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सोमवार, 19 मई 2025 को फ़्यूचर मार्केट में गोल्ड की क़ीमतों में दमदार रैली देखने को मिल रही है. शुरुआती कारोबार में गोल्ड लगभग ₹1,600 मज़बूत होकर ₹94,031 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, कुछ ही देर में तेज़ी सीमित हो गई और फ़िलहाल 9.15 बजे गोल्ड ₹851 मज़बूत होकर ₹93,292 पर बना हुआ है. माना जा रहा है ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट्स की तरफ़ से नई ख़रीद के चलते ये तेज़ी देखने को मिल रही है.
इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो गोल्ड लगभग 11 डॉलर मज़बूत होकर 3,214 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में ये तेज़ी इसलिए भी अहम है कि गोल्ड की क़ीमतों के लिए पिछला हफ़्ता नवंबर के बाद का सबसे ख़राब हफ़्ता रहा है.
गोल्ड की क़ीमतों को प्रभावित करने वाले 5 अहम फ़ैक्टर्स
1. मुद्रास्फीति (महंगाई दर): वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि सोने की कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है. जब महंगाई बढ़ती है, तो निवेशक अपनी संपत्ति के मूल्य को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ जाती है.
2. भू-राजनीतिक तनाव: वैश्विक स्तर पर राजनीतिक अस्थिरता, जैसे कि मध्य पूर्व में तनाव, अमेरिका-चीन संबंध या रूस-यूक्रेन संघर्ष, सोने को एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में अधिक आकर्षक बनाती है. ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीदते हैं, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं.
3. अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन: अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी का सोने की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है. जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य करेंसीज रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमतें बढ़ती हैं. इसके विपरीत, मजबूत डॉलर सोने की कीमतों को कम कर सकता है.
4. केंद्रीय बैंकों की नीतियां: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद या बिक्री का भी कीमतों पर बड़ा असर होता है. यदि केंद्रीय बैंक अधिक मात्रा में सोना खरीदते हैं, तो यह कीमतों को और बढ़ा सकता है. इसके अतिरिक्त, ब्याज दरों से संबंधित नीतियां भी सोने की कीमतों को प्रभावित करती हैं; कम ब्याज दरें सोने को अन्य निवेशों की तुलना में अधिक आकर्षक बनाती हैं.
5. बाजार की मांग और आपूर्ति: सोने की मांग और आपूर्ति का संतुलन कीमतों को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक है. आर्थिक अनिश्चितता के समय जब सोने की मांग बढ़ती है, तो कीमतें भी बढ़ती हैं. इसके अलावा, शादी-विवाह जैसे अवसरों पर भी सोने की मांग में तेजी आती है, जो कीमतों को प्रभावित कर सकती है.
डिस्क्लेमर: यहां केवल सामान्य जानकारी दी गई है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. यह समाचार विभिन्न वित्तीय स्रोतों और बाज़ार डेटा पर आधारित है.



