेविंग स्कीम है।
-स्कीम में अप्रैल 2023 और मार्च 2025 के बीच निवेश किया जा सकता है।
-महिलाएं अधिकतम 2 लाख रुपये जमा करा सकती हैं
-ब्याज दर: 7.5 प्रतिशत
- इन्वेस्टमेंट टेन्योर: 2 साल
-आंशिक विद्ड्रॉअल की अनुमति है
SCSS लिमिट बढ़ी: स्वागत योग्य कदम

-इंडीविजुअल सब्सक्राबइर्स: जमा की लिमिट को 15 लाख रु से बढ़ा कर 30 लाख रु कर दिया गया है।
-अगर आप अपनी पत्नी के साथ संयुक्त रूप से निवेश करते हैं तो लिमिट दोगुनी यानी 60 लाख रु हो गई है।

-SCSS सालाना 8 प्रतिशत ब्याज दे रही है। सीनियर सिटीजंस के लिए ये एक आकर्षक ऑप्शन है।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम सीलिंग बढ़ी
- सिंगल अकाउंट होल्डर्स के लिए अधिकतम डिपॉजिट लिमिट 4.5 लाख रुपये से बढ़ा कर 9 लाख रुपये कर दी गई है।
-ज्वाइंट अकाउंट के लिए लिमिट 9 लाख रु से बढ़ा कर 15 लाख रु कर दी गई है।
-ब्याज सालाना 7.1 पतिशत, भुगतान मासिक।
PMVVY पर सन्नाटा

-दिलचस्प बात है कि बजट में प्रधानमंत्री वय वंदन योजना का कोई उल्लेख नहीं है।
- इसका कोई ये मतलब भी नहीं निकाल सकता है कि ये रिटायरमेंट स्कीम 31, मार्च, 2023 से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

महंगी इन्श्योरेंस पॉलिसी को झटका
-5 लाख रु से अधिक प्रीमियम वाली इन्श्योरेंस पॉलिसी से इनकम पर अब टैक्स देना होगा।
- 31 मार्च, 2023 से पहले जारी हुई पॉलिसी के लिए और डेथ बेनेफिट के तौर पर मिली रकम के लिए ये लागू नहीं होगा।
- इससे लोग ऊंचे प्रीमियम वाली पारंपरिक बीमा पॉलिसी के बजाए टर्म इन्श्याेरेंस खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। लेकिन यूलिप से सतर्क रहें।

दूसरे बदलाव पर एक नजर

- नया टैक्स रेजीम अब डिफॉल्ट ऑप्शन होगा।
-ITR फॉर्म में और सुधार किया जाएगा।
-फिजिकल गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को फिजिकल गोल्ड में बदलने पर कोई कैपिटल गेन्स नहीं लगेगा।
सेक्शन 54 और 54 एफ के तहत रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन के लिए 10 करोड़ कैपिटल गेन्स के डिडक्शन पर कैप
- गैर पैन मामलों के लिए ईपीएफ की रकम के लिए टीडीएस 30 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
-मौजूदा फाइनेंशियल सेक्टर रेग्युलेशंस का 360 डिग्री रिव्यू। जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक विचार विमर्श का विकल्प
-क्लेम न किए गए शेयर और अनपेड डिवीडेंड को आसानी से रिकवर करने के लिए पोर्टल बनाया जाएगा।

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