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शेयर बाज़ार में कुछ ख़ास सेक्टर और थीम ऐसे होते हैं, जो तेज़ी के दौर में निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकते हैं. पिछले 3 साल के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो ताइवान की इक्विटी, सोने की माइनिंग और मेटल-एनर्जी जैसी थीम पर दांव लगाने वाले फ़ंड्स ने निवेशकों को दमदार रिटर्न दिया है.
अगर किसी निवेशक ने टॉप 5 म्यूचुअल फ़ंड्स में पिछले 3 साल तक इनमें ₹10,000 की मासिक SIP की होती, तो उनकी वेल्थ बढ़कर ₹10.08 लाख हो गई होती.
आइए जानते हैं, पिछले 3 साल में सबसे ज़्यादा SIP रिटर्न देने वाले टॉप 5 म्यूचुअल फ़ंड्स के बारे में.
ध्यान रहे कि इस लिस्ट में इंटरनेशनल और थीम आधारित फ़ंड्स का दबदबा है. ऐसे फ़ंड्स में ग्लोबल मार्केट की चाल, करेंसी में उतार-चढ़ाव और संबंधित सेक्टर के प्रदर्शन का रिटर्न पर सीधा असर पड़ता है.
3 साल के 5 Best Mutual Fund
| फ़ंड | SIP रिटर्न (%) | SIP वैल्यू |
|---|---|---|
| Nippon India Taiwan Equity | 79.89 | ₹10.08 लाख |
| DSP World Gold Mining Overseas Equity Omni FoF | 70.45 | ₹9.08 लाख |
| Mirae Asset Global X Artificial Intelligence & Tech ETF FoF | 50.06 | ₹7.15 लाख |
| Mirae Asset NYSE FANG+ ETF FoF | 46.46 | ₹6.84 लाख |
| Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF | 45.51 | ₹6.76 लाख |
| नोटः ये डेटा 5 अगस्त, 2026 का है. SIP की वैल्यू ₹10,000 के मंथली डिपॉज़िट पर निकाली गई है. | ||
टॉप 5 फ़ंड्स: 3 साल का SIP रिटर्न
1. Nippon India Taiwan Equity
ताइवान की कंपनियों पर केंद्रित Nippon India Taiwan Equity इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. इसने पिछले 3 साल में 79.89% का SIP रिटर्न दिया है.
अगर किसी निवेशक ने इस फ़ंड में 3 साल तक हर महीने ₹10,000 की SIP की होती, तो कुल ₹3.60 लाख का निवेश बढ़कर ₹10.08 लाख हो गया होता.
ताइवान की टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों की अहम भूमिका इस प्रदर्शन की एक बड़ी वजह रही है.
2. DSP World Gold Mining Overseas Equity Omni FoF
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर DSP World Gold Mining Overseas Equity Omni FoF है. यह फ़ंड दुनिया भर की गोल्ड माइनिंग कंपनियों में निवेश करता है.
पिछले 3 साल में इसका SIP रिटर्न 70.45% रहा. इस फ़ंड में ₹10,000 की मासिक SIP की होती, तो कुल निवेश बढ़कर ₹9.08 लाख हो गया होता.
सोने की कीमतों में तेज़ी का असर गोल्ड माइनिंग कंपनियों के प्रदर्शन पर भी पड़ा है. हालांकि, गोल्ड माइनिंग कंपनियों में निवेश सिर्फ़ सोने की कीमत पर निर्भर नहीं करता. कंपनी के ऑपरेशनल खर्च, माइनिंग कॉस्ट और शेयर बाज़ार की चाल भी रिटर्न को प्रभावित करती है.
3. ICICI Pru Strategic Metal and Energy Equity FoF
तीसरे नंबर पर ICICI Pru Strategic Metal and Energy Equity FoF है. जैसा कि नाम से पता चलता है, यह फ़ंड मेटल और एनर्जी से जुड़ी कंपनियों की थीम पर निवेश करता है.
इस फ़ंड ने 3 साल में 50.06% का SIP रिटर्न दिया है. 3 साल पहले इस फ़ंड में ₹10,000 की मासिक SIP शुरू करने वालों की वेल्थ इस अवधि में बढ़कर ₹7.15 लाख हो गई होती.
मेटल और एनर्जी से जुड़ी कंपनियों के प्रदर्शन पर कमोडिटी की क़ीमतों, वैश्विक मांग और आर्थिक गतिविधियों का काफ़ी असर पड़ता है. इसलिए इस तरह के फ़ंड में रिटर्न के साथ जोखिम भी दूसरे फ़ंड्स की तुलना में ज़्यादा हो सकता है.
