लर्निंग

Multibagger Stock: बड़ी कंपनी देगी कई गुना मुनाफ़ा?

लार्ज-कैप मल्टीबैगर नहीं बन सकते, आइए देखते हैं कितनी सही है ये बात.

लार्ज-कैप मल्टीबैगर नहीं बन सकते, आइए देखते हैं कितनी सही है ये बात.

back back back
2:39

Multibagger Stocks: माना जाता है कि ज़्यादातर लॉर्ज-कैप कंपनियां वेल्थ की कम्पाउंडिंग , यानी पैसा तेज़ी से बढ़ाने के मामले में अच्छी नहीं होतीं. वे ग्रोथ साइकल की बाद की स्टेज में होती हैं और इसीलिए, उनमें ग्रोथ की ख़ास गुंजाइश नहीं होती. लेकिन क्या इस धारणा में सच्चाई है या ये सिर्फ़ एक मिथक है.

इस दावे की जांच के लिए, हमने उन कंपनियों पर ग़ौर किया जिनका मार्केट कैप 10 साल पहले ₹80,000 करोड़ से ज़्यादा था, और वर्तमान में कम से कम ₹1,00,000 करोड़ है.

इस फ़िल्टर को लगाने के बाद, हमारे सामने 15 कंपनियां थीं. इन 15 में से 12 का मार्केट कैप दिए गए टाइमफ़्रेम में दोगुने से ज़्यादा हो गया.

लार्ज-कैप के मिथक को तोड़ते शेयर

इनमें से ज़्यादातर कंपनियों का साइज़ दोगुने से ज़्यादा हो गया

कंपनी सेक्टर मार्केट कैप में ग्रोथ (गुनी) 10 साल का मीडियन ROE
रिलायंस इंडस्ट्रीज क्रूड ऑयल 6.7 11.8
HDFC बैंक बैंक 5.7 18.4
ICICI बैंक बैंक 5.4 13.6
HUL FMCG 4.9 77
भारतीय एयरटेल दूरसंचार 4.4 5
SBI बैंक 4 9.2
TCS IT 3.9 39.3
इंफ़ोसिस IT 3.9 25.7
लार्सन एंड टुब्रो इंफ्रास्ट्रक्चर 3.9 14.3
विप्रो IT 2.3 18.7
सन फार्मा हेल्थकेयर 2.3 14.5
ITC FMCG 2.1 25.9
NTPC पावर 1.6 12.3
कोल इंडिया माइनिंग 0.8 37.5
ONGC क्रूड ऑयल 0.8 13.3

इससे साफ़ है कि लॉर्ज-कैप्स भी मल्टीबैगर हो सकते हैं. लेकिन कम्पाउंडिंग की क्षमता नीचे बताए गए दो फ़ैक्टर्स पर निर्भर करती है:

लगातार ग्रोथ
किसी कंपनी की ग्रोथ उसकी इंडस्ट्री की ग्रोथ की संभावनाओं से तय होती है. भारत में IT, बैंकिंग, FMCG, दूरसंचार और कई दूसरे क्षेत्रों में क्रांति आई है. ये कंपनियां ग्रोथ के इस मौक़े का फ़ायदा उठाने में सक्षम थीं. इनमें से हरेक कंपनी अपनी-अपनी इंडस्ट्री की मार्केट लीडर है.

ये भी पढ़िए- Passive Funds: सब कुछ जो जानना ज़रूरी है

दमदार कमाई
इंडस्ट्री की संभावनाओं से फ़र्क़ नहीं पड़ता. दरअसल, मार्केट ऐसी कंपनी को रिवार्ड नहीं देता है जिसे लगातार कमाई नहीं हो रही हो या कैपिटल पर रिटर्न औसत से कम हो. हमने जिन 15 कंपनियों का उल्लेख किया है, उनमें से 13 का मीडियन रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 10 फ़ीसदी से ज़्यादा रहा.

आपके लिए सबक़
संजय भट्टाचार्य ने एक बार कहा था, "आप कोई शेयर नहीं, बल्कि आप एक बिज़नस ख़रीद रहे हैं. इस बात से फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उसका मार्केट कैप कितना है." हम इस जाने-माने भारतीय इन्वेस्टर की बात से सहमत हैं.

ये मार्केट कैप नहीं बल्कि बिज़नस है, जो ग्रोथ के मौकों की पेशकश करता है. इसलिए, मल्टीबैगर्स कहीं भी पाए जा सकते हैं. इक्विटी निवेश की सफलता का रहस्य यही है: एक ऐसा बिज़नस खोजें जो आपको लगता है कि बढ़ सकता है, कंपनी की बुनियादी बातों का एनालिसिस करें, और लंबे समय के लिए दांव लगाएं.

ये भी पढ़िए- पीटर लिंच जैसे ज़बर्दस्त इन्वेस्टर कैसे बनेंगे आप?

ये लेख पहली बार अगस्त 02, 2023 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

आपका REIT 6% रिटर्न देता है. लेकिन आपको शायद सिर्फ़ 2% मिल रहा है

पढ़ने का समय 3 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

RBI डॉलर डिपॉज़िट पर NRI को दे रहा 7% तक ब्याज

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

इस महीने 6 इक्विटी फ़ंड्स की रेटिंग में हुआ सुधार

पढ़ने का समय 6 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

पिछले 30 साल से, मैं पाठकों से हर संकट का डटकर सामना करने के लिए कहता आया हूं. लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध इसका अपवाद है, और यहां ख़बर से ज़्यादा उसका कारण मायने रखता है.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी