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सारांशः लगातार चार साल बेंचमार्क से पीछे रहने के बावजूद एक बड़े फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड के मैनेजर ने अपना क्वालिटी आधारित तरीक़ा नहीं बदला. उनका मानना है कि इन्वेस्टमेंट स्टाइल साइकिल में चलते हैं और क्वालिटी का कमज़ोर दौर अब ख़त्म होने के संकेत दे रहा है. इस साल फ़ंड इंडेक्स से आगे है, लेकिन मैनेजर अभी जश्न मनाने के मूड में नहीं हैं. निवेशकों के लिए उनका संदेश साफ़ है: इतने लंबे इंतज़ार के बाद अभी निकलना सही फ़ैसला नहीं होगा.
अगर आपने UTI Flexi Cap में निवेश किया है, तो पिछले कुछ साल शायद आपके सब्र का इम्तिहान रहे होंगे. फ़ंड लगातार चार कैलेंडर सालों तक BSE 500 से पीछे रहा. सबसे बुरा दौर 2022 में आया, जब फ़ंड क़रीब 13% गिरा, जबकि इंडेक्स क़रीब 5% चढ़ गया.
ऐसे हालात में ज़्यादातर फ़ंड मैनेजर पोर्टफ़ोलियो में कुछ न कुछ बदलाव कर देते. लेकिन UTI AMC के हेड ऑफ़ इक्विटीज़ अजय त्यागी अपनी रणनीति पर टिके रहे. वो जनवरी 2016 से इस फ़ंड को संभाल रहे हैं. वैल्यू रिसर्च से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने रास्ता क्यों नहीं बदला और अब निवेशकों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए.
क्वालिटी फ़ंड था, क्वालिटी फ़ंड ही रहेगा
त्यागी की बातचीत हमेशा प्रोसेस से शुरू होती है. UTI Flexi Cap एक क्वालिटी फ़ंड है. यानी वो ऐसे बिज़नेस चुनते हैं जिनका रिटर्न ऑन कैपिटल ऊंचा हो, जो अच्छा कैश बनाते हों, जिनके मार्जिन स्थिर हों और जिनमें लंबे समय तक ग्रोथ की गुंजाइश हो.
यही फ़िल्टर फ़ंड को कुछ सेक्टरों की तरफ़ ले जाता है और कुछ से दूर रखता है:
| फ़ंड का झुकाव | फ़ंड जिनसे दूर रहता है |
|---|---|
| कंज़म्प्शन | मेटल |
| हेल्थकेयर | एनर्जी |
| टेक्नोलॉजी | कंस्ट्रक्शन |
| PSU कंपनियां |
दिक़्क़त ये रही कि पिछले चार साल बाज़ार की तेज़ी इन्हीं सस्ते और साइक्लिकल सेक्टरों ने चलाई. फ़ंड इनसे बाहर रहा, इसलिए पीछे छूट गया.
"स्टाइल हमारे ख़िलाफ़ था"
त्यागी सीधे शब्दों में मानते हैं कि स्टाइल फ़ैक्टर उनके ख़िलाफ़ रहा. लेकिन वो इसे बदलने की कोई ज़रूरत नहीं देखते. उनका तर्क है कि इन्वेस्टमेंट स्टाइल साइकिल में चलते हैं. कभी वैल्यू आगे रहता है, कभी ग्रोथ और कभी क्वालिटी.
उनकी टीम 20 साल का जो डेटा ट्रैक करती है, उसके मुताबिक़ क्वालिटी का इतना लंबा कमज़ोर दौर पहले कभी नहीं आया. त्यागी को उम्मीद है कि अब तेज़ी से हालात बदलेंगे.
बदलाव के संकेत, पर जल्दबाज़ी नहीं
2021 के बाद पहली बार फ़ंड इस साल BSE 500 से आगे चल रहा है. फिर भी त्यागी खुशी जाहिर करने से बचते हैं. उनका कहना है कि सिर्फ़ छह महीने की बढ़त का अपने आप में ज़्यादा मतलब नहीं है. ये बढ़त पहले एक साल के आंकड़ों में दिखनी चाहिए और फिर तीन साल के आंकड़ों में.
पोर्टफ़ोलियो में कहां है बड़ा दांव
कंज़म्प्शन सबसे आगे: कंज़्यूमर सर्विसेज़ और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स मिलाकर फ़ंड का सबसे बड़ा दांव हैं. त्यागी का मानना है कि इनकम टैक्स में कटौती और GST रैशनलाइज़ेशन से लोगों के हाथ में ज़्यादा पैसा आया है और ख़र्च बढ़ना शुरू हो रहा है.
हेल्थकेयर में भी भरोसा: हेल्थकेयर फ़ंड का एक और बड़ा ओवरवेट है. त्यागी एक डायग्नॉस्टिक्स कंपनी का उदाहरण देते हैं, जिसके मार्जिन आज उस स्तर से भी ऊपर हैं जो सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ने से पहले था. उनके लिए यही असली क्वालिटी है, यानी दबाव में भी टिके रहना.
IT में लार्ज से मिड-टियर कंपनियों की ओर: 2021 से त्यागी धीरे-धीरे सबसे बड़ी IT कंपनियों से हटकर मिड-टियर IT कंपनियों की ओर गए हैं. उनका तर्क है कि बहुत बड़े साइज़ की वजह से दिग्गज कंपनियों के लिए मिड-टीन (13-17%) ग्रोथ हासिल करना मुश्किल है. AI को वो लंबी अवधि में IT सेक्टर के लिए फ़ायदेमंद मानते हैं, क्योंकि कंपनियों को नए AI मॉडल अपने पुराने सिस्टम में जोड़ने के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर्स की ज़रूरत पड़ेगी.
