फंड वायर

बीते 10 साल का सबसे सुरक्षित स्मॉल-कैप फ़ंड

आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं

आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैंAditya Roy/AI-Generated Image

Summary: हाल में हमने एक रिपोर्ट में बताया था कि ऐसे तीन स्मॉल-कैप फ़ंड्स हैं जिन्होंने Nifty 250 Smallcap TRI इंडेक्स को 5 साल के रोलिंग रिटर्न्स के आधार पर हर बार पीछे छोड़ा. लेकिन हमने वहीं रुकना सही नहीं समझा. आज हमने ये भी देखा कि 2015 से अब तक बाज़ार में आई 6 बड़ी गिरावटों (क्रैश) के दौरान इन तीनों फ़ंड्स का प्रदर्शन कैसा रहा.

स्मॉल-कैप फ़ंड्स एक साल आपको जीनियस जैसा महसूस करा सकते हैं और अगले ही साल आपका दिल तोड़ सकते हैं. लेकिन सोचिए अगर कोई ऐसा स्मॉल-कैप फ़ंड हो जिसने न सिर्फ़ शानदार रिटर्न्स दिए हों बल्कि बाज़ार गिरने पर भी बाकियों से बेहतर सुरक्षा दी हो?

हाल के एक आर्टिकल में, हमने 13 एक्टिव स्मॉल-कैप फ़ंड्स के 10 साल के इतिहास (21 सितंबर 2020 से 19 सितंबर 2025 तक) के रोज़ाना 5 साल के रोलिंग रिटर्न्स का एनालिसिस किया.

जिन्हें रोलिंग रिटर्न्स की जानकारी नहीं है, उनके लिए - इसका मतलब है कि हर संभव 5 साल की अवधि का रिटर्न्स निकालना, न कि सिर्फ़ एक तय शुरुआत और अंत की तारीख पर. इससे लकी और परफ़ेक्ट टाइमिंग का असर निकल जाता है और साफ़ हो जाता है कि कौन-सा फ़ंड हर स्थिति में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है.

अब इस स्टडी के नतीजों पर आते हैं. निफ़्टी स्मॉलकैप 250 TRI, जो पूरे स्मॉल-कैप यूनिवर्स को ट्रैक करता है, ने इस दौरान 18.07% का सालाना रिटर्न दिया. ग़ौर करने वाली बात है कि 13 में से 12 फ़ंड्स ने इसे पीछे छोड़ा और उनमें से 10 ने 20% से भी ज़्यादा वार्षिक रिटर्न्स दिए.

सबसे अहम ये रहा कि तीन फ़ंड्स ने 2020 से 2025 के बीच, चाहे किसी भी दिन निवेशक पैसा निकाल ले, हर बार इंडेक्स को 100% बार मात दी.

ये तीन फ़ंड्स हैं:

लेकिन मुश्किल वक़्त में क्या होता है?

ज़्यादा रिटर्न्स तो एक बात है, असली इम्तहान तब होता है जब बाज़ार गिरता है.

यहीं पर Drawdown का कॉन्सेप्ट आता है. ड्रॉडाउन मापता है कि आपका पोर्टफ़ोलियो अपने उच्चतम स्तर से गिरकर रिकवरी से पहले कितने नीचे गया. मिसाल के तौर पर, अगर आपका निवेश ₹1 लाख तक गया और वहां से ₹70,000 पर आ गया, तो ये 30% का ड्रॉडाउन है.

तो हमने 2015 से अब तक Nifty Smallcap 250 TRI में आए 6 बड़ी गिरावट (15%+ की गिरावट), जिसमें शुरुआती 2025 की गिरावट भी शामिल है, को देखा और इन तीन फ़ंड्स से तुलना की.

अवधि निफ़्टी स्मॉलकैप 250 TRI HDFC स्मॉल कैप HSBC स्मॉल कैप निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप
जनवरी-फ़रवरी 2016 -22.1% -18.8% -20.6% -22.1%
सितंबर, 2018 -16.6% -9.5% -11.3% -12.4%
जून-अगस्त 2019 -17.0% -14.7% -12.2% -15.8%
फ़रवरी-मार्च 2020 -38.1% -35.3% -36.9% -35.6%
मई–जून 2022 -14.7% -10.4% -9.3% -10.0%
जनवरी-फ़रवरी 2025 -12.60% -10.47% -14.02% -11.90%

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हमारे निष्कर्ष

  • तीनों फ़ंड्स, सिर्फ़ एक मौके को छोड़कर, हर बार बाज़ार की 15% से ज़्यादा गिरावट में इंडेक्स से कम गिरे.
  • HDFC Small Cap Fund सबसे मज़बूत साबित हुआ, जो 6 में से 4 बड़े ड्रॉडाउन में इंडेक्स से कम गिरा.
  • HSBC Small Cap Fund दूसरे नंबर पर रहा, लेकिन शुरुआती 2025 की गिरावट में ये अकेला फ़ंड रहा जिसने इंडेक्स से ज़्यादा गिरावट दिखाई.

इन तीनों स्मॉल-कैप फ़ंड्स का लंबी अवधि का प्रदर्शन मज़बूत होने के अलावा इनके पास इंडेक्स से बेहतर दो और फ़ायदे भी हैं:

  • लचीलापन (Flexibility): ये फ़ंड्स अपने पोर्टफोलियो का 20% तक हिस्सा लार्ज और मिड-कैप शेयरों में लगा सकते हैं. गिरावट के दौर में ये शेयर बेहतर शॉक-एब्ज़ॉर्बर साबित होते हैं.
  • क्वालिटी फ़िल्टर: स्मॉल-कैप इंडेक्स में इस सेगमेंट की हर कंपनी होती है, चाहे उसकी बैलेंस शीट कितनी भी कमज़ोर क्यों न हो. लेकिन एक्टिव फ़ंड्स उन कंपनियों को चुन सकते हैं जिनकी गवर्नेंस, बैलेंस शीट और ग्रोथ की संभावना बेहतर हो.

आख़िरी बात

अगर आप ऐसा स्मॉल-कैप फ़ंड खोज रहे हैं जिसने शानदार रिटर्न दिए हों और सफ़र को भी थोड़ा आसान बनाया हो, तो HDFC Small Cap Fund इन तीनों में सबसे “बुलेट-प्रूफ़” नज़र आता है.

लेकिन क्या इसका मतलब ये है कि HDFC Small Cap Fund हमारी Analyst’s Choice लिस्ट में शामिल है?

इसके लिए हम आपको सुझाव देंगे कि आप वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र देखें. हमारे अनुभवी एनालिस्ट्स ने ऐसे स्मॉल-कैप फ़ंड्स की लिस्ट तैयार की है जिन्होंने वक़्त की कसौटी पर खुद को साबित किया है.

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ये भी पढ़ेंः 10 साल के 'बेस्ट' मिड-कैप फ़ंड्स का चौंकाने वाला सच!

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