
1. पहली अप्रैल से बदलेगा NPS का नियम
पेंशन फ़ंड रेग्युलेटर PFRDA ने 1 अप्रैल, 2023 से नेशनल पेंशन सिस्टम के सब्सक्राइबर्स के लिए कुछ डॉक्युमेंट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है. इससे NPS से निकलने के बाद एन्युटी पेमेंट में तेज़ी आएगी और ये ज़्यादा आसान हो जाएगा. PFRDA ने IRDAI के साथ मिलकर एन्युटी ख़रीदने का प्रोसेस पहले ही आसान बना दिया है.
इसके तहत, NPS यूजर्स को पैसे निकालने के लिए विड्रॉल फॉर्म, पहचान और एड्रेस प्रूफ, बैंक अकाउंट और PRAN आदि की कॉपी देनी होगी.
ऐसे आसान हुआ एन्युटी खरीदनाः दरअसल, अब एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर (ASPs) अब उसी NPS विड्रॉल फॉर्म को इस्तेमाल करेंगी, जो सब्सक्राइबर्स एन्युटी जारी करने के लिए नोडल ऑफिसेज/POP में एग्जिट के समय उपलब्ध कराएंगे. एनपीएस से एग्जिट होने और ASP से एन्युटी खरीदने के लिए एक कॉमन प्रपोजल से एकमुश्त दिए जाने वाले पैसे और एन्युटी की समानांतर यानी एक साथ प्रोसेसिंग सुनिश्चित होगी.
2. फ़ाइनेंशियल बिज़नस को डिमर्ज करने की तैयारी में RIL
दो मई को शेयर-होल्डर्स की मीटिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज़, अपने फ़ाइनेंशियल सर्विस के बिज़नेज को demerge करने की तैयारी में है. इस पर विचार करने के लिए लेंडर्स और शेयर-होल्डर्स की मीटिंग होगी. माना जा रहा है कि ऐसा होने पर NBFC सेक्टर में एक नई और बड़ी कंपनी आ जाएगी. प्लान के मुताबिक़, इस demerger के साथ RIL के शेयर-होल्डर को नई कंपनी का एक शेयर मिलेगा.
3. दलाल स्ट्रीट में आज 4 IPO का आगाज़
राम नवमी की छुट्टी के बाद शुक्रवार, 31 मार्च को SME सेगमेंट के प्राइमरी मार्केट में चार IPO सब्सक्रिप्शन खुलने जा रहे हैं. ये चारों कंपनियां बाज़ार से ₹100 करोड़ से ज़्यादा जुटाएंगी. इन कंपनियों में MOS Utility और Infinium Pharmachem के इशू, NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लॉन्च होने जा रहे हैं. दो दूसरे इशू Exhicon Events Media Solutions और Sancode Technologies, BSE SME सेगमेंट पर खुलेंगे.
SME IPO क्या हैः नाम से पता चलता है, SME IPO का मतलब है छोटे और मझोले आकार के बिज़नस के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग. कंपनियां इसके ज़रिये पैसा जुटाने के लिए बाजार का रुख कर सकती हैं. हालांकि, इसके लिए कई रेग्युलेटरी कंप्लायंस की जरूरत होती है. जो इस प्रकार हैं...
(1). SME के पास ₹3 करोड़ या उससे अधिक की पेडअप कैपिटल होनी चाहिए.
(2). कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट में किसी भी असाधारण आय को छोड़कर कम से कम दो पिछले तीन फाइनेंशियल वर्षों के लिए प्रॉफ़िट दिखाया जाना चाहिए.
(3). SME IPO के लिए न्यूनतम ट्रेडिंग लॉट की कीमत, मात्रा और अधिक के आधार पर 100 से 10,000 शेयर होनी चाहिए. इसमें समय-समय पर बदलाव होता रहता है.
4. SEBI ने इंटरनेशनल फ़ंड्स के NAV डिसक्लोज़र की टाइम लिमिट बदली
SEBI ने time zone और market hours में अंतर होने के कारण विदेशों में निवेश करने वाली म्यूचुअल फ़ंड स्कीमों की नेट एसेट वैल्यू के डिसक्लोज़र के लिए नई समय सीमा पेश की है. इसमें, म्यूचुअल फ़ंड्स के लिए दी गई टाइम लिमिट के भीतर सभी स्कीमों के NAV का ख़ुलासा करना ज़रूरी हो गया है. नई टाइम-लाइन पहली जुलाई, 2023 से प्रभावी हो जाएगी.