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बेहतर रिटर्न पाने के लिए डेट फ़ंड के बजाए लार्ज-कैप फ़ंड में निवेश करना चाहिए?

Debt Fund और Large-Cap Fund दोनों अलग तरह के म्यूचुअल फ़ंड हैं. जानिए कब और क्यों आपको इनमें निवेश करना चाहिए.

Debt Fund और Large-Cap Fund दोनों अलग तरह के म्यूचुअल फ़ंड हैं. जानिए कब और क्यों आपको इनमें निवेश करना चाहिए.

मैंने debt fund में ₹10 लाख जमा किए हैं. जहां से पिछले तीन साल में मुझे सिर्फ़ 5.5 प्रतिशत रिटर्न मिला है. क्या बेहतर रिटर्न पाने के लिए इस रक़म को भारत 22 जैसी large -cap equity scheme में एकमुश्त ट्रांसफ़र करना अक्लमंदी होगी? एक large-cap fund होने के नाते, मेरा मानना है कि इसके सुरक्षित होने की संभावना है. कृपया सलाह दें. - अर्जन भाटिया

नहीं, डेट और लार्ज-कैप फ़ंड दोनों निवेश की अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करते हैं.

डेट फ़ंड आपके पोर्टफ़ोलियो में स्थिरता या स्टेबिलिटी लाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और इनका उद्देश्य कुछ कम रिटर्न (मॉडरेट रिटर्न) देते हुए आपकी पूंजी को सुरक्षित रखना है.

इस तरह से अगर आपको अपनी छोटी अवधि की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की ज़रूरत है तो डेट फ़ंड में निवेश का विकल्प अच्छा रहेगा.

इसके विपरीत, लार्ज-कैप फ़ंड कम से कम 80 प्रतिशत पैसा देश की टॉप 100 कंपनियों (मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के अनुसार) में निवेश करते हैं. हालांकि वे मिड- और स्मॉल-कैप फ़ंड की तुलना में कम रिस्क वाले हैं, मगर ये मूल रूप से इक्विटी फ़ंड हैं, जो डेट फ़ंड्स की तुलना में ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाले होते हैं.

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तो, किस तरह का फ़ंड आपके लिए सही है? इसका जवाब देने के लिए, आपको अपने निवेश की अवधि के बारे में जानना होगा, यानी, आपको अपने फ़ाइनेंशियल गोल पूरा करने के लिए कितने समय तक का निवेश करना है. उदाहरण के लिए, अगर आपको एक या दो साल के भीतर पैसों की ज़रूरत है, तो लिक्विड फ़ंड में निवेश करने के बारे में सोचें; अगर आपको एक साल से ज़्यादा, लेकिन पांच साल से पहले इनकी ज़रूरत है, तो इस पैसे को कुछ शॉर्ट टर्म फ़ंड में जमा करें.

दूसरी तरफ़, अगर आपके पास लंबी निवेश अवधि (पांच साल से ज़्यादा) है, तो इक्विटी फ़ंड आदर्श रहेंगे.

जैसा कि कहा गया है, अगर आपने कभी इक्विटी फ़ंड में निवेश नहीं किया है, तो एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड से शुरुआत करना अच्छा होगा. ये लगभग 70-75 प्रतिशत पैसा इक्विटी में रखते हैं जबकि बाक़ी फ़िक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज़ में रखते हैं. बाज़ार में गिरावट के ख़िलाफ़ कुछ निवेश डेट में करना आपको एक सुरक्षा देता है, जबकि इक्विटी में ज़्यादा निवेश आपको लंबे समय में ज़्यादा रिटर्न पाने में मदद करता है.

इसके अलावा, आपको इक्विटी फ़ंड में एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए क्योंकि आप बाज़ार के पीक पर अपना सारा पैसा निवेश करने का जोख़िम उठाते हैं. इसलिए, अपने निवेश को एक निश्चित समय अवधि में फैलाना बेहतर है.

ये जानने के लिए कि इक्विटी फ़ंड में निवेश करते समय अपनी एकमुश्त राशि को कितनी अवधि तक फैलाना है, इसके बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें.

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ये लेख पहली बार अप्रैल 29, 2024 को पब्लिश हुआ.

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