IPO अनालेसिस

Allied Blenders & Distillers: निवेश का मौक़ा?

शराब बनाने वाली इस कंपनी के IPO की हर ज़रूरी जानकारी यहां पढ़िए

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एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, एक प्रमुख इंडियन-मेड फ़ॉरन लिकर (IMFL) कंपनीस है, जो 25 जून 2024 को अपना IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) लेकर आ रही है.

निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

संक्षेप में

  • क्वालिटी: कंपनी का 3 साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) , क्रमशः 0.5 और 11.3 फ़ीसदी रहा है. इसके अलावा, FY21-23 के दौरान इसका कैश फ़्लो फ्रॉम ऑपरेशन्स (CFO) भी पॉज़िटिव रहा है.
  • ग्रोथ: स्थिर डिमांड और नए प्रोडक्ट शुरू करने के कारण, FY2021-23 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना लगभग 6 फ़ीसदी बढ़ा है. हालांकि, इसी अवधि के दौरान 2 फ़ीसदी के औसत ऑपरेटिंग मार्जिन के साथ इसकी प्रॉफ़िटेबिलिटी उतार-चढ़ाव वाली रही है.
  • वैल्यूएशन: IPO के बाद, स्टॉक वैल्यूएशन 2,665 गुना P/E (प्राइस -टू-अर्निंग रेशियो) और 5.6 गुना P/B (प्राइस-टू-बुक रेशियो) पर किया जाएगा.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: व्हिस्की IMFL मार्केट में हावी रही है और FY23 में कंपनी के वॉल्यूम का 95 फ़ीसदी हिस्सा इसी का रहा. कंपनी को अपने प्रोडक्ट के प्रचलन के कारण बनी रहने वाली डिमांड और पूरी इंडस्ट्री में प्रीमियमाइज़ेशन के बढ़ते ट्रेंड से फ़ायदा होगा. हालांकि, इंडस्ट्री को बहुत ज्यादा रेगुलेट किया जाता है. इसे टैक्स में बढ़ोतरी के हमेशा बने रहने वाले जोख़िम का सामना करना पड़ता है. कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव और क़ीमतों पर रेगुलेटरी प्रतिबंधों के कारण कंपनियां क़ीमते नहीं बढ़ा पाती हैं, जिससे एलाइड ब्लेंडर्स के मार्जिन के लिए एक लगातार ख़तरा बना रहता है.

कंपनी के बारे में

एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स भारत में शराब बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक है, जिसका FY23 में IMFL मार्केट में 8.2 फ़ीसदी मार्केट शेयर (वॉल्यूम के संदर्भ में) रहा. ये कंपनी मुख्य रूप से व्हिस्की बनाती है, उसके बाद ब्रांडी, रम, वोदका और जिन बनाती है. इसके कुछ प्रमुख ब्रांडों में ऑफिसर्स चॉइस (Officer's Choice), स्टर्लिंग रिजर्व (Sterling Reserve) और आइकोनिक (Iconiq) शामिल हैं. एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के पास 79,329 डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ पूरे भारत में फैला हुआ डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है.

एलाइड ब्लेंडर्स की ताक़त

  • ये भारतीय व्हिस्की मार्केट का एक जमा-जमाया ब्रांड है, जिसका FY23 तक 11.8 फ़ीसदी मार्केट शेयर था.
  • ये कंपनी ऐसी इंडस्ट्री में काम करती है जिसमें दूसरे खिलाड़ियों को बहुत ज़्यादा कैपिटल की ज़रूरत पड़ती है और एंट्री लेने में भी बाधाएं आती हैं. इसके अलावा, विज्ञापन पर बहुत ज़्यादा प्रतिबंध हैं, जिसका फ़ायदा पहले ही पैर जमा चुकी ब्रांडों को मिलता है.

एलाइड ब्लेंडर्स की कमज़ोरियां

  • दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 12 महीनों के अनुसार, इसका ऑपरेटिंग मार्जिन इंडस्ट्री में ख़ासा कम (2.3 फ़ीसदी) है.
  • कंपनी का लगभग 48 फ़ीसदी रेवेन्यू अलग-अलग सरकार के कंट्रोल वाली रिटेल शॉप से आता है, जिससे क़ीमत तय करने की ताक़त कम हो जाती है.
  • क़ीमतों पर सरकारी रेगुलेटरी कैप और MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइज़) के संशोधन में देरी के कारण, कंपनी क़ीमतें नहीं बढ़ा सकती है.
  • मौजूदा IMFL खिलाड़ियों के बीच क़ीमतों को लेकर चलने वाली प्रतिस्पर्धा भी कंपनी की प्रॉफ़िटेबिलिटी पर बोझ डालती है.

IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 1500
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) 500
नए इशू (करोड़ ₹) 1000
प्राइस बैंड (₹) 267-281
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 25 से 27 जून, 2024
उद्देश्य क़र्ज़ की अदायगी

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 7,860
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 1,409
प्रमोटर होल्डिंग (%) 80.9
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 2,665
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 5.6

फ़ाइनेंशियल्स हिस्ट्री

फ़ाइनेंशियल्स (करोड़ ₹) 2Y CAGR (%) TTM FY23 FY22 FY21
रेवेन्यू 6 7,628 7,106 7,197 6,379
EBIT (OI छोड़कर) -2 179 130 138 135
PAT -20.1 2.9 1.6 1.5 2.5
नेट वर्थ 3.1 409 406 404 382
कुल डेट -9.8 809 793 863 975
EBIT (OI छोड़कर) -- अर्निंग बिफ़ोर इंटरेस्ट एंड टैक्स (दूसरी इनकम छोड़कर)
PAT -- प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स
TTM: दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 12 महीने

प्रमुख रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत TTM FY23 FY22 FY21
ROE (%) 0.5 0.7 0.4 0.4 0.7
ROCE (%) 11.3 15.1 11.4 11.4 11.1
EBIT मार्जिन (%) 2 2.3 1.8 1.9 2.1
डेट-टू-इक्विटी 2.2 2 2 2.1 2.6
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE -- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड

रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

  • क्या पिछले 12 महीनों में एलाइड ब्लेंडर्स की अर्निंग बिफ़ोर टैक्स ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
    नहीं. दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 12 महीनों में कंपनी का प्रॉफ़िट बिफ़ोर टैक्स (profit before tax यानी PAT) ₹14 करोड़ था.
  • क्या एलाइड ब्लेंडर्स अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
    हां. लोगों की इनकम लेवल बढ़ने के कारण अल्कोहल इंडस्ट्री में प्रीमियमाइज़ेशन में तेज़ी, और प्रोडक्ट के प्रचलन के कारण बनी रहने वाली डिमांड से कंपनी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
  • क्या एलाइड ब्लेंडर्स के पास लॉयल कस्टमर बेस है और क्या ये कंपनी किसी जाने-माने ब्रांड से जुड़ी है?
    हां. कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफ़ोलियो में ऑफिसर्स चॉइस और स्टर्लिंग रिजर्व जैसे जाने-माने ब्रांड शामिल हैं.
  • क्या कंपनी के पास कॉम्पिटेटिव एडवांटेज़ है?
    नहीं. इसे दूसरे खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है.

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मैनेजमेंट

  • क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
    हां, IPO के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी 81 फ़ीसदी हो जाएगी.
  • क्या टॉप तीन मैनजरों के पास कंपनी में काम करते हुए कुल मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का लीडरशिप अनुभव है?
    हां. टॉप 3 मैनेजरों के पास कुल मिलाकर 32 साल का अनुभव है.
  • क्या मैनेजमेंट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या कंपनी SEBI दिशानिर्देशों के तहत साफ़-सुथरी रिपोर्ट जारी करती है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी की एकाउंटिंग पॉलिसी ठीक है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी प्रमोटरों के शेयर गिरवी होने मुक्त है?
    हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखे हैं.

फ़ाइनेंशियल

  • क्या कंपनी का वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 18 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    नहीं. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 0.5 और 11.3 फ़ीसदी है. दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 12 महीनों में, इसका ROE और ROCE क्रमशः 0.7 और 15.1 फ़ीसदी था.
  • क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव रहा है?
    हां. कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पिछले तीन साल (FY21-23) में पॉज़िटिव रहा है.
  • क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है?
    नहीं. 31 दिसंबर 2023 तक इसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.8 गुना था.
  • क्या कंपनी रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
    नहीं. इन्वेंटरी और रेसीवेबल इसकी बैलेंस शीट का आधे से ज़्यादा हिस्सा बनाते हैं. इसके अलावा, इसके ज़्यादातर बॉरोइंग शॉर्ट-टर्म हैं और इसका इस्तेमाल इसकी ज़्यादा वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नस चला सकती है?
    हां. कंपनी ने पिछले तीन साल (FYs) में फ़्री कैश फ़्लो उत्पन्न किया है. इसके अलावा, IPO से मिलने वाली राशि से कंपनी को अपना क़र्ज़ कम करने और इंटरेस्ट ऑउटफ्लो बचाने में मदद मिलेगी.
  • क्या कंपनी बड़ी कंटिंजेंट लाएबिलिटी से मुक्त है?
    नहीं. इक्विटी के प्रतिशत के रूप में इसकी कंटिंजेंट लाएबिलिटी 31 दिसंबर 2023 तक 47 फ़ीसदी थी.

वैल्यूएशन

  • क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?
    नहीं. IPO के बाद, स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 2.1 फ़ीसदी की अर्निंग यील्ड देगा.
  • क्या स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
    नहीं. स्टॉक का P/E रेशियो 2,665 गुना है, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 79 गुना है.
  • क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?
    हां. स्टॉक का P/B रेशियो 5.6 गुना है, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 9.8 गुना है.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल ज़रूर करें.

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