फंड वायर

टॉप 5 म्यूचुअल फ़ंड्स का IT शेयरों में है कितना एक्सपोज़र?

बीते एक महीने के दौरान निफ़्टी IT इंडेक्स लगभग 23% टूट चुका है

बीते एक महीने के दौरान निफ़्टी IT इंडेक्स लगभग 23% टूट चुका हैAbhijeet Pandey/AI Generated Image

भारतीय IT सेक्टर इस समय दबाव में है. बीते एक महीने में निफ़्टी IT इंडेक्स लगभग 23% गिर चुका है. इस गिरावट के पीछे ग्लोबल मांग में सुस्ती, मार्जिन दबाव और AI को लेकर बदलती उम्मीदें, तीनों फैक्टर काम कर रहे हैं. ऐसे में यह समझना ज़रूरी है कि बड़े म्यूचुअल फ़ंड्स का IT शेयरों में कितना एक्सपोज़र है, क्योंकि यही एक्सपोज़र उनके हालिया रिटर्न को प्रभावित कर सकता है.

नीचे दिए गए डेटा से साफ़ है कि टॉप 5 एक्टिव फ़ंड्स के बीच IT सेक्टर में वेट काफ़ी अलग-अलग है.

फ़ंड
कुल एसेट (करोड़ ₹) IT सेक्टर में वेट (%) कैटेगरी एक्सपोज़र (%) 1 महीने में रिटर्न (%)
Parag Parikh Flexi Cap 1,33,970 19.55 12.92 0.27
HDFC Flexi Cap 97,452 9.2 12.92 3.56
HDFC Mid Cap 92,187 12.15 11.18 3.43
ICICI Pru Large Cap 76,646 11.1 14.28 3.3
Nippon India Small Cap 65,812 4.74 5.91 5.84
नोटः टॉप 5 एक्टिव फ़ंड्स के रेगुलर प्लान का डेटा लिया गया है. रिटर्न का डेटा 23 फ़रवरी 2026 तक का है.

Parag Parikh Flexi Cap का IT में 19.55% वज़न है, जो इस सूची में सबसे अधिक है. हालिया गिरावट के दौर में इसका एक महीने का रिटर्न 0.27% रहा. दूसरी ओर, Nippon India Small Cap का IT एक्सपोज़र सिर्फ़ 4.74% है और इसका एक महीने का रिटर्न 5.84% रहा. इससे संकेत मिलता है कि IT में ऊंचा एलोकेशन रखने वाले फ़ंड्स पर हालिया सेक्टोरल गिरावट का असर ज़्यादा हो सकता है.

HDFC Flexi Cap, HDFC Mid Cap और ICICI Pru Large Cap जैसे फ़ंड्स का IT वज़न 9% से 12% के बीच है. इनके रिटर्न तुलनात्मक रूप से संतुलित दिखते हैं. यह बताता है कि सेक्टर एलोकेशन पोर्टफ़ोलियो की अस्थिरता को सीधे प्रभावित करता है.

AI का पहलू भी यहां अहम है. कई IT कंपनियां AI को ग्रोथ इंजन के रूप में पेश कर रही हैं, लेकिन निकट अवधि में क्लाइंट खर्च पर दबाव और प्रोजेक्ट टालने की प्रवृत्ति दिख रही है. ऐसे में जिन फ़ंड्स का IT में ऊंचा वेट है, वे AI ट्रांज़िशन के सफल होने पर लंबे समय में फ़ायदा पा सकते हैं, लेकिन उन्हें कम समय में ज़्यादा उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है.

ज़्यादा कंसंट्रेशन यानि ज़्यादा जोखिम

वैल्यू रिसर्च की राय में, किसी एक सेक्टर में अधिक एकाग्रता जोखिम बढ़ाती है. IT सेक्टर की बुनियाद मज़बूत हो सकती है, लेकिन ग्लोबल साइकिल और टेक खर्च की रफ़्तार इसके नतीजों को प्रभावित करती रहेगी. निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि चुने गए फ़ंड का सेक्टोरल एलोकेशन क्या है और वह उनके जोखिम प्रोफ़ाइल से मेल खाता है या नहीं.

अंत में, हालिया 23% की गिरावट सिर्फ़ इंडेक्स की कहानी नहीं है. यह उन फ़ंड्स की भी कहानी है जिनके पोर्टफ़ोलियो में IT का वज़न अधिक है. इसलिए रिटर्न देखने के साथ-साथ सेक्टर एक्सपोज़र को समझना भी उतना ही ज़रूरी है.

निवेशकों के लिए सबक़

सबसे अहम सबक़ यही है कि फ़ंड का पोर्टफ़ोलियो डाइवर्सिफ़ाइड होना चाहिए. किसी एक सेक्टर, थीम या ट्रेंड पर ज़्यादा निर्भरता शॉर्ट-टर्म में रिटर्न को चमका सकती है, लेकिन जोखिम भी उसी रेशियो में बढ़ा देती है. सेक्टोरल उतार-चढ़ाव अचानक और तेज़ हो सकते हैं, जैसा हाल में IT में देखने को मिला. एक संतुलित एलोकेशन, जहां अलग-अलग सेक्टर और कंपनियां शामिल हों, पोर्टफ़ोलियो की अस्थिरता को कम करता है और लॉन्ग-टर्म में बेहतर कंसिस्टेंसी देता है. 

तो कौन सा फ़ंड आपके लिए सही है?

कौन-सा फ़ंड आपके फ़ाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से सही है, यह जानने के लिए वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र सब्सक्राइब कर सकते हैं. यहां एनालिस्ट द्वारा चुने गए फ़ंड्स की लिस्ट मिलती है, निवेश को रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सकता है और अपनी ज़रूरत, रिस्क क्षमता और समय-सीमा के अनुसार म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो बनाया जा सकता है.

फ़ंड एडवाइज़र को आज ही एक्सप्लोर करें

यह भी पढ़ेंः 3 दमदार फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड, जिन्होंने बीते 5 साल में दिया 20% से ज़्यादा रिटर्न

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

31 जुलाई की ITR डेडलाइन मिस करने से क्या-क्या नुक़सान हो सकते हैं?

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

Manipal Hospitals IPO: साइज़ में सबसे बड़ी, पर रिटर्न में पीछे

पढ़ने का समय 9 मिनटLekisha Katyal

अपने गोल्स को ख़ुद से बचाइए

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

HUL एक बेहतरीन बिज़नेस तो है, लेकिन क्या यह एक बेहतरीन स्टॉक भी है?

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

HDFC Bank vs ICICI Bank: 10 साल में कैसे बदली लीडरशिप?

पढ़ने का समय 4 मिनटअभिनव गोयल

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

रोज़ नहीं, साल में एक बार देखें

अपने पोर्टफ़ोलियो को रोज़ लाल-हरे रंग में देखने के बजाय, साल में सिर्फ़ एक बार ध्यान से देखना काफ़ी है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी