Trending

एक लाख डाकिए बनेंगे म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर!

इंडिया पोस्ट का विशाल नेटवर्क छोटे क़स्बों और गांवों तक लाखों नए निवेशकों के हाथों में म्यूचुअल फ़ंड पहुंचा सकता है

इंडिया पोस्ट का विशाल नेटवर्क छोटे क़स्बों और गांवों तक लाखों नए निवेशकों के हाथों में म्यूचुअल फ़ंड पहुंचा सकता हैAdobe Stock

वही डाकिया जो चिट्ठियां और मनी ऑर्डर पहुंचाता है, अब जल्द ही दरवाज़े पर एक और ऑफ़र लेकर आ सकता है: म्यूचुअल फ़ंड.

एक ऐतिहासिक पार्टनरशिप के तहत, इंडिया पोस्ट और एसोसिएशन ऑफ़ म्यूचुअल फ़ंड्स इन इंडिया (AMFI) क़रीब एक लाख डाकियों को म्यूचुअल फ़ंड डिस्ट्रीब्यूटर (MFD) के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना बना रहे हैं. मेट्रो शहरों से बाहर अपना दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही इंडस्ट्री के लिए, ये क़दम म्यूचुअल फ़ंड को 'भारत' तक ले जाने वाला एक बड़ा क़दम साबित हो सकता है.

ये साझेदारी क्या है?

AMFI ने इंडिया पोस्ट के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है. इसका मक़सद क्या है? इसके तहत, देशभर के डाकियों को म्यूचुअल फ़ंड बेचने के लिए प्रशिक्षण देना है. इसकी शुरुआत चार राज्यों से होगी: बिहार, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और मेघालय. साल के अंत तक हरेक ज़िले में कम से कम 10 प्रशिक्षित किए गए डिस्ट्रीब्यूटर शामिल करने का लक्ष्य है, जिसे 2026 तक इस संख्या को दोगुना करके 20 करने का लक्ष्य है.

अभी क्यों?

  • 2019 के 2.1 करोड़ से बढ़कर म्यूचुअल फ़ंड इन्वेस्टर फ़ोलियो की संख्या 5.6 करोड़ हो गई है. AMFI का लक्ष्य है कि ये संख्या डबल की जाए.
  • भले ही, म्यूचुअल फ़ंड निवेश में टॉप 30 शहरों का दबदबा है (65%), लेकिन अब बॉटम 30 शहरों की हिस्सेदारी भी 45% हो चुकी है. ये दिखाता है कि छोटे शहरों और क़स्बों में म्यूचुअल फ़ंड निवेश की पहुंच बढ़ाना ज़रूरी है.
  • हर साल क़रीब 30,000 नए डिस्ट्रीब्यूटर जुड़ते हैं, लेकिन नेट ऐडिशन सिर्फ़ 10,000 पर रुक जाता है, जो सप्लाई की कमी को दिखाता है.
  • निवेश बढ़ने के बावजूद, भारत में म्यूचुअल फ़ंड का एसेट बेस GDP का सिर्फ़ 21% है, जो ग्लोबल एवरेज 65% से बहुत नीचे है और डेवलप्ड मार्केट्स (100% से ऊपर) की तुलना में बहुत कम है.

आप क्या समझें इससे?

AMFI और इंडिया पोस्ट का ये टाई-अप साफ़ संकेत देता है कि म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री अपनी दिशा बदल रही है और भागीदारी का दायरा बढ़ा रही है. अगले कुछ सालों में भारतीय निवेशक का चेहरा काफ़ी अलग दिख सकता है: टियर-1 शहरों की संख्या कम शहर, छोटे शहरों वाले भारत की संख्या ज़्यादा.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

टैक्स बचाने के लिए NPS में अकाउंट खोला था, अब बाहर कैसे निकलें?

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

इतना लंबा सफ़र

पढ़ने का समय 3 मिनटधीरेंद्र कुमार down-arrow-icon

विरासत में मिला NPS टैक्स फ़्री, लेकिन म्यूचुअल फ़ंड पर लगता है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

PPF, सुकन्या समृद्धि, NPS वात्सल्य, म्यूचुअल फ़ंड: कौन बेहतर है?

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

NPS की एकमुश्त रक़म को 25 साल की रिटायरमेंट इनकम में कैसे बदलें?

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इतना लंबा सफ़र

इतना लंबा सफ़र

आज सबसे बड़ा एक्टिव फ़ंड उतनी रक़म मैनेज करता है, जितनी इस मैगज़ीन के शुरू होने पर पूरी इंडस्ट्री करती थी

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी