मैनेजर स्पीक

'आगे भी तेज़ी का ही रहेगा ट्रेंड, लेकिन वैल्युएशन को लेकर है चिंता'

मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के इक्विटी को-हेड गौरव मिश्रा के साथ ख़ास बातचीत

मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के इक्विटी को-हेड गौरव मिश्रा के साथ ख़ास बातचीत

गौरव मिश्रा ने साल 2019 से मिराए एसेट लार्ज कैप फ़ंड और मिराए एसेट फ़ोकस्ड फ़ंड की कमान संभाली हुई है, और इन दोनों फ़ंड्स ने लॉन्ग टर्म में अपने निवेशकों को अच्छा फ़ायदा पहुंचाया है. हालांकि, पिछले कुछ सालों में इन फ़ंड्स के कमज़ोर प्रदर्शन को देखते हुए, हमने गौरव मिश्रा से इस ख़राब प्रदर्शन की वज़ह जाननी चाही. हमारी बातचीत के दौरान, गौरव ने न्यू-एज कंपनियों के बारे में AMC की राय बताई और इस बारे में भी बताया कि वे अभी के मार्केट को कैसे देखते हैं. इस बातचीत के संपादित अंश... भारतीय मार्केट अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है, इस रैली के बने रहने पर आपकी क्या राय है? इस वक़्त भारतीय बाज़ार से जुड़ी सबसे बड़ी बाधाएं और अच्छे फ़ैक्टर क्या हैं? ये रैली एक रिएक्शन है. ये वक़्त से पहले की गई ख़रीदारी हो सकती है. FIIs शायद आम चुनाव का इंतज़ार कर रहे हों (भारतीय बाज़ार में इन्वेस्ट करने से पहले). हालांकि, हाल ही में हुए राज्यों के चुनावों के नतीज़ों से उनका ये भरोसा शायद मजबूत हुआ है कि आम चुनाव को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है. जब ऐसा होता है, तो इस तरह की रैली आती है. FOMO की वज़ह से बाकी लोग भी इसमें कूद पड़ते हैं. फिर भी, मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि ये रैली कब तक चलेगी. इसके अलावा, 10 में से 7-8 साल रही तेज़ी के साथ, साल का ये वक़्त आम तौर पर इक्विटी के लिए अच्छा ही होता है. मिड और स्मॉल कैप पहले ही अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, और इस महीने के दौरान और अच्छे प्रदर्शन की संभावना है. इसके अलावा, कुछ चीज़ें चीन के पक्ष में न होने की वज़ह से, शायद थोड़ा कंसोलिडेशन के साथ-साथ लिक्विडिटी-आधारित ख़रीदारी भी लंबे वक़्त तक ज़ारी रह सकती है. एक साल पहले, इक्विटी रिटर्न को लेकर काफ़ी ज़्यादा चिंताएं थीं, पर हम 2023 में अच्छे प्रदर्शन को लेकर पॉजिटिव थे. मुझे लगता है इस तरह का प्रदर्शन अगले दो साल तक ज़ारी रह सकता है. हालांकि, अस्थिरता भी बनी रहेगी क्योंकि वैल्युएशन अब बढ़ रही है. मौजूदा लेवल पर, शॉर्ट टर्म में मार्केट थोड़ा सुस्त रह सकता है. पर फ़्लो आधारित फ़ैक्टर्स मार्केट उस

ये लेख पहली बार जनवरी 08, 2024 को पब्लिश हुआ.

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