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क्या मिड-कैप फ़ंड अच्छा लार्ज-कैप एक्सपोज़र दे सकते हैं?

धीरेंद्र कुमार बता रहे हैं कि लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप में संतुलित निवेश के लिए कौन सा फ़ंड सही रहेगा

धीरेंद्र कुमार बता रहे हैं कि लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप में संतुलित निवेश के लिए कौन सा फ़ंड सही रहेगाAI-generated image

जब मिड-कैप फ़ंड्स आमतौर पर 30% हिस्सा लार्ज कैप स्टॉक्स में लगाते हैं, तो फिर अलग से एक लार्ज-कैप फ़ंड में निवेश करने की ज़रूरत क्यों है? क्या इससे रीबैलेंसिंग से बचा नहीं जा सकता? - राघवेंद्र सोरब

सिर्फ़ मिड-कैप फ़ंड काफ़ी क्यों नहीं?
मिड-कैप फ़ंड्स निवेश करना एक अच्छी स्ट्रैटेजी है क्योंकि मिड-कैप फ़ंड्स तेज़ी से बढ़ने वाली कंपनियों में निवेश का मौक़ा देते हैं, लेकिन इनमें रिस्क और उतार-चढ़ाव भी ज़्यादा होता है. SEBI नियमों के मुताबिक़, मिड-कैप फ़ंड को कुछ लचीलापन देते हैं - उन्हें अपनी एलोकेशन का कम से कम 65% हिस्सा मिड-कैप स्टॉक में एलोकेट करना ज़रूरी होता है. वहीं, बाक़ी 35% हिस्सा फ़ंड मैनेजर के मुताबिक़ लार्ज कैप या स्मॉल कैप स्टॉक्स में निवेश किया जा सकता है. यानी, फ़ंड मैनेजर को मार्केट के मुताबिक़ निवेश में बदलाव करने की छूट होती है.

लेकिन, ज़्यादतर मिड-कैप फ़ंड्स लार्ज-कैप में काफ़ी काम ही एलोकेशन करते हैं औसतन सिर्फ़ 12% ही. इसके अलावा, ज़्यादातर मिड-कैप फ़ंड्स से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पोर्टफ़ोलियो का एक बड़ा हिस्सा मिड-कैप स्टॉक में निवेश करें. ख़ासकर जब फ़ंड छोटा हो, तो मैं फ़ंड मैनेजर को लार्ज कैप में डायवर्सिफ़िकेशन लाने के बजाय पूरी तरह से मिड-कैप स्टॉक पर ही टिके रहने के लिए कहूंगा.

क्या फ़्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप फ़ंड्स बेहतर ऑप्शन हैं?
अगर आप लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप में बेहतर तरह से डायवर्सिफ़ाइड निवेश की तलाश कर रहे हैं, तो सिर्फ़ मिड-कैप फ़ंड पर निर्भर रहना सही नहीं होगा.

फ़्लेक्सी कैप फ़ंड्स: इनमें फ़ंड मैनेजर को सभी मार्केट कैटेगरी में निवेश करने की छूट होती है, लेकिन आजकल इनमें 80% से ज़्यादा निवेश लार्ज-कैप में किया जा रहा है.

मल्टी-कैप फ़ंड्स: इनमें ख़ासतौर से कम से कम 25% हिस्सा लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप में निवेश किया जाता है. यानी, निवेशक मार्केट एक्सपोज़र बेहतर ढंग से हासिल कर सकते हैं.

आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपका मक़सद सही डायवर्सिफ़िकेशन और बैलेंस्ड एक्सपोज़र हासिल करना है, तो सिर्फ़ मिड-कैप फ़ंड पर निर्भर रहना सही स्ट्रैटेजी नहीं होगी. सही तरीक़ा ये है कि अपने पोर्टफ़ोलियो में अलग-अलग कैटेगरी के फ़ंड्स शामिल करें. ताकि हर मार्केट कैप का फ़ायदा मिले और रिस्क बैलेंस्ड रहे.

ये भी पढ़िए: स्मॉल-कैप फ़ंड क्यों मिड-कैप कंपनियों में निवेश करते हैं?

ये लेख पहली बार फ़रवरी 18, 2025 को पब्लिश हुआ.

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