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ये वाटर ट्रीटमेंट कंपनी एक नया मोड़ ले रही है! क्या आपको इसमें निवेश पर सोचना चाहिए?

ये कंपनी किस तरह से पानी की कमी को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है

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अभी चार महीने पहले ही बैंगलोर में पानी की कमी 20 प्रतिशत तक थी. जैसे-जैसे आप उत्तर भारत की ओर बढ़ेंगे, तो पाएंगे कि प्रमुख कृषि राज्यों में भूजल की भारी कमी है. आश्चर्य की बात नहीं है कि पानी की कमी के ख़तरे ने सरकार की प्राथमिकता सूची में वाटर ट्रीटमेंट सेक्टर को तेज़ी से ऊपर ला दिया है. यही स्थिति हमें इंडस्ट्री की मार्केट लीडर VA Tech Wabag की ओर ले जाती है, जो सरकार के फ़ोकस से फ़ायदा उठा रही है.

VA Tech दुनिया की टॉप पांच सबसे बड़ी समुद्री जल की कंपनियों में से एक है, मुख्य रूप से सरकारी संस्थाओं से ऑर्डर पाने वाली ये कंपनी वाटर ट्रीटमेंट, नगरपालिका और इंडस्ट्रियल वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और स्लज ट्रीटमेंट का काम करती है. 25 से ज़्यादा देशों में मौजूद, इसने FY24 रेवेन्यू का 47 प्रतिशत निर्यात से कमाया है.

बिज़नस के मामले में VA Tech मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, ख़रीद और निर्माण कंपनी (engineering, procurement & construction player या EPC) के रूप में हर तरह के ट्रीटमेंट की सुविधाएं देती है. इसने FY24 में अपने राजस्व का 83 प्रतिशत EPC सेगमेंट से कमाया. बाक़ी हिस्सा ऑपरेशन और रखरखाव (operation & maintenance या O&M) व्यवसाय से कमाया गया, जहां कंपनी अपने ग्राहकों की मौजूदा या नई ट्रीटमेंट फ़ेसीलिटी चलाती और मेंटेन करती है.

VA Tech Wabag के बारे में क्यों बात हो रही है?

पिछले एक साल में VA Tech के शेयर में अचानक उछाल आया है, जो पिछले एक दशक से स्थिर रहने के बाद 11 जुलाई, 2024 तक 166 प्रतिशत तक बढ़ गया है. अचानक ये उत्साह क्यों? क्या नया हुआ है? इन सवालों के जवाब देने और कंपनी की संभावनाओं का विश्लेषण करने के लिए आगे विस्तार से बात करते हैं.

VA Tech Wabag में बदलाव आने से पहले

हालिया बेहतर प्रदर्शन पर चर्चा करने से पहले, हम संक्षेप में देखते हैं कि कंपनी को ऐतिहासिक रूप से किन चीज़ों ने इसे मुश्किल में डाला.

  • EPC व्यवसाय के कम मार्जिन वाले कंस्ट्र्क्शन पर ध्यान केंद्रित करने के कारण इसने कुछ साल पहले तक लगातार कम, यानी सिंगल-डिजिट EBIT मार्जिन की रिपोर्ट की थी, और आंशिक रूप से मुनाफ़ा रहित यूरोपीय सहायक कंपनियों के कारण FY23 में लगभग ₹290 करोड़ का बड़ा नुक़सान हुआ.
  • इसके लिए हाई ट्रेड रिसीवेबल (प्राप्तियां) एक परेशान करने वाला मुद्दा रहा है. सेल के परसेंटेज के रूप में इसकी पांच साल की औसत प्राप्तियां (मीडियन रिसीवेबल) 51 प्रतिशत रहीं!
  • लंबे समय की परियोजनाओं का धीमा क्रियान्वयन तथा पूर्ववर्ती ऑर्डरों से प्राप्त बक़ाया राशि में फंसी बड़ी नकदी के कारण कंपनी का रेवेन्यू स्थिर हो गया, जिसमें पिछले 10 साल में केवल 2 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी हुई.

VA Tech Wabag में नया क्या हुआ है?

कंपनी ने पिछले पांच सालों में ऑपरेशन में कई बदलाव किए हैं, जिनका सकारात्मक असर इसकी वित्तीय स्थिति पर दिखने लगा है. कंपनी ने क्या बदलाव किए हैं और क्या करने की योजना बना रही है, आइए जानते हैं.

