Anand Kumar/AI-Generated Image
सारांशः फ़रवरी में Anthropic की एक घोषणा ने भारतीय IT कंपनियों में भूचाल ला दिया. सेक्टर में बड़ी गिरावट के बाद ज़्यादातर म्यूचुअल फ़ंड्स ने अपना एक्सपोज़र घटाया, लेकिन कुछ स्कीम्स ने गिरावट को ख़रीदारी का मौक़ा माना. हम ऐसे ही फ़ंड्स पर नज़र डाल रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि आपके लिए इसके क्या मायने हैं.
फ़रवरी भारतीय IT के लिए काफ़ी उथल-पुथल भरा महीना रहा. Anthropic ने 3 फ़रवरी 2026 को नए AI plug-ins लॉन्च किए और बाज़ार ने यह मान लिया कि बड़े पैमाने पर इंसानी मेहनत को बेचने वाली भारतीय IT कंपनियों के लिए यह मुश्किल भरा वक़्त है.
इसके बाद, 3 फ़रवरी से 12 मई 2026 के बीच निफ़्टी IT TRI करीब 27 प्रतिशत टूट गया. इसी दौरान Nifty 50 TRI महज़ 9 प्रतिशत नीचे आया. अगर आपके फ़ंड का Infosys या TCS में निवेश था, तो आपने यह झटका ज़रूर महसूस किया होगा.
इसके बाद म्यूचुअल फ़ंड की दुनिया दो हिस्सों में बंट गई.
पांच कैटेगरीज़ - फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS - में ट्रैक किए गए 203 एक्टिव डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स में से 177 ने घोषणा के बाद टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में अपना एलोकेशन घटाया. सिर्फ़ 26 फ़ंड्स ने इसे बढ़ाया.
इस पीछे हटने की वजह असल में है. AI टूल्स जो सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, टेस्टिंग और बिज़नेस प्रोसेस को ऑटोमेट करते हैं, वही काम करते हैं जो भारतीय IT सर्विसेज़ कंपनियां बेचती हैं. बाज़ार बिना वजह घबराया नहीं है.
फ़ंड्स के पसंदीदा टेक स्टॉक्स
हमने पांच डाइवर्सिफ़ाइड कैटेगरीज़ में एक्टिव फ़ंड्स देखे: फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS. हमने 30 अप्रैल 2026 तक के छह महीने के औसत एलोकेशन का इस्तेमाल किया और सबसे ज़्यादा फ़ंड्स में शामिल पांच नाम चुने. सिर्फ़ वही फ़ंड्स शामिल किए जिनका कम से कम एक साल का ट्रैक रिकॉर्ड था.
पसंदीदा टेक शेयर
म्यूचुअल फ़ंड्स के सबसे पसंदीदा पांच नाम और AI से प्रभावित गिरावट के बाद उनका प्रदर्शन
| कंपनी | निवेश करने वाले फ़ंड्स की संख्या | औसत वेट (%) | 3 फ़रवरी 2026 से रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|
| Bharti Airtel | 168 | 2.9 | -5.7 |
| Infosys | 168 | 2.6 | -33.9 |
| Eternal | 137 | 2.1 | -12.2 |
| Tech Mahindra | 114 | 1.5 | -21.7 |
| Tata Consultancy Services | 95 | 1.8 | -30.4 |
| 30 अप्रैल 2026 तक के छह महीने के औसत होल्डिंग्स पर आधारित; रिटर्न 12 मई 2026 तक के हैं. इसमें कम से कम एक साल के ट्रैक रिकॉर्ड वाले डाइवर्सिफ़ाइड कैटेगरीज़ (फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS) के एक्टिव फ़ंड्स शामिल हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर का वर्गीकरण Value Research की परिभाषा के अनुसार. | |||
Infosys 33.9 प्रतिशत टूटा है. TCS 30.4 प्रतिशत नीचे है. Tech Mahindra 21.7 प्रतिशत गिरा है. सबसे ज़्यादा फ़ंड्स में शामिल पांच टेक कंपनियों में से तीन फ़रवरी के बाद से अपनी 20 से 33 प्रतिशत तक वैल्यू गवा चुके हैं. Bharti Airtel, जो एक टेलिकॉम बिज़नेस है, और Eternal ने ख़ुद को बेहतर बनाए रखा. बाज़ार सभी टेक्नोलॉजी कंपनियों को एक नज़रिए से नहीं देख रहा; निशाना ख़ासकर IT सर्विसेज़ पर है.
