फंड वायर

Nippon India Small Cap: जुलाई में ख़रीदे 4 शेयर, क्या कोई है आपके पास?

चलिए जानते हैं

चलिए जानते हैंPhoto: Manish Yadav

सारांशः निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड ने पिछले महीने 4 नए शेयर ख़रीदे और 4 से पूरी तरह एग्ज़िट कर लिया. इन शेयरों में दो नई लिस्टिड कंपनियां भी शामिल हैं, जबकि फ़ंड एक बड़ा फ़ार्मा स्टॉक से निकल गया. क्या आप जानना चाहते हैं कि किन शेयरों में निवेश हुआ? आइए गहराई से जानें.

निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड स्मॉल-कैप स्पेस में सिर्फ़ एक नाम नहीं है; ये लीडर है.

लॉन्ग-टर्म में, फ़ंड के रेगुलर प्लान ने 20.55 प्रतिशत का सालाना रिटर्न दिया है, वहीं, SIP का प्रदर्शन और भी मज़बूत है. रुपए की कॉस्ट एवरेजिंग (जिसमें क़ीमतें कम होने पर आप ज़्यादा यूनिट ख़रीदते हैं और ज़्यादा होने पर कम यूनिट ख़रीदते हैं) की बदौलत निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप में SIP करने वालों को 23 प्रतिशत से ज़्यादा का सालाना रिटर्न मिला है. आसान भाषा में समझें तो, ₹10,000 की मंथली SIP अगर 10 साल पहले शुरू की होती, तो आज उसकी वैल्यू ₹41.12 लाख तक हो जाती.

निरंतरता के मामले में भी ये फ़ंड शायद ही कभी लड़खड़ाता है. पिछले 10 कैलेंडर सालों में इसने अपने बेंचमार्क, BSE SmallCap 250 TRI को हर साल पीछे छोड़ा है.

ये मज़बूत ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि क्यों निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप भारत में सबसे लोकप्रिय स्मॉल-कैप फ़ंड भी है, जिसे हमने फ़ाइव-स्टार रेटिंग दी है. ये लगभग ₹66,000 करोड़ की एसेट को मैनेज करता है, जो दूसरे सबसे बड़े HDFC Small Cap (₹36,353 करोड़) से लगभग दोगुना है. कोई हैरानी नहीं कि हमारे वैल्यू रिसर्च प्लेटफ़ॉर्म पर ये सबसे ज़्यादा खोजा जाने वाला फ़ंड्स में से एक है.

इस फ़ंड में भारी दिलचस्पी देखते हुए, चलिए इसके ताज़ा पोर्टफ़ोलियो बदलावों पर ग़ौर करते हैं.

पिछले महीने की 4 नई ख़रीदारी

  • Raymond Realty (फ़ंड ने 1.86 प्रतिशत हिस्सेदारी ली; ये कंपनी हाल ही में एक्सचेंज पर लिस्ट हुई है)
  • HDB Financial Services (ये कंपनी भी हाल ही में लिस्ट हुई है)
  • LIC Housing Finance
  • Piramal Enterprises

इन 4 कंपनियों से फ़ंड ने पूरी तरह एग्ज़िट किया

क्या जानना ज़रूरी है

इस फ़ंड की ख़ास बात इसका buy-and-hold स्ट्रैटेजी है. इसका पोर्टफ़ोलियो टर्नओवर रेशियो सिर्फ़ 12 प्रतिशत है, यानी फ़ंड साल भर में अपने शेयरों का बहुत छोटा हिस्सा ही बदलता है. ये कई और स्मॉल-कैप फ़ंड्स से अलग है, जो अपने पोर्टफ़ोलियो को अक्सर बदलते रहते हैं.

ये धैर्य इसके पोर्टफ़ोलियो बनाने के तरीक़े में भी दिखता है.

निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप लगभग 250 स्टॉक्स रखता है. पहली नज़र में इतना बड़ा पोर्टफ़ोलियो देखकर लग सकता है कि इससे रिटर्न कम हो जाएगा. कई जानकार मानते हैं कि स्मॉल-कैप स्पेस में इतने बड़े फ़ंड को संभालना मुश्क़िल है क्योंकि स्मॉल-कैप स्टॉक्स अक्सर कम लिक्विड होते हैं. मतलब ये कि फ़ंड बिना दाम पर असर डाले बड़े पैमाने पर आसानी से ख़रीद-बिक्री नहीं कर सकते.

फिर भी, निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप ने अब तक इस मुश्क़िल को पीछे छोड़ा है. इसका प्रदर्शन सिर्फ़ बराबरी ही नहीं करता, बल्कि कई बार छोटे और फ़ुर्तीले फ़ंड्स को भी पछाड़ देता है. इससे फ़ंड मैनेजर की अनुशासन और रिटर्न की बढ़त खोए बिना अलग-अलग कंपनियों में रिस्क फैलाने की क्षमता का पता चलता है.

अब बड़ा सवाल ये है: क्या आपको इसमें निवेश करना चाहिए?

निवेश का फैसला लेने के लिए सिर्फ़ अच्छा पिछला प्रदर्शन ही काफ़ी नहीं होता. म्यूचुअल फ़ंड्स में कोई एक फ़ंड सभी के लिए सही नहीं होता. जो आपके दोस्त या सहकर्मी के लिए सही है, ज़रूरी नहीं कि वह आपके लिए भी सही हो, क्योंकि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता, समय सीमा और फ़ाइनेंशियल लक्ष्य बहुत अलग हो सकते हैं.

यहीं पर वैल्यू रिसर्च फंड एडवाइज़र काम आता है. हमारा प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ़ अच्छे प्रदर्शन वाले फ़ंड्स ही नहीं दिखाता, बल्कि ये भी समझाता है कि कौन-सा फ़ंड आपके लिए ठीक रहेगा. हमारे पास सालों का डेटा, गहरी एनालेसिस और एक्सपर्ट रेकमेंडेशन हैं, जिससे फ़ंड एडवाइज़र आपको ऐसे फ़ंड चुनने में मदद करता है जो आपके लॉन्ग-टर्म प्लान के साथ फिट हों.

आज ही फ़ंड एडवाइज़र देखें

ये भी पढ़ें: Quant Small Cap ने 5 नए स्टॉक्स ख़रीदे, क्या इनमें से कोई आपके पास है?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

पांच इंटरनेशनल फ़ंड खुले, Nasdaq 100 ETF अपनी वैल्यू के क़रीब पहुंचा

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

सोलर पंप कंपनियों की ग्रोथ कहां अटक गई?

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

Ola Electric vs Ather Energy: एक की फ़ैक्ट्री ख़ाली, दूसरे के पास ख़रीदारों की कतार

पढ़ने का समय 6 मिनट•Ananya Khurana

AI पर ख़र्च से जुड़ी चिंता कोई नई बात नहीं

पढ़ने का समय 5 मिनट•धीरेंद्र कुमार

आपका शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गया, अब क्या करें?

पढ़ने का समय 5 मिनट•अभिनव गोयल

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

आपका फ़ंड नुक़सान में है? इसका मतलब यह नहीं कि फ़ंड ख़राब है

सितंबर और अक्तूबर ने ज़्यादातर पोर्टफ़ोलियो को लाल कर दिया है, पर ये आंकड़ा आपके चुने हुए फ़ंड से ज़्यादा इस बारे में बताता है कि आपने निवेश कब किया

दूसरी कैटेगरी