Aditya Roy/AI-Generated Image
सारांशः sif ने SEBI के नए Specialized Investment Fund (SIF) स्ट्रक्चर के तहत दो लॉन्ग-शॉर्ट इक्विटी फ़ंड के लिए आवेदन जमा किए हैं. पहला फ़ंड अलग-अलग मार्केट कैप में एक ब्रॉड-बेस्ड स्ट्रैटेजी अपनाएगा, जबकि दूसरा ख़ास तौर से मिड और स्मॉल-कैप से जुड़े मौक़ों पर ध्यान देगा. दोनों ही फ़ंड डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल कर रिस्क मैनेज करेंगे और रिटर्न बढ़ाने की कोशिश करेंगे.
Quant Mutual Fund अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फ़ंड (Qsif) के ज़रिए दो नई स्ट्रैटेजी लॉन्च करने जा रहा है: Qsif Equity Long Short Fund और Qsif Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund.
कंपनी ने इन दोनों ऑफ़र डॉक्यूमेंट को भारतीय सिक्योरिटीज़ और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) में फ़ाइल किया है. जो नए SIF स्ट्रक्चर के तहत फ़ाइल किया गया पहला प्रोडक्ट है. SEBI के नियमों के मुताबिक़, SIF अलग-अलग स्ट्रैटेजी अपना सकते हैं और इसमें न्यूनतम निवेश रक़म कम से कम ₹10 लाख है.
Edelweiss, Mirae Asset और SBI जैसे कई और फ़ंड हाउस अपना SIF लॉन्च करने का ऐलान कर चुके हैं.
अब तक SEBI ने SIF के तहत सात अलग-अलग स्ट्रैटेजी को मंज़ूरी दी है, जिन्हें तीन मुख्य कैटेगरी में बांटा गया है: इक्विटी, डेट और हाइब्रिड. इक्विटी कैटेगरी में तीन स्ट्रैटेजी हैं - इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड, इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड और सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड. Quant ने इनमें से पहले दो कैटेगरी के लिए डॉक्यूमेंट फ़ाइल किए हैं.
Qsif Equity Long-Short Fund के बारे में
Qsif Equity Long-Short Fund ख़ास तौर से लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करेगा. इसके पोर्टफ़ोलियो में कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सेदारी इक्विटी की होगी. रिस्क को बैलेंस करने और रिटर्न को बढ़ाने के लिए फ़ंड डेरिवेटिव्स (फ़्यूचर्स और ऑप्शन्स) के ज़रिए 25 प्रतिशत तक शॉर्ट पोज़िशन ले सकेगा. शॉर्टिंग का मतलब है कि निवेशक तब भी रिटर्न कमा सकते हैं जब स्टॉक की क़ीमत नीचे जाती है. यानी फ़ंड ऐसे शेयर ख़रीदेगा जिनके बढ़ने की उम्मीद है (लॉन्ग) और ऐसे शेयर भी जिनके गिरने की उम्मीद है (शॉर्ट). इस तरह ये मार्केट ऊपर जाए या नीचे, दोनों हालात में मुनाफ़ा बनाने की कोशिश करेगा.
इसके अलावा, लगभग 20 प्रतिशत तक का हिस्सा डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में रखा जा सकता है, ताकि लिक्विडिटी मैनेज हो और मार्जिन की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके.
इस फ़ंड को Nifty 500 Total Return Index (TRI) के अनुरूप बेंचमार्क किया जाएगा.
Qsif Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund के बारे में
ये फ़ंड अपने पोर्टफ़ोलियो का कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सा मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से टॉप 100 से बाहर के शेयरों में निवेश करके मिड और स्मॉल-कैप यूनिवर्स में मौक़ों को पकड़ने की कोशिश करेगा. वहीं, लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा लार्ज-कैप स्टॉक्स (टॉप 100) या फिर डेट में लगाया जा सकता है, जिससे इसे लचीलापन मिलेगा.
पहले फ़ंड की तरह, ये भी डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल करके स्टॉक को शॉर्ट कर सकता है और गिरते हुए स्टॉक प्राइस से फ़ायदा उठा सकता है.
मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में रिस्क को मैनेज करने के लिए ये स्कीम अलग-अलग डेरिवेटिव स्ट्रैटेजी अपनाएगी - सामान्य शॉर्ट फ़्यूचर्स से लेकर बियर स्प्रेड जैसे स्ट्रक्चर्ड ट्रेड और सिंथेटिक शॉर्ट्स जैसे ज़्यादा सिंथेटिक ट्रेड शामिल होंगे.
निष्कर्ष
Quant Mutual Fund की ये दोहरी फ़ाइलिंग दिखाती है कि फ़ंड हाउस SEBI के नए SIF स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके और ज़्यादा डायनैमिक, रिस्क-मैनेज्ड इक्विटी स्ट्रैटेजी लाने की तैयारी में हैं. निवेशकों के लिए, ये फ़ंड पारंपरिक लॉन्ग-ओनली इक्विटी प्रोडक्ट्स से आगे बढ़कर नए रास्ते खोलते हैं.
हालांकि, ये प्रोडक्ट ख़ासतौर पर उन अनुभवी निवेशकों के लिए हैं, जो डेरिवेटिव्स की जटिलताओं को समझते हैं और इन स्ट्रैटेजीज़ के साथ आने वाले हाई रिस्क का सामना कर सकते हैं.
ये भी पढ़ें: एक अच्छी ज़िंदगी से समझौता किए बिना ₹10 करोड़ कैसे बचाएं?





