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सारांशः स्मॉल कैप फ़ंड्स का पोर्टफ़ोलियो हर महीने कुछ न कुछ बदलता रहता है. अगस्त में दो बड़े स्मॉल कैप फ़ंड्स ने कुल नौ शेयरों से पूरी तरह एग्ज़िट किया, जबकि इसी दौरान इन फ़ंड्स में निवेशकों का पैसा भी लगातार आता रहा. यह दिखाता है कि नया इनफ़्लो मिलने का मतलब यह नहीं कि फ़ंड मैनेजर हर शेयर पर भरोसा बनाए रखते हैं. जानिए किन शेयरों से एग्ज़िट हुआ और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है.
किन फ़ंड्स ने किन शेयरों से एग्ज़िट किया?
| फ़ंड | अगस्त में पूरी तरह बेचे गए शेयर | कुल एग्ज़िट |
|---|---|---|
| Bandhan Small Cap Fund | TBO Tek, Poly Medicure, Motilal Oswal Financial Services, Lumax Auto Technologies, City Union Bank, Baazar Style Retail | 6 |
| Nippon India Small Cap Fund | Sedemac Mechatronics, PTC India, NTPC | 3 |
Bandhan Small Cap फ़ंड ने अगस्त में चार नए शेयर पोर्टफ़ोलियो में जोड़े, लेकिन साथ ही छह शेयरों से पूरी तरह बाहर भी निकल गया. Nippon India Small Cap फ़ंड ने छह नए शेयर जोड़े और तीन से एग्ज़िट किया.
क्या इन एग्ज़िट्स में कोई पैटर्न दिखता है?
पहली नज़र में इन शेयरों में कोई एक जैसा सेक्टर पैटर्न नहीं दिखता. Bandhan के एग्ज़िट में ट्रैवल, हेल्थकेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो कंपोनेंट, बैंकिंग और रिटेल शामिल हैं, जो सभी अलग-अलग कारोबार से हैं. Nippon के तीन एग्ज़िट में ऑटो कंपोनेंट, पावर ट्रेडिंग और पावर सेक्टर के शेयर हैं.
इसलिए सिर्फ़ इन नामों को देखकर यह कहना मुश्किल है कि फ़ंड मैनेजर किसी एक सेक्टर से दूरी बना रहे हैं. ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि दोनों फ़ंड्स ने कुछ मौजूदा निवेश पूरी तरह हटाए, और उसी महीने नए शेयर भी जोड़े. यानी स्मॉल कैप फ़ंड में पोर्टफ़ोलियो लगातार बदलता रहता है. फ़ंड मैनेजर किसी कंपनी की कमाई, वैल्यूएशन, कारोबारी संभावनाओं या अपने निवेश के मूल विचार में बदलाव के आधार पर अपना दांव कम या खत्म कर सकते हैं.
क्या फ़ंड का एग्ज़िट शेयर बेचने का संकेत है?
ज़रूरी नहीं.
यही वो बात है जो निवेशकों को समझनी चाहिए. किसी फ़ंड का शेयर से पूरी तरह निकलना अपने-आप में उस कंपनी के लिए नकारात्मक संकेत नहीं माना जा सकता. हमें यह भी पता नहीं कि फ़ंड ने किस क़ीमत पर शेयर ख़रीदा था, कितने समय तक रखा और किस वजह से बाहर निकला.
इसके अलावा, पूरी तरह एग्ज़िट का मतलब यह भी नहीं कि फ़ंड मैनेजर को कंपनी का बिज़नेस ख़राब लगता है. पोर्टफ़ोलियो में किसी दूसरे मौक़े को ज़्यादा आकर्षक मानने या जोखिम कम करने के लिए भी निवेश बेचा जा सकता है.
इसलिए इन नौ शेयरों को "फ़ंड ने बेचा, इसलिए मत ख़रीदिए" वाली सूची के तौर पर देखना सही नहीं होगा. इन्हें निवेशकों के लिए जांच-पड़ताल की सूची माना जा सकता है - यानी अगर आपके पोर्टफ़ोलियो में भी ये शेयर हैं, तो एक बार वजह समझने की कोशिश ज़रूर करें.
एक और दिलचस्प बात
अगस्त में इन स्मॉल कैप फ़ंड्स को निवेशकों से बड़ी रक़म भी मिली, फिर भी इन्होंने अपने पोर्टफ़ोलियो से कुछ शेयर पूरी तरह हटा दिए. इससे एक अहम निवेश सबक मिलता है - फ़ंड में नया पैसा आने का मतलब यह नहीं कि फ़ंड मैनेजर हर मौजूदा शेयर पर बुलिश हैं. नया पैसा आने के साथ पोर्टफ़ोलियो में ख़रीद-बिक्री भी चलती रहती है.
यही वजह है कि किसी स्मॉल कैप फ़ंड को समझने के लिए सिर्फ़ यह देखना काफ़ी नहीं है कि उसने पिछले महीने क्या ख़रीदा. यह देखना भी उतना ही ज़रूरी है कि उसने किन कंपनियों से दूरी बनाई और उसके पीछे निवेश की कहानी क्या रही होगी.
निवेशकों के लिए बात
किसी फ़ंड के एग्ज़िट को सीधे ख़रीद या बिक्री का संकेत मानने के बजाय, उसे एक शुरुआती सवाल की तरह देखना बेहतर है. अगर कोई शेयर आपके अपने पोर्टफ़ोलियो में भी है, तो फ़ंड के निकलने के बाद यह ज़रूर पूछें - क्या कंपनी के कारोबार या वैल्यूएशन में ऐसा कुछ बदला है, जिसे मुझे भी समझना चाहिए?
आखिरी बात
अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन-से स्मॉल कैप फ़ंड्स आपके पोर्टफ़ोलियो के लिए सही हैं, तो Value Research Fund Advisor की मदद लें, जहां एक्सपर्ट्स की सलाह पर बने पोर्टफ़ोलियो आपको मिलते हैं.
अगर आप किसी शेयर में सीधे निवेश से पहले उसकी पूरी पड़ताल चाहते हैं, तो Value Research Stock Advisor पर एक्सपर्ट रिसर्च देखें.
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