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गोल्ड रेट आज 21 मई 2025: गोल्ड की क़ीमतों में इन वजहों से फिर आई तगड़ी रैली

ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित धातु के तौर पर गोल्ड का आकर्षण बढ़ता दिख रहा है

ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित धातु के तौर पर गोल्ड का आकर्षण बढ़ता दिख रहा हैAdobe Stock

एक दिन पहले लगभग ₹1,600 की मज़बूती के बाद बुधवार, 21 मई 2025 को भी फ़्यूचर मार्केट में गोल्ड की क़ीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. आज MCX पर शुरुआती कारोबार में गोल्ड लगभग ₹700 मज़बूत होकर ₹95,526 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, सुबह 9.35 पर गोल्ड ₹559 की बढ़त के साथ ₹95,400 के स्तर पर बना हुआ है.

वहीं सिल्वर की क़ीमतों में भी तेज़ी बनी हुई है. MCX पर सिल्वर ₹319 मज़बूत होकर ₹97607 प्रति किग्रा के स्तर पर बनी हुई है. शुरुआती कारोबार के दौरान सिल्वर ने ₹97,649 का ऊपरी स्तर छुआ था.

आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितता जारी रहने की आशंका

असल में ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित धातु के तौर पर गोल्ड का आकर्षण बढ़ता दिख रहा है. एक दिन पहले फेडरल रिज़र्व (फेड) के कई अधिकारियों ने रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड किए जाने पर टिप्पणी की थी. फेडरल रिज़र्व बैंक ऑफ अटलांटा के चेयर राफेल बोस्टिक ने कहा कि डाउनग्रेड का इकोनॉमी पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है और अनिश्चितता कैसे खत्म होती है, ये देखने के लिए 3 से 6 महीने और इंतजार करने की ज़रूरत है

जिओपॉलिटिकल टेंशन को लेकर उम्मीदें!

जिओपॉलिटिकल टेंशन की बात करें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन में गतिरोध को समाप्त करने के लिए व्लादिमीर पुतिन के साथ दो घंटे फोन कॉल पर बात की. राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वार्ता तुरंत शुरू होगी, हालांकि अगर बातचीत फिर से टूट जाती हैं तो अमेरिका आगे की किसी भी कोशिश और वार्ता से पीछे हट जाएगा.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने कहा कि इसमें "कुछ बड़े इगो शामिल थे" और किसी प्रगति के बिना, "मैं बस पीछे हटने जा रहा हूं." उन्होंने चेतावनी दोहराई कि वे इस प्रोसेस को छोड़ सकते हैं और निष्कर्ष निकाला कि "ये मेरा युद्ध नहीं है."

सोने की क़ीमतों में तेज़ी के 4 प्रमुख कारण

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन और जिओपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी है.

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: 2025 में केंद्रीय बैंकों ने 244 टन सोना ख़रीदा है, जिससे आपूर्ति पर दबाव बढ़ा और क़ीमतों में उछाल आया.

मुद्रास्फीति और कमजोर डॉलर: ऊंची मुद्रास्फीति और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी ने सोने की मांग को बढ़ावा दिया, क्योंकि ये महंगाई के खिलाफ बचाव का साधन है.

त्योहारी मांग: भारत में शादी-विवाह और त्योहारों का मौसम होने के कारण सोने की स्थानीय मांग में बढ़ोतरी हुई, जिससे क़ीमतों को समर्थन मिला है.

डिस्क्लेमर: यहां केवल सामान्य जानकारी दी गई है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. यह समाचार विभिन्न वित्तीय स्रोतों और बाज़ार डेटा पर आधारित है.

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