
ट्रस्ट म्यूचुअल फ़ंड सिर्फ़ डेट फ़ंड्स में ही निवेश करने के लिए जाना जाता है. जनवरी 2021 में अपनी स्थापना के बाद से इसने 7 फ़ंड लॉन्च किए हैं, ये सभी डेट ओरियंटेड (debt oriented) हैं.
लेकिन ये कहानी बदलने वाली है, फ़ाइनांस सर्विस कंपनी ने हाल ही में अपना पहला इक्विटी फ़ंड ट्रस्टMF फ़्लेक्सी कैप फ़ंड लॉन्च किया है. फ़ंड का NFO (न्यू फ़ंड ऑफ़र) 5 अप्रैल को शुरू हुआ और 19 अप्रैल तक जारी रहेगा.
इस NFO की वजह से व्यस्त होने के बावजूद, फ़ंड हाउस के सीईओ, संदीप बागला ने इक्विटी फ़ंड लॉन्च करने की वजह, उनके नज़रिए और अब से पहले इक्विटी फ़ंड लॉन्च न करने के उनके फ़ैसले को समझाने के लिए समय लिया. पेश है हमारी उनसे बातचीत के कुछ अहम हिस्से.
साल 2021 में शुरू करने के बाद से ट्रस्ट एमएफ़ सिर्फ़ डेट प्रोडक्ट्स की पेशकश करने के लिए जाना जाता है. इक्विटी फ़ंड लॉन्च करने की क्या वजह है?
मुझे लगता है कि ये बस हो गया (अब तक सिर्फ डेट फ़ंड लॉन्च करना). हमने जिस तरह से काम किया उसकी वजह से इस तरही की स्थिति बनी, ऐसा करने का कोई सोचा-समझा फ़ैसला नहीं लिया गया था.
(इक्विटी फ़ंड के लॉन्च के बारे में) इक्विटी फ़ंड लॉन्च करने से पहले, हमने टीम लीड करने के लिए सही व्यक्ति के चुनाव पर ध्यान दिया. हो सकता है कि हमें इक्विटी स्कीम लॉन्च करने में एक या दो साल की देर हुई हो, लेकिन वक़्त कोई भी हो, पहला क़दम उठाने के लिए अच्छा है.
हम थोड़ा और तेज़ी से काम कर सकते थे, लेकिन अब इक्विटी टीम के साथ, हम आगे चलकर अपनी इक्विटी प्रोडक्ट्स की पेशकश को बड़ा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
इक्विटी मार्केट अब तक के सबसे उंचे स्तर पर हैं. ये देखते हुए कि मौजूदा समय में वैल्युएशन बहुत ज़्यादा है, आप अपना पोर्टफ़ोलियो बनाने की योजना कैसे बनाई?
बाज़ार में तेज़ी के फ़ायदे हैं और निवेशकों का भरोसा काफ़ी ज़्यादा है. निवेशक एक नई एसेट मैनेजमेंट कम्पनी (AMC) में निवेश का मौक़ा देने को तैयार हैं. निवेश में आसानी की वजह से सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिए से इक्विटी मार्केट में रिटेल रक़म की गहरी पैठ हो गई है. इसलिए, न्यू फ़ड ऑफ़र (NFO) पैसा जुटाने का इकलौता तरीक़ा नहीं रह गया है. हमने शुरुआत में सिर्फ़ 300 करोड़ रुपये की योजनाएं देखी हैं, लेकिन एक या दो साल बाद के साल में मनी-फ़्लो के साथ साइज़ बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये हो गया. इसलिए, अपना सफ़र शुरू करना बहुत ज़रूरी है.
वैल्युएशन के सवाल के बारे में, ये ऐतिहासिक स्टैंडर्ड के ऊंचे स्तर पर लग सकता है. लेकिन अगर उम्मीद के मुताबिक़ बढ़ोतरी होती है, तो ये वैल्युएशन सामान्य हो जाएंगे. वैश्विक स्तर पर, केंद्रीय बैंकरों ने पिछले कुछ साल में बहुत सारा पैसा कमाया है, और हाई लिक्विडिडी की वजह से वैल्युएशन बढ़ गया है. मेरा मानना है कि अगर लिक्विडिटी ऐसी ही बनी रहती है, तो हमें नहीं लगता कि मीडियम टर्म में वैल्युएशन की कोई फ़िक्र होनी चाहिए.
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इक्विटी फ़ंड का मैनेजमेंट करते वक़्त फ़ंड हाउस की फ़िलॉसफ़ी क्या होगी? ट्रस्ट एमएफ़ का फ़र्क की क्या वजह होगी?
अगर हम फ़ाइनांस और इंडस्ट्री अनालेसिस और कंपनी के ख़ास फ़ैक्टरों से परे देखें, तो हम उन तीन चीज़ो पर ध्यान देना होगा जो कंपनियों के लिए ज़रूरी पैसा बनाते है. हम ग्रोथ इन्वेस्टर हैं, और हमारा मानना है कि हमारा टर्मिनल वैल्यू इन्वेस्टिंग फ़्रेमवर्क और ग्रोथ एट रिज़नेबल वैल्यूएशन (GARV) का नज़रिया इक्विटी फ़ंड निवेशकों के लिए एक अलग विकल्प देता है.
टर्मिनल वैल्यू फ़्रेमवर्क को समझाने के लिए, हम इन तीन चीज़ों का आकलन करके निकट भविष्य से परे किसी कंपनी के प्राइस को देखते हैं: मेगा ट्रेंड, लीडरशिप और इनटैंजेबल फ़ैक्टर. ये स्ट्रैटजी एक बढ़ती हुई कंपनी की असल क्षमता की पहचान में मदद करती है और हमें पूरी वैल्यू क्रिएशन का फ़ायदा लेने में मदद करती है.
इस बीच, GARV एक निवेश का नज़रिया है जो सही वैल्युएशन पर मज़बूत ग्रोथ क्षमता वाले शेयरों की पहचान करता है. ट्रस्टएमएफ़ फ़्लेक्सी कैप फ़ंड (TRUSTMF Flex Cap Fund) इस फ़िलॉसफ़ी को शामिल करता है, और मैंडेट फ़ंड को निवेश की लंबे समय तक बनी रहने वाली क़ामयाबी के लिए बाज़ार के अलग-अलग हालातों में एडजस्ट करने और परफ़ॉर्म करने के क़ाबिल बनाता है.
आपकी निवेश टीम कितनी बड़ी है, और क्या आप ज़्यादा लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं?
हमें अपने इन्वेस्टिंग यूनीवर्स के बारे में टीम के साइज़ पर सोचना चाहिए. इसलिए, हम क़रीब 250 कंपनियों को एक्टिव तरीक़े से देखते हैं, और उसके लिए, हमारे पास पांच एनेलिस्ट की एक टीम है, जिसमें एक फ़ंड मैनेजर और एक मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) शामिल नहीं हैं. ये टीम 20,000-30,000 करोड़ रुपये के एसेट का मैनेजमेंट करने के लिए काफ़ी बड़ी है.
इसके अलावा, हमारे साथ टॉप इक्विटी ब्रोकर भी जुड़े हुए हैं और कंपनियों के साथ उनकी बातचीत, इंडस्ट्री की सिफ़ारिशों और उनके रिसर्च अनालिसिस से हमें यक़ीनी तौर से फ़ायदा होगा.
ऐसे प्रतिस्पर्धी (म्यूचुअल फ़ंड्स) इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की आपकी क्या योजना है?
इन बाज़ारों की ख़ूबसूरती ये है कि इनमें ज़बरदस्त बढ़ोतरी हो रही है और नए निवेशक म्यूचुअल फ़ंड इंड्स्ट्री में आ रहे हैं. निवेशक अपना निवेश बढ़ा रहे हैं, और म्यूचुअल फ़ंड में बने रहने की अवधि भी बढ़ रही है. इसलिए, हर किसी के लिए ग्रोथ की गुंजाइश है. मैं ये भी सोचता हूं कि अगर हमारे पास थोड़ी अलग निवेश रणनीति हो, तो हम निवेशक के दिल के साथ-साथ उसके बटुए में भी जगह बना पाएंगे. हमें बाज़ार की भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए, जो तेज़ी से बढ़ रहा है. ये इंडस्ट्री बहुत सहनशील और मिलनसार है. हमने ये दिखाने के लिए विज्ञापनों के ज़रिए एक बड़ा मास-मीडिया अभियान शुरू किया है कि हम 'गोरिल्ला कंपनियों' को कैसे पहचानेंगे. हमें यक़ीन है कि हम अपने फ़ंड से निवेशकों का ध्यान अपनी तर खींच सकते हैं इसके अलावा, हम पूरे भारत में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने की भी योजना बना रहे हैं. हमने हाल ही में 40-50 शहरों में जो रोड शो किए हैं, उनके दौरान हमने डिस्ट्रीब्यूटर्स को बुलाया है और उन्हें अपनी स्ट्रैटजी के बारे में बताया है. हमारा स्वागत काफ़ी जोश भरने वाला रहा है. टर्मिनल वैल्यू इन्वेस्टमेंट का आइडिया लोगों को पसंद आया.
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