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आर्बिट्राज फ़ंड क्यों ज़्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं?

ज़्यादा इनकम पाने वाले लोग आर्बिट्राज फ़ंड्स पसंद कर रहे हैं, आइए देखते हैं कि क्या आपको भी ऐसा करना चाहिए.

ज़्यादा इनकम पाने वाले लोग आर्बिट्राज फ़ंड्स पसंद कर रहे हैं, आइए देखते हैं कि क्या आपको भी ऐसा करना चाहिए.

हाल के महीनों में आर्बिट्राज फ़ंड बड़े पैमाने पर निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे हैं.

आमतौर पर, निवेशक अपना शॉर्ट-टर्म या इमरजेंसी का पैसा लिक्विड फ़ंड में रखते हैं, लेकिन वित्त-वर्ष 24 के पहले 11 महीनों में आर्बिट्राज फ़ंड में हाई नेट इनफ़्लो ₹91,114 करोड़ देखा गया. हक़ीकत में, अकेले दिसंबर 2023 और फ़रवरी 2024 के बीच, इन फ़ंड्स में क़रीब ₹32,761 करोड़ का नेट इनफ़्लो रहा.

हाई रिटर्न, फ़ायदेमंद टैक्स स्ट्रक्चर, ब्याज दर की अनिश्चितता और इक्विटी बाज़ार कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से निवेशक, ख़ास तौर से ज़्यादा पैसे वाले, आर्बिट्राज फ़ंड्स को चुन रहे हैं. एडलवाइस म्यूचुअल फ़ंड में फ़ंड मैनेजर, हाइब्रिड एंड सॉल्यूशंस, भवेश जैन कहते हैं, "हमने कई हाई नेट वर्थ वाले व्यक्तियों (HNI) को अपने कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाते हुए देखा है क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि बाज़ार में और तेज़ी आएगी. हमने देखा है कॉर्पोरेट ट्रेज़री, प्रमोटरों और फ़ैमिली ऑफ़िसों में जो पैसा लिक्विड फ़ंड में लगता था, वो अब आर्बिट्राज फ़ंड में आना शुरू हो गया है."

आर्बिट्राज फ़ंड क्या हैं?

आर्बिट्राज फ़ंड म्यूचुअल फ़ंड हैं जो स्टॉक वैल्यू के अंतर से मुनाफ़ा कमाते हैं. मान लीजिए स्टॉक A की क़ीमत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹500 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹505 है. एक आर्बिट्राज फ़ंड BSE से स्टॉक ख़रीद सकता है और इसे NSE पर ₹5 के मुनाफे पर ऊंची क़ीमत पर बेच सकता है.

इसी तरह इसकी वर्तमान और भविष्य की क़ीमतों में भी अंतर हो सकता है. मिसाल के लिए, स्टॉक A की मौजूदा क़ीमत ₹200 हो सकती है, लेकिन वायदा बाज़ार में ये ₹210 है. इससे आर्बिट्राज म्यूचुअल फ़ंड के प्रबंधक को मौजूदा क़ीमत से मेल खाने पर महीने के आखिर तक ₹10 का रिस्क-फ़्री मुनाफ़ा कमा सकेगा.

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बढ़ती लोकप्रियता की वजह

1. बेहतर रिटर्न: पिछले 12 महीनों में, औसत आर्बिट्राज फ़ंड ने लिक्विड फ़ंड के 7.07 फ़ीसदी के मुक़ाबले में 7.33 फ़ीसदी रिटर्न दिया है. करीब से पड़ताल करने पर, 25 आर्बिट्राज फंड्स में से 18 ने 8 फ़ीसदी से ज़्यादा रिटर्न दिया, जिसमें 8.46 फ़ीसदी इस कैटेगरी में सबसे ज़्यादा था. दूसरी ओर, ज़्यादातर लिक्विड फ़ंड - सटीक रूप से कहें, तो 39 स्कीमों में से 23 - ने पिछले साल 7.3-7.4 फ़ीसी की सीमा में रिटर्न दिया है.

2. क़ारगर टैक्स सिस्टम: आर्बिट्राज फ़ंड, लिक्विड फ़ंड के मुक़ाबले टैक्स के मामले में ज़्यादा बेहतर होते हैं क्योंकि उन्हें इक्विटी- ओरियंटिड फ़ंड की तरह माना जाता है. निवेश में शुरुआत करने वालों के लिए, इक्विटी-ओरियंटिड फ़ंड्स के निवेशक 12 महीने के भीतर फ़ंड से बाहर निकलने पर मुनाफ़े पर 15 फ़ीसदी टैक्स चुकाते हैं. अगर वे एक साल से ज़्यादा समय के लिए फ़ंड अपने पास रखते हैं, तो मुनाफ़े पर 10 फ़ीसदी टैक्स लगता है - और वो भी तब, जब ये मुनाफ़ा एक वित्त-वर्ष में ₹1 लाख से ज़्यादा हो.

इसकी तुलना में, डेट फ़ंड, जिसमें लिक्विड फ़ंड भी शामिल हैं, पर होल्डिंग अवधि की परवाह किए बिना, उस निवेशक की सालाना आमदनी के स्लैब रेट पर टैक्स लगाया जाता है. इसलिए, अगर कोई सबसे ऊंचे टैक्स वाले दायरे (30 फ़ीसदी) में आता है, तो उन्हें लिक्विड फ़ंड से होने वाले मुनाफ़े पर 30 फ़ीसदी टैक्स देना होगा.

3. अनुकूल बाज़ार परिस्थितियां: आर्बिट्राज फ़ंड्स को कैश-फ़्यूचर के प्रसार (स्प्रेड) से फ़ायदा होता है. ये प्रसार या स्प्रेड किसी स्टॉक के नक़द मूल्य और फ़्यूचर के बाज़ार मूल्य के बीच का अंतर होता है. इसलिए, जब बाज़ार पॉज़िटिव ज़ोन में होते हैं या हाई एक्टिविटी करते हैं (जैसा कि वे आम तौर पर पिछले वित्त-वर्ष में हुआ), तब लेवरेज पोज़ीशन्स बढ़ जाती है, और इसी तरह से स्प्रेड भी बढ़ता है. ये एक आर्बिट्राज फ़ंड मैनेजर को स्पॉट मार्केट में ख़रीदारी करने और मुनाफ़े के लिए फ़्यूचर कॉन्ट्रैक्ट बेचने की इजाज़त देता है.

हमारी सलाह

आर्बिट्राज फ़ंड आमतौर पर तीन महीने से एक साल तक के लिए ठीक होते हैं। हालांकि, हमारा मानना ​​है कि लिक्विड फ़ंड, जिनमें इसी जैसा रिस्क-रिटर्न होता है, इस समय सीमा में निवेश करने वाले ज़्यादातर निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हैं. हालांकि, इसी अर्से में आर्बिट्राज फ़ंड में नुक़सान होने का रिस्क कम है, लेकिन वे रिटर्न या कैपिटल के सुरक्षा की गारंटी नहीं देते.

जैसा कि कहा गया है, ये फ़ंड उन लोगों को अपील कर सकते हैं जो सबसे ऊंचे टैक्स ब्रैकेट में आते हैं.

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