स्टॉक वायर

अल्ट्राटेक सीमेंट ने ख़रीदा केसोराम इंडस्ट्रीज़ का सीमेंट बिज़नस

केसोराम इंडस्ट्रीज़ के सीमेंट बिज़नस के हर 52 शेयरों के लिए एक शेयर जारी होगा

केसोराम इंडस्ट्रीज़ के सीमेंट बिज़नस के हर 52 शेयरों के लिए एक शेयर जारी होगा

UltraTech Cement: हाल ही में भारत की सीमेंट इंडस्ट्री में एक बड़ी घटना घटी है. अल्ट्रा टेक सीमेंट ने अपनी उत्पादन क्षमता और मार्केट में पैठ बढ़ाने के लिए केसोराम इंडस्ट्रीज़ के सीमेंट बिज़नस को ख़रीदने का ऐलान किया है. इस अधिग्रहण को अल्ट्रा टेक के बोर्ड ने अपनी मंजूरी दे दी है.

इस डील से जुड़ा पेमेंट इक्विटी और तरजीही शेयरों (preference shares) के आधार पर किया जाएगा. केसोराम इंडस्ट्रीज़ के हरेक 52 इक्विटी शेयरों के लिए, अल्ट्राटेक एक इक्विटी शेयर जारी करेगा. इसके अलावा, केसोराम के तरजीही शेयरों के बदले, अल्ट्राटेक 63,50,883 नॉन कन्वर्टिबल रिडीमेबल तरजीही शेयर जारी करेगा.

इस व्यवस्था के तहत, ये डील क़रीब ₹5,432 करोड़ की होने जा रही है. इस ट्रांज़ैक्शन के पूरा होने पर, अल्ट्राटेक की प्रमोटर होल्डिंग 1.3 फ़ीसदी अंक घटकर, 57.7 फ़ीसदी रह जाएगी. अल्ट्रा टेक, केसोराम के सीमेंट बिज़नस का ₹2,000 करोड़ का क़र्ज़ भी अपने ऊपर लेगी. रेग्युलेटरी मंजूरियों के साथ-साथ, ये ट्रांज़ैक्शन 09 से 12 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है.

केसोराम इंडस्ट्रीज़ पर एक नज़र

केसोराम इंडस्ट्रीज़ बीके बिड़ला ग्रुप की एक प्रमुख कंपनी है. ये मुख्य रूप से दो सेगमेंट - सीमेंट-रेयॉन और TP एंड केमिकल्स से रेवेन्यू कमाती है.

फ़ाइनेंशियल ईयर 2023 में, इसके कुल रेवेन्यू का क़रीब 93 फ़ीसदी इसके सीमेंट सेगमेंट से आया था. कंपनी के सीमेंट बिज़नस में कर्नाटक और तेलंगाना में दो इंटीग्रेटेड सीमेंट यूनिट्स हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 10.75 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है.

कंपनी लगातार घाटे में चल रही है और सीमेंट डिविज़न भी क्षमताओं की कमी से जूझ रही है. यहां हाल के वर्षों में सीमेंट डिवीज़न के प्रदर्शन पर एक तस्वीर पेश की जा रही है.

FY23 FY22 FY21 FY20 3 साल की ग्रोथ (% सालाना)
रेवेन्यू (करोड़ ₹) 3534 3540 2415 2330 14.9
ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट (करोड़ ₹) 273 475 361 157 20.2
ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट मार्जिन (%) 7.7 13.4 14.9 6.8 -
एसेट टर्नओवर 1.3 1.3 1 0.9

ये भी पढ़िए- FDs vs Short-Duration Funds: निवेश के लिए क्या है बेहतर?

अधिग्रहण की वजह

भारत की सीमेंट इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन बना हुआ है. इसके अलावा, लगातार कंसॉलिडेशन भी दिख रहा है. कुछ महीने पहले ही अंबुजा ने अपनी क्षमता बढ़ाने और अपनी पैठ बढ़ाने के लिए सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था.

इस अधिग्रहण का लक्ष्य तालमेल से फ़ायदा उठाने और भारतीय सीमेंट बाजार में अल्ट्राटेक की मौजूदगी को मज़बूत करने का है. इस क़दम से अल्ट्राटेक को उन एसेट्स तक पहुंच मिलेगी जो उपयोग के लिए तैयार हैं. कर्नाटक और तेलंगाना की दो इंटीग्रेटेड सीमेंट यूनिट्स (10.75 MTPA) के कारण केसोराम इंडस्ट्रीज़ के पास एक मज़बूत सीमेंट बिज़नस है.

अल्ट्राटेक भारत में ऑर्गैनिक और इनॉर्गैनिक दोनों तरीक़ों से 200 MTPA की सीमेंट क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है. इस क़दम से न केवल कंपनी की कुल क्षमता 8 फ़ीसदी बढ़कर 149.1 MTPA हो जाएगी, बल्कि उसे उन भौगोलिक क्षेत्रों (कर्नाटक और तेलंगाना) तक पहुंच भी मिलेगी, जहां उसकी पहुंच कम है. इससे उसके लिए अपने गोल के क़रीब पहुंचना आसान हो जाएगा.

ये भी पढ़िए- International debt funds: क्या इनमें निवेश सही?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

आपके डेट फ़ंड का नाम बदल गया है, निवेशक क्या करें?

पढ़ने का समय 4 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

डायरेक्ट में स्विच करें या वहीं बने रहें? आइए हिसाब लगाते हैं

पढ़ने का समय 3 मिनटआशुतोष गुप्ता

रिकॉर्ड SIP, लेकिन छोटा निवेशक कहां ग़ायब हो गया?

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

मिड-कैप फ़ंड मुश्किल दौर में भी चमके, जानें टॉप 5 स्कीम्स ने दिया कितना अल्फ़ा?

पढ़ने का समय 4 मिनटमोहित पाराशर

भरोसा और जटिल भाषा, निवेशकों के लिए ख़तरनाक

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

क्या AI सचमुच एक बबल है?

AI एक बबल है या नहीं, यह बात उतनी मायने नहीं रखती, जितनी यह कि आप खुद किसी बबल की तरह व्यवहार कर रहे हैं या नहीं

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी