फंड वायर

कॉरपोरेट FD, बैंक FD से 1% ज़्यादा ब्याज ऑफर कर रही हैं, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

हम यहां इनकी तुलना डेट म्यूचुअल फ़ंड्स से भी कर रहे हैं

corporate-fds-are-offering-more-than-bank-fds-should-you-investAI-generated image

सामान्य बैंक FD से आगे बढ़िए. कॉरपोरेट FD (fixed deposits) इन दिनों सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं. हाल के दिनों में बजाज फ़ाइनांस और श्रीराम फ़ाइनांस जैसी कंपनियां निवेशकों को 8.27 फ़ीसदी तक ब्याज़ दर की पेशकश कर रही हैं. लेकिन क्या इसका मतलब ये है कि आपको इनमें निवेश करना चाहिए? आइए जानते हैं.

बुरा: तुलनात्मक रूप से जोख़िम भरा

बैंक FD में ₹5 लाख तक का डिपॉजिट इंश्योर्ड होता है. कॉर्पोरेट FD के मामले में ऐसा नहीं है.

कॉर्पोरेट FDs >बैंक FDs

ब्याज़ दरों में अंतर 1.07 से 1.28% के बीच है

अवधि (माह) HDFC बैंक SBI कोटक बैंक श्रीराम फ़ाइनांस (AA+ रेटेड - ICRA) बजाज फ़ाइनांस (FAAA रेटेड- Crisil)
12 6.6% 6.25% 6.5% 7.53% 7.4%
24 7% 6.8% 7.3% 7.81% 7.5%
36 7.15% 7% 7% 8.18% 7.8%
60 7.2% 6.75% 6.2% 8.27% 8.1%
डेटा 12 जून 2024 तक का है

हालांकि, जोख़िम को कम करने के 3 तरीक़े हैं:

  • FD ऑफ़र करने वाली कंपनी की रेटिंग चेक करें. आपको इसकी रेटिंग प्रॉस्पेक्टस में मिल जाएगी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AAA रेटिंग वाली कंपनियां सबसे ज़्यादा सुरक्षित होती हैं.
    (ध्यान रखने की बात ये है कि ऊंची रेटिंग वाली पेपर्स डिफ़ॉल्ट से 100 फ़ीसदी सुरक्षित नहीं होते हैं. DHFL इसका सबसे अच्छा उदाहरण है. ये AAA रेटिंग वाली कंपनी थी और फिर भी इसने डिफ़ॉल्ट किया और आखिरकार दिवालिया हो गई. इसलिए, कंपनी के मैनेजमेंट और बिज़नस मॉडल के बारे में थोड़ा समय रिसर्च में लगाना सबसे अच्छा है. साथ ही, कंपनी के बारे में किसी भी निगेटिव ख़बर पर नज़र रखें.)
  • FD ऑफ़र करने वाली कंपनी की वित्तीय सेहत की जांच करें. पिछले कुछ वर्षों में सेल्स और प्रॉफ़िट में बढ़ोतरी को देखें, और डेट/इक्विटी जैसे डेट रेशियो और इंटरेस्ट कवरेज भी कंपनी के डेट के स्तर को दर्शाते हैं. आप प्रॉस्पेक्टस या धनक वैल्यू रिसर्च, स्क्रीनर जैसी बाहरी वेबसाइटों से डेटा प्राप्त कर सकते हैं.
  • कंपनी की रिपेमेंट की हिस्ट्री पर ग़ौर करें. एक भी डिफ़ॉल्ट पर आपको अलर्ट हो जाना चाहिए.

ये भी पढ़िए- Small Cap Fund: ₹5,000 की SIP से 10 साल में तैयार होगी कितनी वेल्थ

क्या कोई इससे बेहतर विकल्प है?

अगर किसी कंपनी की रेटिंग, डेट रेशियो या सेल्स में बढ़ोतरी की जांच करना कठिन लगता है, तो आपके लिए- डेट फ़ंड अच्छा विकल्प है. यहां तक ​​कि रिसर्च में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों को भी निम्नलिखित कारणों से डेट फ़ंड पर विचार करना चाहिए:

  • ज़्यादा डाइवर्सिफ़िकेशन, कम जोख़िम: डेट फ़ंड 45-50 या इससे भी ज़्यादा डेट सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं. इसलिए, अगर उनमें से कोई भी डिफ़ॉल्ट करता है, तो ये आपके पोर्टफ़ोलियो के केवल 3-4 फ़ीसदी को प्रभावित करता है. दूसरे शब्दों में, आपको डाइवर्सिफ़िकेशन (अपने निवेश को कई बॉन्ड में फैलाना) का फ़ायदा मिलता है.
    इसके विपरीत, एक कॉरपोरेट FD में, आप अपना पैसा एक ही कंपनी में लगा रहे हैं. ऐसे में रिस्क ज़्यादा होता है.
  • रिटर्न की तुलना: एक शॉर्ट-ड्यूरेशन फ़ंड का औसत सालाना YTM (खर्चों के बाद शुद्ध) प्राप्ति 7.23 प्रतिशत है, जबकि मध्यम-अवधि के कॉरपोरेट FD का 7.4 फ़ीसदी है. (YTM, या मेच्योरिटी पर यील्ड, संबंधित बॉन्ड को मेच्योरिटी तक रखने पर अनुमानित रिटर्न है.)

आखिरी बात

डेट फ़ंड निश्चित रिटर्न का वादा नहीं करते हैं, लेकिन वे सुरक्षित होते हैं क्योंकि वे कई बॉन्ड में निवेश करते हैं. और, यही वो काम है जो फ़िक्स इनकम वाले निवेशों को करना चाहिए. उनका पहला काम ये सुनिश्चित करना है कि आपका पैसा सुरक्षित रहे. लंबे समय में ज़्यादा रिटर्न के लिए, हमेशा इक्विटी में निवेश करने पर विचार करें.

ये भी पढ़िए - Debt Fund या स्मॉल फ़ाइनांस बैंक में FD, क्या सुरक्षित है?

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

आपके पास ₹50 लाख हैं. यह ग़लती बिल्कुल नहीं करना

पढ़ने का समय 6 मिनटउज्ज्वल दास

स्मॉल कैप के लिए मुश्क़िल रहा साल, फिर कैसे इस फ़ंड ने दिया 20% का रिटर्न?

पढ़ने का समय 4 मिनटचिराग मदिया

एक एलॉय बनाने वाली कंपनी जो मेटल से ज़्यादा मार्केट से कमाती है

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

बफ़े ने अपना सबसे बेहतरीन स्टॉक क्यों बेचा

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

सस्ते में मिल रहा है इस कंपनी का शेयर, क्या ख़रीदारी का है मौक़ा?

पढ़ने का समय 4 मिनटमोहम्मद इकरामुल हक़

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

नाम में क्या रखा है!

नाम में क्या रखा है!

जब एक लेबल सब बताए और कुछ न बताए

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी