
फ़्रैंकलिन डेट स्कीम्स के बंद होने की घटना से सबक लेते हुए, डेट फ़ंड्स के लिए एक बैकस्टॉप फैसिलिटी (backstop facility) तैयार करने का आइडिया सामने आया था. इस एक तरह के अंतिम ‘बायर’ का प्रस्ताव 2021 के बजट में पेश किया गया था. SEBI ने अब इस फैसिलिटी को कॉरपोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फ़ंड (CDMDF) के रूप में पेश करके लागू कर दिया है. आइए जानते हैं कि CDMDF क्या है और डेट फ़ंड निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
CDMDF क्या है?
ये एक वैकल्पिक इन्वेस्टमेंट फ़ंड (AIF) है, जो बाज़ार में उतार-चढ़ाव या मुश्किल दौर में आखिरी उम्मीद (खरीदार) के रूप में काम करेगा. ये फ़ंड बाज़ार में अस्थिरता के दौरान म्यूचुअल फ़ंड्स से अच्छी साख वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड ख़रीदेगा.
आप CDMDF को एक आपात स्थिति के लिए बना फ़ंड या फिर एक पावर फ़ंड मान सकते हैं
उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि ‘फ़ंड ए’ एक कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड है, और बाज़ार में कुछ उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है जिस कारण बड़ी संख्या में निवेशक ‘फ़ंड ए’ से अपने निवेश को रिडीम (redeem) करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ‘फ़ंड ए’ को इन रिडेमशन (redemptions) के एवज में भुगतान करने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि वो अपने कुछ बॉन्ड्स को बाज़ार में बेच नहीं पा रहा है.
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ऐसी स्थिति में ‘फ़ंड ए’ इस आपातकालीन (या पावर) फ़ंड की ओर रुख कर सकता है, जो उन सिक्योरिटीज को ख़रीदने की कोशिश करेगा जिन्हें ‘फ़ंड ए’ बाज़ार में नहीं बेच पा रहा है. हालांकि, इन सिक्योरिटीज की साख अच्छी होनी चाहिए, न कि वो पूरी तरह से डिफ़ॉल्ट बॉन्ड हो.
इस तरीक़े से, ये पावर फ़ंड अस्थायी लिक्विडिटी संकट से बाहर निकलने में ‘फ़ंड ए’ की मदद करेगा. फ़्रैंकलिन को वर्ष 2020 में कुछ इसी तरह के संकट का सामना करना पड़ा था और वो अपने 6 डेट फ़ंड बंद करने को मजबूर हो गई थी.
इसलिए, यदि इस तरह का पावर फ़ंड उपलब्ध हो तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है. इससे निवेशकों के बीच भी भरोसा बढ़ेगा.
CDMDF के लिए कौन देगा फ़ंड?
सभी म्यूचुअल फ़ंड्स के लिए CDMDF में अपने AUM के 0.25 प्रतिशत के बराबर योगदान देना ज़रूरी होगा. म्यूचुअल फ़ंड्स के लिए इस पावर फ़ंड की उपलब्धता AMC स्तर पर किए गए उनके योगदान के अनुरूप ही होगी.
इन उल्लिखित योजनाओं में सभी डेट फ़ंड (ओवरनाइट, गिल्ट और इंडेक्स फ़ंड्स को छोड़कर) और कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड शामिल हैं.
हाल ही में, AMCs ने अपने संबंधित फंड्स के SIDs में किए जा रहे ऐसे योगदान से जुड़ी जानकारियां साझा करना भी शुरू कर दिया है. अभी तक (इस लेख को लिखे जाने तक), लगभग 16 AMCs अपने SID योगदान की जानकारी साझा कर चुके हैं. चूंकि ये अनिवार्य है, इसीलिए दूसरी AMCs को भी इसका पालन करना होगा. हमारे अनुमान के अनुसार, इस AIF में लगभग ₹3,000-3,050 करोड़ का योगदान आने की संभावना है.
जल्द ही, आप इसे भी किसी विशेष फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो में मौजूद होल्डिंग की तरह ही देख पाएंगे. ये आम तौर पर हाई क्वालिटी वाला होगा (क्योंकि सामान्य स्थिति में, पावर फ़ंड अपने एसेट्स को शॉर्ट-टर्म क्वालिटी सिक्योरिटीज में ही निवेश करेगा).
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निवेशकों को इससे क्या फायदा होगा?
कुल मिलाकर ये एक अच्छी पहल है, और डेट मार्केट में उथल-पुथल के दौरान इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी.
तुलनात्मक रूप से कम लिक्विड भारतीय डेट मार्केट्स और ओपन-एंड डेट फ़ंड्स द्वारा आश्वस्त की गई लिक्विडिटी (जो बाजार में उथलपुथल के दौरान और बढ़ जाती है) के बीच का अंतर एक लंबे समय से बनी हुई समस्या है. हालांकि, CDMDF के जरिए इस अंतर को कुछ हद तक कम के लिए उठाया गया ये एक ठोस कदम है.
ये कदम प्रभावी और पर्याप्त साबित होता है या नहीं, ये तो समय ही बताएगा. लेकिन म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री के लिए ये उम्मीद तो बनी रहेगी कि इस पावर फ़ंड की मौजूदगी से अस्थिरता से पैदा होने वाले लिक्विडिटी संकट को रोकने में मदद मिलेगी.