4. DSP World Mining Overseas Equity Omni FoF
चौथे नंबर पर DSP World Mining Overseas Equity Omni FoF है. यह फ़ंड दुनिया भर की माइनिंग कंपनियों में निवेश करता है.
पिछले 3 साल में इसने 46.46% का SIP रिटर्न दिया है. इस अवधि में इस फ़ंड में ₹10,000 की मासिक SIP की वैल्यू बढ़कर ₹6.84 लाख हो गई होती.
माइनिंग सेक्टर को कमोडिटी की कीमतों में तेज़ी का फायदा मिल सकता है, लेकिन इस सेक्टर में कीमतों में उतार-चढ़ाव भी काफ़ी ज़्यादा होता है. इसलिए निवेशकों को ऐसे फ़ंड्स में निवेश करते समय जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए.
5. Mirae Asset NYSE FANG+ ETF FoF
पांचवें नंबर पर Mirae Asset NYSE FANG+ ETF FoF है. यह फ़ंड अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों वाले NYSE FANG+ इंडेक्स से जुड़ा है.
इसने पिछले 3 साल में 45.51% का SIP रिटर्न दिया है. अगर किसी ने 3 साल पहले इस फ़ंड में ₹10,000 की मासिक SIP की होती, तो उसकी वैल्यू 3 साल बाद ₹6.76 लाख हो गई होती.
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क्यों दिखा थीम और इंटरनेशनल फ़ंड्स का दबदबा?
टॉप 5 की लिस्ट को देखें तो इसमें किसी पारंपरिक डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड की जगह ख़ास थीम और इंटरनेशनल एक्सपोज़र वाले फ़ंड्स का दबदबा है.
ताइवान की इक्विटी, गोल्ड माइनिंग, मेटल-एनर्जी, ग्लोबल माइनिंग और अमेरिकी टेक्नोलॉजी-इन सभी थीम ने पिछले 3 साल में अच्छा प्रदर्शन किया है. ख़ास तौर पर पहले दो फ़ंड्स ने बाक़ी लिस्ट से काफ़ी बेहतर रिटर्न दिया है.
हालांकि, इस प्रदर्शन को देखकर यह नहीं मान लेना चाहिए कि यही थीम आगे भी सबसे ज़्यादा रिटर्न देंगी. थीम आधारित फ़ंड्स का प्रदर्शन कुछ ख़ास सेक्टर या बाज़ार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है और इनमें उतार-चढ़ाव भी ज़्यादा हो सकता है.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- करेंसी रिस्क: इंटरनेशनल फ़ंड्स में रुपये और विदेशी करेंसी के बीच उतार-चढ़ाव आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है.
- थीम का जोखिम: किसी एक सेक्टर या थीम पर फोकस करने वाले फ़ंड्स में डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स की तुलना में जोखिम अधिक हो सकता है.
- ग्लोबल मार्केट का असर: विदेशी बाज़ारों की तेज़ी या गिरावट का सीधा असर ऐसे फ़ंड्स पर पड़ सकता है.
- अतीत का रिटर्न गारंटी नहीं: पिछले 3 साल का शानदार प्रदर्शन यह गारंटी नहीं देता कि अगले 3 साल में भी ऐसा ही रिटर्न मिलेगा.
- पूरा पोर्टफ़ोलियो एक थीम पर न रखें: ऐसे फ़ंड्स को अपने पूरे निवेश पोर्टफ़ोलियो का आधार बनाने के बजाय अपने एसेट एलोकेशन और जोखिम क्षमता के हिसाब से देखना चाहिए.
सही फ़ंड चुनने में मदद चाहिए?
म्यूचुअल फ़ंड चुनते समय सिर्फ़ पिछले रिटर्न पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं है. फ़ंड की स्ट्रैटजी, जोखिम, लागत, प्रदर्शन की निरंतरता और आपके निवेश के गोल को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है.
Value Research Fund Advisor आपको रिसर्च पर आधारित म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो बनाने में मदद कर सकता है. हमारे एनालिस्ट फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो, ट्रैक रिकॉर्ड, जोखिम, लागत और निरंतरता का अध्ययन करने के बाद ऐसे फ़ंड्स को रेकमंड करते हैं, जो आपके गोल्स के लिए उपयुक्त हो सकते हैं.
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ये लेख पहली बार दिसंबर 24, 2024 को पब्लिश हुआ, और सितंबर 03, 2026 को अपडेट किया गया.

