बजट स्पेशल

STT में बढ़ोतरी के ऐलान से 17% तक टूटे ब्रोकिंग शेयर

STT में बढ़ोतरी के फै़सले से F&O में ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी

STT में बढ़ोतरी के फै़सले से F&O में ट्रेडिंग महंगी हो जाएगीAbhijeet Pandey/AI Generated Image

सारांशः बजट 2026 में फ़ाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने फ़्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया. फ़्यूचर्स पर STT 150% और ऑप्शंस पर 50% बढ़ाने के प्रस्ताव ने डेरिवेटिव बाज़ार की लागत बढ़ा दी. नतीजा यह रहा कि कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयर इंट्राडे में 17% तक टूट गए. इस स्टोरी में आप जानेंगे Budget 2026 के शेयर मार्केट से जुड़ी वो बातें, जिन्हें आम निवेशकों को सबसे पहले समझना चाहिए.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में STT में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इस क्रम में बजट पेश होने के बाद सेंसेक्स क़रीब 2000 अंकों तक लुढ़क गया. निफ्टी गिरकर 24,800 के नीचे चला गया. असल में, यूनियन बजट 2026 में फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05% करने का प्रस्ताव किया गया है. यह संभावित पॉलिसी बदलाव देश के डेरिवेटिव्स मार्केट पर टैक्स के लिहाज़ से एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है. 

मार्केट इम्पैक्ट से जुड़े पहलू

STT में यह प्रस्तावित बढ़ोतरी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग पैटर्न और मार्केट पार्टिसिपेशन को प्रभावित कर सकती है. फ्यूचर्स मार्केट पार्टिसिपेंट्स, जिनमें संस्थागत निवेशक, रिटेल ट्रेडर्स और मार्केट मेकर्स शामिल हैं, को अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी में इस संशोधित टैक्स स्ट्रक्चर को शामिल करना होगा.

यूनियन बजट 2026 के हिस्से के रूप में इस प्रस्ताव से पता चलता है कि सरकार फ़ाइनेंशियल मार्केट में एफएंडओ के प्रति छोटे निवेशकों को हतोत्साहित करने के लिए यह कदम उठा रही है. सेबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, लगभग 90 प्रतिशत छोटे निवेशक एफएंडओ में नुक़सान उठाते हैं.

STT में इन बदलावों का प्रस्ताव

सरकार ने फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने और ऑप्शंस पर इसे 0.10% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव रखा. वित्त मंत्री ने कहा, “कैपिटल मार्केट के F&O सेगमेंट में उचित बदलाव और अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाने के लिए, फ्यूचर्स पर STT को मौजूदा 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करना प्रस्तावित है. ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस एक्सरसाइज़ पर STT को मौजूदा 0.1% और 0.125% से बढ़ाकर 0.15% करना प्रस्तावित है.”  

ब्रोकिंग स्टॉक्स में बड़ी गिरावट

इस तरह, कैपिटल मार्केट शेयरों में तेज़ गिरावट शुरू हो गई, और स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफ़ॉर्म BSE सबसे ज़्यादा प्रभावित शेयरों में से एक बनकर उभरा. इंट्राडे के दौरान BSE के शेयर में 15% की गिरावट आई. IIFL Capital Services के शेयर 17.5% टूट गए, जबकि हाल ही में लिस्ट हुए Groww शेयरों में 14% और Angel One में 13% की गिरावट आई.

इसका असर व्यापक भारतीय शेयर बाज़ार इंडेक्स पर भी दिखा, क्योंकि BSE Sensex और Nifty 50 में 2.9% तक की गिरावट दर्ज की गई.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

UPI फ़ीस नहीं, आपकी समस्या एक्सपेंस रेशियो है

पढ़ने का समय 3 मिनटआकार रस्तोगी

NSE IPO: ऐसा बिज़नेस जिसमें कोई कमी निकालना मुश्किल है

पढ़ने का समय 6 मिनटLekisha Katyal

Hero Motors IPO: EV कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

पढ़ने का समय 7 मिनटसत्यजीत सेन

वही 100 स्टॉक, एक फ़ंड ने 53% और चार ने दिया 30% रिटर्न

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

पैसे की ज़रूरत है? तो समझदारी से बेचिए

पढ़ने का समय 3 मिनटआशुतोष गुप्ता

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी