Abhijeet Pandey/AI Generated Image
सारांशः देश के सबसे बड़े फ़्लेक्सी कैप फ़ंड ने सितंबर में करीब ₹4,070 करोड़ के शेयर ख़रीदे. इसमें से लगभग ₹3,080 करोड़ सिर्फ़ तीन शेयरों में गए: एक रियल एस्टेट कंपनी और टेलीकॉम सेक्टर की दो कंपनियां. रियल एस्टेट कंपनी में फ़ंड की हिस्सेदारी एक महीने में करीब चार गुना हो गई. दिलचस्प यह है कि बाज़ार की कमज़ोरी के बावजूद फ़ंड ने अपनी बड़ी होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं किया. लेकिन किसी फ़ंड की ख़रीदारी देखकर वही शेयर ख़रीद लेना सही तरीक़ा नहीं है.
सितंबर बाज़ार के लिए आसान महीना नहीं रहा. TCS और Infosys जैसे बड़े शेयर 12-13% तक फिसल गए. ऐसे में देश के सबसे बड़े फ़्लेक्सी कैप फ़ंड, पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप ने क्या किया? उसने अपने बड़े दांवों को छुआ तक नहीं. लेकिन एक रियल एस्टेट कंपनी और टेलीकॉम सेक्टर की दो कंपनियों में जमकर पैसा लगाया. आइए देखते हैं कि फ़ंड ने सितंबर में कहां पैसा लगाया, कहां से निकाला और एक निवेशक के तौर पर आपके लिए इसका क्या मतलब है.
सितंबर में सबसे बड़ी ख़रीदारी
| कंपनी | 31 अगस्त को शेयर | 30 सितंबर को शेयर | बढ़ोतरी (%) | अनुमानित रक़म (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| DLF | 1.37 करोड़ | 5.28 करोड़ | 285 | 2,625 |
| Mahindra & Mahindra | 1.78 करोड़ | 1.91 करोड़ | 7 | 377 |
| Indus Towers | 8.66 लाख | 71.46 लाख | 725 | 235 |
| Bharti Airtel | 2.28 करोड़ | 2.40 करोड़ | 6 | 221 |
| Petronet LNG | 2.34 करोड़ | 3.04 करोड़ | 30 | 199 |
| Bajaj Holdings & Investment | 65.02 लाख | 66.65 लाख | 2.5 | 175 |
| Indraprastha Gas | 11.50 करोड़ | 12.13 करोड़ | 5.5 | 91 |
| अनुमानित रक़म = सितंबर में जोड़े गए शेयर × 30 सितंबर का प्राइस. असल ख़रीदारी महीने भर अलग-अलग प्राइस पर हुई होगी. स्रोत: Value Research, PPFAS Mutual Fund की मासिक पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोज़र | ||||
पैसा कहां गया
पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड का सितंबर का पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोज़र बताता है कि फ़ंड ने महीने के दौरान 13 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और एक शेयर से पूरी तरह निकल गया. कोई नया शेयर पोर्टफ़ोलियो में नहीं जुड़ा. अगस्त के अंत में फ़ंड के पास 34 शेयर थे, जो सितंबर के अंत में 33 रह गए.
कुल ख़रीदारी करीब ₹4,070 करोड़ की रही. इसमें से लगभग ₹3,080 करोड़ सिर्फ़ तीन शेयरों में गए: DLF, Bharti Airtel और Indus Towers. फ़ंड के भारतीय शेयरों वाले हिस्से में इन तीनों का कुल वेट अगस्त के 4.8% से बढ़कर सितंबर में करीब 7.5% हो गया.
DLF: दो महीने में बनी बड़ी पोज़िशन
DLF फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो में अगस्त में ही आया था, जब फ़ंड ने इसके 1.37 करोड़ शेयर ख़रीदे. सितंबर में फ़ंड ने करीब 3.91 करोड़ शेयर और जोड़े, और कुल होल्डिंग 5.28 करोड़ शेयर पर पहुंच गई. सितंबर के आख़िरी प्राइस पर यह करीब ₹2,625 करोड़ की ख़रीदारी है, यानी महीने की कुल ख़रीदारी का लगभग दो-तिहाई.
इसका असर पोर्टफ़ोलियो में साफ़ दिखता है. भारतीय शेयरों वाले हिस्से में DLF का वेट 0.9% से बढ़कर 3.3% हो गया है. अब यह फ़ंड की टॉप 15 होल्डिंग्स में है और इसका वेट लगभग Maruti Suzuki के बराबर है.
अगस्त में फ़ंड ने DLF के साथ Knowledge Realty Trust को भी पोर्टफ़ोलियो में जोड़ा था, जो एक REIT है. यानी 2 महीनों में रियल एस्टेट से जुड़े दो नए निवेश. पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोज़र सिर्फ़ यह बताती है कि फ़ंड ने क्या ख़रीदा, यह नहीं कि क्यों ख़रीदा.
टेलीकॉम पर दोहरा दांव
Indus Towers में 8.66 लाख शेयरों के साथ फ़ंड की हिस्सेदारी पहले बहुत छोटी थी. सितंबर में फ़ंड ने करीब 62.8 लाख शेयर जोड़े और होल्डिंग 71.46 लाख शेयर हो गई, यानी करीब 8 गुना. यह करीब ₹235 करोड़ की ख़रीदारी है.