सावधानी का फ़ायदा मिला, पर दृढ़ विश्वास भी दिखा
हमने घोषणा से पहले और बाद में हर फ़ंड के तीन महीने के औसत टेक्नोलॉजी एलोकेशन की तुलना की. पहले की विंडो नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक थी, जबकि बाद की विंडो फ़रवरी से अप्रैल 2026 तक.
सतर्क रुख
एक्सपोज़र बढ़ाने वाले फ़ंड्स से ज़्यादा थे घटाने वाले
| एलोकेशन में बदलाव का दायरा | एक्सपोज़र बढ़ाने वाले फ़ंड | एक्सपोज़र घटाने वाले फ़ंड |
|---|---|---|
| 0 से 2% | 22 | 104 |
| 2 से 4% | 3 | 53 |
| 4% से ज़्यादा | 1 | 20 |
| घोषणा से पहले (नवंबर 2025 - जनवरी 2026) और बाद (फ़रवरी - अप्रैल 2026) के तीन महीने के औसत आवंटन पर आधारित. इसमें कम से कम एक साल के ट्रैक रिकॉर्ड वाले डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स (फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS) शामिल हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर का वर्गीकरण Value Research की परिभाषा के अनुसार. | ||
हर स्तर पर बेचने वाले ख़रीदने वालों से ज़्यादा रहे. 22 फ़ंड्स 0-2 प्रतिशत के दायरे में निवेश बढ़ाया, जबकि 104 ने इतना निवेश घटाया. 53 ने 2-4 प्रतिशत के दायरे में कटौती की, जबकि तीन ने इसी दायरे में बढ़ाया. एक कदम आगे जाकर, 20 फ़ंड्स ने 4 प्रतिशत पॉइंट से ज़्यादा एक्सपोज़र घटाया. एक फ़ंड ने उतना ही बढ़ाया.
सबसे ज़्यादा कटौती
177 फ़ंड्स ने IT में अपनी हिस्सेदारी घटाई, लेकिन कुछ में गिरावट काफ़ी तेज़ रही. हम ऐसे पांच फ़ंड्स पर नज़र डाल रहे हैं.
टेक एलोकेशन सबसे ज़्यादा घटाने वाले टॉप 5 फ़ंड्स
AI से जुड़ी गिरावट के बाद इन फ़ंड्स ने टेक एक्सपोज़र सबसे ज़्यादा कम किया
| फ़ंड का नाम | नवंबर 25 से जनवरी 26 (%) | फ़रवरी 26 से अप्रैल 26 (%) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| Motilal Oswal Multi Cap | 32.7 | 19.6 | -13.1 |
| Motilal Oswal Flexi Cap | 30.5 | 21 | -9.5 |
| HSBC Large and Mid Cap | 16.7 | 7.5 | -9.2 |
| Old Bridge Focused | 17.6 | 8.6 | -9 |
| SBI Flexicap | 15.6 | 8.1 | -7.5 |
| घोषणा से पहले (नवंबर 2025 - जनवरी 2026) और बाद (फ़रवरी - अप्रैल 2026) के तीन महीने के औसत एलोकेशन पर आधारित. इसमें कम से कम एक साल के ट्रैक रिकॉर्ड वाले डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स (फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS) शामिल हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर का वर्गीकरण Value Research की परिभाषा के अनुसार. | |||
Motilal Oswal Multi Cap ने अपना टेक एलोकेशन 13.1 प्रतिशत पॉइंट घटाया, जो ट्रैक किए गए किसी भी फ़ंड में सबसे ज़्यादा है. Motilal Oswal Flexi Cap 9.5 पॉइंट की कटौती के साथ दूसरे नंबर पर है. दोनों फ़ंड्स पहले से ऊंचा टेक्नोलॉजी वेट लेकर चल रहे थे, जिसने यह फ़ैसला और साफ़ कर दिया. HSBC Large and Mid Cap, Old Bridge Focused और SBI Flexi Cap ने भी अपना टेक एक्सपोज़र काफ़ी घटाया और उसे आधे से कम या उसके क़रीब ले आए.