  • आकर्षक सेक्टर की ओर रुख: ये अपना ध्यान मुख्य निर्माण व्यवसाय से हटाकर अलग-अलग सर्विस-ओरिएंटेड सेगमेंट की ओर कर रहा है, जिसमें वाटर ट्रीटमेंट फ़ैसिलिटी के लिए इक्विपमेंट ख़रीदना, डिज़ाइन करना और टेक्नोलॉजी से चलने वाले प्रोसेस को लागू करना शामिल है. ये सब EPC बिज़नस के इंजीनियरिंग और ख़रीद (EP) भाग के तहत आता है. EP बिज़नस अब EPC वर्टिकल का एक-तिहाई हिस्सा बन गया है. ये बदलाव कंपनी को ऑपरेशन और रखरखाव या O&M जैसे हाई-मार्जिन, एसेट-लाइट सेगमेंट पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाता है. इस सेगमेंट से रेवेन्यू शेयर FY19 में 13 प्रतिशत से बढ़कर FY24 में 17 प्रतिशत हो गया है.
  • दो मुनाफ़ा रहित यूरोपीय सहायक कम्पनियों से अलग होना: ऐसा करने से मार्जिन पर दबाव कम हुआ है, जिससे EBIT मार्जिन FY21 में 7 प्रतिशत से बढ़कर FY24 में 13 प्रतिशत हो गया है. इससे कंपनी को अपने क़र्ज़ को FY9 में ₹613 करोड़ से घटाकर FY24 में ₹289 करोड़ करने में भी मदद मिली है.
  • नज़र बड़े लक्ष्य पर: हालांकि रेवेन्यू पिछले कुछ समय से स्थिर रहा है, लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो से तीन साल में इसकी मौजूदा ऑर्डर बुक ₹11,400 करोड़ की वजह से सालाना 15-20 प्रतिशत के रेट से बढ़ेगी. EP सेगमेंट से मार्जिन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो FY24 में 13 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो जाएगा. कंपनी को उम्मीद है कि O&M बिज़नस का रेवेन्यू हिस्सा भी बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाएगा.
  • बाक़ी की दुनिया पर नज़र: FY24 में कंपनी के क़रीब 67 प्रतिशत ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से आए. इस तरह, इसका मक़सद अपने बाक़ी की दुनिया (rest of world या RoW) पोर्टफ़ोलियो पर ध्यान केंद्रित करना है, ख़ासतौर पर छोटे समय के ऑर्डर हासिल करने पर, ताकि भुगतान शर्तों में सुधार हो और परियोजनाओं को तेजी से निपटाया जा सके.

हमारी राय

कंपनी के मौजूदा मार्गदर्शन के अनुसार, VA Tech का ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट अगले दो साल में हर साल 25-30 प्रतिशत की प्रभावशाली बढ़ोतरी की उम्मीद है. उद्योग जगत की अनुकूल परिस्थितियों और कंपनी के हाई-मार्जिन वाले क्षेत्रों और इसके वैश्विक व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने से इसमें मदद मिलेगी. हालांकि, इन सकारात्मक पहलुओं की क़ीमत पहले ही तय हो चुकी थी, क्योंकि स्टॉक का P/E रेशियो सिर्फ़ एक साल में 12 गुना से बढ़कर क़रीब 33 गुना हो गया है.

इसलिए, अब शेयर में सेफ्टी का सीमित मार्जिन है. इसके अलावा इसके ज़्यादा प्राप्तियां (Receivable) के दिनों का कड़वा दौर दौर अभी ख़त्म नहीं हुआ है, जो FY24 में 254 दिनों के शिखर पर था, फिर चाहे कंपनी को उम्मीद है कि FY25 में इसमें कमी आएगी. वीए टेक की सरकारी ख़र्च और ऑर्डर पर भारी निर्भरता एक और बड़ा जोख़िम का कारण बनी हुई है, साथ ही हाई डेट (high debt) और कैश कलेक्शन (cash collection) के मुद्दों का भी इसका इतिहास रहा है. अंत में, कंपनी की बड़ी विदेशी उपस्थिति इसकी लाभप्रदता (profitability) तय करती है. यूरोपीय उपक्रमों में जो कुछ हुआ, उसका दोहराव कंपनी के लिए एक गंभीर बाधा हो सकता है.

ये भी पढ़िए - इस कंपनी का Q4 शुद्ध लाभ 45 गुना बढ़ गया! इसने इतना लाभ कैसे कमाया?

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