साथ ही फ़ंड ने Bharti Airtel के करीब 12.6 लाख शेयर (करीब ₹221 करोड़) और ख़रीदे. Airtel पहले से फ़ंड की बड़ी होल्डिंग्स में शामिल है और अब इसकी कुल होल्डिंग 2.40 करोड़ शेयर है.
ये दोनों दांव आपस में जुड़े हैं. Bharti Airtel ही Indus Towers की प्रमोटर कंपनी है, और Indus Towers का कारोबार टेलीकॉम कंपनियों को टावर किराये पर देना है. यानी फ़ंड ने टेलीकॉम सेक्टर पर दो रास्तों से दांव बढ़ाया है.
गिरावट में भी ख़रीदारी
सितंबर में Mahindra & Mahindra का शेयर करीब 11% गिरा. इसी दौरान फ़ंड ने इसके करीब 12.8 लाख शेयर (करीब ₹377 करोड़) और जोड़े. Bajaj Holdings & Investment में भी करीब ₹175 करोड़ की ख़रीदारी हुई, जबकि इसका प्राइस भी महीने में करीब 5% फिसला.
गैस कंपनियों पर फ़ंड का भरोसा भी बढ़ा. Petronet LNG में हिस्सेदारी करीब 30% बढ़ी (करीब ₹199 करोड़) और Indraprastha Gas (करीब ₹91 करोड़) व Mahanagar Gas (करीब ₹56 करोड़) में भी शेयर जोड़े गए. तीनों में मिलाकर करीब ₹346 करोड़ लगे.
जिन शेयरों को छुआ तक नहीं
फ़ंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स में सितंबर में एक भी शेयर नहीं बदला. HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Axis Bank, ITC, Coal India, Power Grid, HCL Technologies, Infosys, TCS और Maruti Suzuki, सबकी होल्डिंग जस की तस रही.
यह इसलिए अहम है क्योंकि सितंबर में इनमें से कई शेयर अच्छे-ख़ासे गिरे. TCS करीब 13% और Infosys करीब 12% नीचे आए. फ़ंड ने न इनमें ख़रीदारी बढ़ाई, न बिकवाली की.
बिकवाली: सिर्फ़ एक एग्ज़िट
फ़ंड ने The Great Eastern Shipping Company के सभी 12.74 लाख शेयर बेच दिए. सितंबर में यही इकलौता एग्ज़िट रहा.
पोर्टफ़ोलियो डेटा में Bajaj Finance, Hindustan Aeronautics, Bharat Electronics और UltraTech Cement जैसे कुछ बड़े शेयरों की संख्या भी घटी दिखती है. लेकिन ये फ़ंड की आर्बिट्राज़ पोज़िशन हैं, जिनके साथ फ़्यूचर्स में उलटी पोज़िशन ली जाती है. इसलिए इन्हें फ़ंड के निवेश फ़ैसले की तरह नहीं पढ़ना चाहिए.
आपके लिए इसके क्या मायने हैं
अगर आप इस फ़ंड में निवेश करते हैं: DLF पर बढ़ा दांव ध्यान देने लायक है, लेकिन इससे फ़ंड का मूल स्वभाव नहीं बदलता. पोर्टफ़ोलियो का बड़ा हिस्सा अब भी बैंकों, ITC, Power Grid और Coal India जैसी कंपनियों में है. हां, रियल एस्टेट एक साइक्लिकल सेक्टर है. प्रॉपर्टी की मांग और ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का असर ऐसी कंपनियों की कमाई पर जल्दी दिखता है. आने वाले महीनों में फ़ंड इस दांव को और बढ़ाता है या नहीं, इस पर नज़र रखिए.
अगर आप फ़ंड की देखा-देखी ये शेयर ख़रीदने की सोच रहे हैं: यह ग़लती मत कीजिए. फ़ंड ने ये शेयर एक बड़े, डाइवर्सिफ़ाइड पोर्टफ़ोलियो के हिस्से के तौर पर, अपने प्राइस और अपनी समय-सीमा के हिसाब से ख़रीदे हैं. पोर्टफ़ोलियो की जानकारी महीना ख़त्म होने के बाद आती है, तब तक प्राइस बदल चुका होता है. वहीं, फ़ंड मैनेजर भी ग़लत हो सकते हैं. बढ़िया कारोबार हमेशा बढ़िया निवेश नहीं होता. कहानी नहीं, क़ीमत पढ़िए.
क्या पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप आपके पोर्टफ़ोलियो में फ़िट बैठता है? Value Research Fund Advisor के साथ अपने फ़ंड पोर्टफ़ोलियो की समीक्षा कीजिए.
शेयरों में सीधे निवेश करना चाहते हैं? Value Research Stock Advisor पर रिसर्च किए हुए स्टॉक रेकमेंडेशन देखिए.
यह भी पढ़ेंः क्वांट स्मॉल कैप फ़ंड: 5 शेयर जो क़रीब 5 साल से पोर्टफ़ोलियो में बने हुए हैं