जिन्होंने हिम्मत दिखाई
जब ज़्यादातर फ़ंड्स IT होल्डिंग्स बेचने में जुटे थे, कुछ ने हिम्मत दिखाई और सेक्टर में गिरावट के बाद ख़रीदारी बढ़ाई.
टेक एलोकेशन सबसे ज़्यादा बढ़ाने वाले टॉप 5 फ़ंड्स
Anthropic की घोषणा के बाद इन फ़ंड्स ने टेक पर सबसे ज़्यादा दांव लगाया
| फ़ंड का नाम | नवंबर 25 से जनवरी 26 (%) | फ़रवरी 26 से अप्रैल 26 (%) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| LIC MF Value | 4.4 | 10 | 5.6 |
| SBI Focused | 13.3 | 16.6 | 3.3 |
| HDFC Flexi Cap | 9.2 | 12.2 | 3 |
| HDFC Focused | 7.5 | 10.4 | 3 |
| Nippon India ELSS Tax Saver | 8.5 | 10.1 | 1.5 |
| घोषणा से पहले (नवंबर 2025 - जनवरी 2026) और बाद (फ़रवरी - अप्रैल 2026) के तीन महीने के औसत एलोकेशन पर आधारित. इसमें कम से कम एक साल के ट्रैक रिकॉर्ड वाले डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स (फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और ELSS) शामिल हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर का वर्गीकरण Value Research की परिभाषा के अनुसार. | |||
LIC MF Value इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, जिसने 5.6 प्रतिशत पॉइंट की बढ़ोतरी के साथ अपना टेक एलोकेशन दोगुने से भी ज़्यादा कर लिया. SBI Focused, HDFC Flexi Cap, HDFC Focused और Nippon India ELSS Tax Saver ने भी गिरते सेक्टर में पैसा लगाया, हालांकि इनके क़दम थोड़े सधे हुए थे. न सिर्फ़ टेक घटाने वाले फ़ंड्स ज़्यादा थे, बल्कि उनकी कटौती भी बढ़ोतरी के मुक़ाबले बड़ी रही.
आपके लिए इसके क्या मायने हैं
यह डेटा बताता है कि फ़ंड मैनेजर्स ने क्या किया. यह नहीं बताता कि कौन सही था.
इसका जवाब अगले कुछ सालों में अर्निंग्स कॉल्स, क्लाइंट बजट्स और डील पाइपलाइन से मिलेगा. अगर AI वाक़ई IT सर्विसेज़ मॉडल को खोखला कर देता है, तो सावधानी बरतने वाले फ़ंड्स दूरदर्शी साबित होंगे. लेकिन अगर भारतीय IT कंपनियां AI इम्प्लीमेंटेशन और डेटा इंफ़्रास्ट्रक्चर में नई भूमिका निभाकर ख़ुद को ढाल लेती हैं, तो गिरावट में ख़रीदारी करने वाले फ़ंड्स सही वक़्त पर ख़रीदते दिखेंगे.
निवेशकों के लिए सीख सीधी है: किसी ख़ास फ़ंड को चुनकर या उससे दूर भागकर AI बहस में पक्ष मत लीजिए. डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स इसीलिए होते हैं कि वे आपकी तरफ़ से ये सेक्टोरल फ़ैसले लें. हर बार ख़बरों के बदलने पर अपना पोर्टफ़ोलियो फेरबदल करना आमतौर पर नुक़सानदेह साबित होता है. अगर आपका फ़ंड अपने मैंडेट पर टिका है, उसका ट्रैक रिकॉर्ड मज़बूत है और वह आपके लॉन्ग-टर्म गोल के साथ मेल खाता है, तो बना रहना ही आमतौर पर सबसे सही क़दम है.
IT सेक्टर किसी भी तरफ़ चौंका सकता है. आपका फ़ाइनेंशियल प्लान इस एक दांव पर टिका नहीं होना चाहिए.
यह भी पढ़ेंः FII भारत से पैसा निकाल रहे हैं. लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
शिकायतों के लिए संपर्क करें: [email protected]