मार्केट वायर

ग्रोथ के रास्ते पर सीमेंट सेक्टर

सीमेंट सेक्टर एक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अच्छा पैमाना है. क्या भारत की सीमेंट इंडस्ट्री में और जान आने लगी है? इस स्टोरी में हम इसी सवाल की का जवाब तलाश रहे हैं.

सीमेंट सेक्टर एक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अच्छा पैमाना है. क्या भारत की सीमेंट इंडस्ट्री में और जान आने लगी है? इस स्टोरी में हम इसी सवाल की का जवाब तलाश रहे हैं.

back back back
2:47

कच्चे माल और एनर्जी की बढ़ती लागत से जूझने के बाद, सीमेंट इंडस्ट्री को फ़ाइनेंशियल ईयर 2023 के शुरू के छह महीने कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

हालांकि, दूसरी छमाही में हालात काफ़ी बदल गए. सीमेंट कंपनियों ने फ़ाइनेंशियल ईयर 2023 की आखिरी तिमाही (मार्च 2023 तक) में टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों आंकड़ों में ख़ासी ग्रोथ दर्ज की.

पिछली तिमाही की तुलना में जनवरी-मार्च, 23 तिमाही में परफॉर्मेंस

JK सीमेंट्स का नेट प्रॉफ़िट लगभग तीन गुना हुआ

कंपनी रेवेन्यू ग्रोथ (%) PAT* ग्रोथ (%)
अल्ट्राटेक सीमेंट 20.2 57.5
अंबुजा सीमेंट्स 0.7 57.6
JK सीमेंट्स 14.2 197.3
श्री सीमेंट 18.6 86.4
द रैम्को सीमेंट्स 28.5 129.9
PAT- टैक्स के बाद प्रॉफिट

टर्न-अराउंड में मदद करने वाले फ़ैक्टर

ज़बरदस्त मांग
बड़ी सीमेंट कंपनियों ने कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन में ग्रोथ दर्ज की, जिसके संकेत इंडस्ट्री की मांग से भी मिलते हैं. इंफ़्रास्ट्रक्चर, रेज़िडेंशियल और कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर में बहुत मांग रही.

इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक ने चौथी तिमाही में 94 फ़ीसदी कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन (15 तिमाही में सबसे ज़्यादा) हासिल किया, जो तीसरी तिमाही में 82 फ़ीसदी के स्तर को पार कर गया. मार्च 2023 में, अल्ट्राटेक ने रिकॉर्ड 100 फ़ीसदी कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन हासिल किया.

पेटकोक की क़ीमतों में गिरावट
इस इंडस्ट्री के लिए एक ज़रूरी रॉ मैटेरियल माने जाने वाले पेटकोक की कीमत फ़ाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में ऊपरी स्तरों पर थीं, जिससे प्रॉफ़िट मार्जिन पर असर पड़ा. हालांकि, बेहतर सप्लाई के चलते चौथी तिमाही में इसकी कॉस्ट में 25 फ़ीसदी की गिरावट आई.

इसके अलावा, कई कंपनियों को बिजली और ईंधन खर्च में भी कमी का फ़ायदा मिला, जो एक बड़ी इनपुट कॉस्ट होती है.

ये भी पढ़िए- Mutual Funds: नए निवेशक कैसे चुनें बेस्ट फ़ंड?

एफ़िशिएंसी में बढ़ोतरी
जैसे-जैसे क़ीमतें गिरी और मांग मज़बूत होती गई और तिमाही के दौरान पूरी एफ़िशिएंसी में सुधार हुआ. सभी कंपनियों ने अपने EBITDA प्रति टन में ग्रोथ दर्ज की, जिससे उनके ऑपरेटिंग मार्जिन में काफ़ी सुधार हुआ.

प्रति टन EBITDA

अंबुजा सीमेंट्स में दिखा सबसे ज़्यादा सुधार

कंपनी Q4 FY23 (₹) Q3 FY23 (₹) QoQ बदलाव (%)
अल्ट्राटेक सीमेंट 1088 952 14.2
अंबुजा सीमेंट्स 1079 829 30.2
JK सीमेंट्स 771 596 29.3
श्री सीमेंट 1011 881 14.8
द रैम्को सीमेंट्स 917 823 11.4
EBITDA यानी इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से से पहले अर्निंग्स

ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार

अंबुजा सीमेंट्स के मार्जिन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई

कंपनी Q4 FY23 (%) Q3 FY23 (%)
अल्ट्राटेक सीमेंट 14.4 11.2
अंबुजा सीमेंट्स 14.7 10.1
JK सीमेंट्स 9.3 6.1
श्री सीमेंट 11 10.7
द रैम्को सीमेंट्स 11 7.8

इन सकारात्मक घटनाक्रमों का इन कंपनियों के शेयर के दाम पर पहले से असर दिखने लगा है.

शेयर का एक साल का रिटर्न

JK सीमेंट्स को हुआ सबसे ज़्यादा फ़ायदा

कंपनी 1Y रिटर्न (%)
अल्ट्राटेक सीमेंट 46.7
अंबुजा सीमेंट्स 17.2
JK सीमेंट्स 50
श्री सीमेंट 26.5
द रैम्को सीमेंट्स 45.4

ये ट्रेंड जारी रहेगा?
भले ही अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन सभी सीमेंट कंपनियों का मैनेजमेंट आगे के लिए उम्मीदें जगा रहा है. देश में कैपिटल एक्सपेंडिचर के हाई लेवल और प्रमुख कच्चे माल की क़ीमतों में भारी गिरावट को देखते हुए, वे मार्जिन के मौजूदा लेवल के बने रहने की उम्मीद करते हैं.

हालांकि, ये ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये उम्मीदें मौजूदा हालात के चलते हैं, और इसकी कोई गारंटी नहीं है कि हालात ऐसे ही बने रहेंगे.

ये भी पढ़िए- STOCKS: क्या पिछला परफ़ॉर्मेंस देख कर इन्वेस्ट करना चाहिए?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

पांच इंटरनेशनल फ़ंड खुले, Nasdaq 100 ETF अपनी वैल्यू के क़रीब पहुंचा

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

आपका शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गया, अब क्या करें?

पढ़ने का समय 5 मिनट•अभिनव गोयल

सोलर पंप कंपनियों की ग्रोथ कहां अटक गई?

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

गिरावट कमज़ोर इनकम प्लान की पोल खोल देती है, क्या आपका प्लान सुरक्षित है?

पढ़ने का समय 2 मिनट•आशुतोष गुप्ता

Ola Electric vs Ather Energy: एक की फ़ैक्ट्री ख़ाली, दूसरे के पास ख़रीदारों की कतार

पढ़ने का समय 6 मिनट•Ananya Khurana

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

दूसरी कैटेगरी