क्वालिटी फ़ंड में न्यू-एज कंपनियां क्यों?
सवाल उठता है कि एक क्वालिटी फ़ंड ऐसी इंटरनेट कंपनियों में क्यों निवेश करता है, जो कुछ समय पहले तक घाटे में थीं. त्यागी इसका जवाब अकाउंटिंग में देते हैं.
न्यू-एज कंपनियां अपना ख़र्च तुरंत अपने खातों में दिखा देती हैं, जबकि पुरानी कंपनियां कैपेक्स को कई सालों में बांटकर दिखाती हैं. इसलिए सिर्फ़ कुल मुनाफ़ा देखकर फ़ैसला करना ग़लत हो सकता है. त्यागी देखते हैं कि क्या कंपनी अपने स्थापित बाज़ारों में मुनाफ़ा कमा रही है. अगर हां, तो बाक़ी बिज़नेस भी उसी राह पर आ सकता है.
उन्होंने 2021 में एक फ़ूड-डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स कंपनी पर यही टेस्ट लगाया था, और उनके मुताबिक़ कहानी वैसी ही रही जैसी उन्होंने सोची थी.
कब बेचते हैं शेयर?
त्यागी का एग्ज़िट नियम भी उतना ही सीधा है. किसी शेयर को रखने की दो वजहें होती हैं: क्वालिटी, और बाज़ार की कुल अर्निंग से तेज़ ग्रोथ. इनमें से कोई एक भी वजह कमज़ोर पड़ी, तो शेयर पोर्टफ़ोलियो से बाहर. इसी नियम के चलते धीमी ग्रोथ की वजह से एक बड़ी IT कंपनी की लंबे समय से चली आ रही पोज़ीशन ख़त्म कर दी गई.
फ़ंड के पीछे की टीम
कमल गाडा अप्रैल 2025 में फ़ंड के को-मैनेजर बने और आकाश शाह जनवरी 2026 में टीम से जुड़े. हालांकि आख़िरी फ़ैसला अब भी त्यागी ही लेते हैं. UTI में 16 एनालिस्ट की एक सेंट्रल टीम है, जो क़रीब 475 शेयरों को कवर करती है और सभी आठ फ़ंड मैनेजरों के लिए काम करती है.
10 साल का सबसे बड़ा सबक़
फ़ंड संभालते हुए एक दशक पूरा करने के बाद त्यागी का सबसे बड़ा सबक़ निवेशकों से जुड़ा है. उनका मानना है कि फ़ंड हाउसों को निवेशकों को कमज़ोर दौर के बारे में तभी आगाह कर देना चाहिए, जब परफ़ॉर्मेंस अच्छी चल रही हो. ताकि जब बुरा वक़्त आए, तो निवेशक घबराएं नहीं.
और जो निवेशक चार साल से इंतज़ार कर रहे हैं, उनके लिए त्यागी का संदेश साफ़ है: अभी फ़ंड छोड़ने का सही समय नहीं है.
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं
स्टाइल रिस्क को समझें: UTI Flexi Cap एक ख़ास स्टाइल पर चलने वाला फ़ंड है. जब बाज़ार में क्वालिटी का दौर नहीं होता, तो ये फ़ंड लंबे समय तक पीछे रह सकता है, जैसा पिछले चार साल में हुआ. इस फ़ंड में निवेश करने से पहले ये मानकर चलें कि ऐसे दौर दोबारा आ सकते हैं.
फ़ंड ख़राब है या स्टाइल? किसी फ़ंड से निकलने से पहले ये देखना ज़रूरी है कि दिक़्क़त फ़ंड के प्रोसेस में है या सिर्फ़ उसका स्टाइल बाज़ार में नहीं चल रहा. अगर मैनेजर अपने तय तरीक़े पर टिका है और प्रोसेस में बदलाव नहीं हुआ है, तो सिर्फ़ कुछ साल की कमज़ोर परफ़ॉर्मेंस निकलने की वजह नहीं होनी चाहिए.
वापसी की गारंटी नहीं: मैनेजर को भले ही भरोसा हो कि क्वालिटी का दौर लौटेगा, लेकिन ये कब और कितनी मज़बूती से होगा, ये कोई पक्का नहीं कह सकता. छह महीने की बढ़त को ट्रेंड मानने की ग़लती न करें, जैसा कि ख़ुद त्यागी भी कहते हैं.
पोर्टफ़ोलियो में संतुलन रखें: अगर आपके पोर्टफ़ोलियो में पहले से क्वालिटी या ग्रोथ स्टाइल वाले कई फ़ंड हैं, तो एक ही स्टाइल पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता हो सकती है. अलग-अलग स्टाइल वाले फ़ंड रखने से किसी एक स्टाइल के कमज़ोर दौर का असर कम होता है.
किसके लिए सही: ये फ़ंड उन निवेशकों के लिए ज़्यादा ठीक है जो कम से कम 5-7 साल का नज़रिया रखते हैं और बेंचमार्क से कुछ साल पीछे रहने पर भी धैर्य बनाए रख सकते हैं.
वैल्यू रिसर्च को दिए गए अजय त्यागी के इस इंटरव्यू को विस्तार से देखने के लिए यहां क्लिक करें.
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