
मैं लंबे समय फिक्स्ड इनकम ऑप्शन में निवेश कर रहा हूं। खास तौर पर मेरा ज्यादा निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट में रहा है। मुझे लगता है कि म्युचुअल फंड में एसआईपी, एनपीएस टियर 2 अकाउंट जैसे कुछ विकल्प हैं। क्या आप बता सकते हैं कि इनमें से किस विकल्प में मेरी रकम सुरक्षित रहेगी भले ही शुरूआत में रिटर्न कम रहे ?
-शिशिर
आप जैसे निवेशकों को इक्विटी में जरूरत निवेश करना चाहिए क्योंकि एफडी पर ब्याज दरें लगातार कम हो रहीं हैं। हालांकि बचत और निवेश दोनों समान रूप से अहम हैं। लेकिन गिरती ब्याज दरों के दौर में बैंक डिपॉजिट उतना अच्छा रिटर्न नहीं मुहैया करा पाएंगे।
निवेशक के तौर पर आपका मकसद रियल और लगातार अच्छा रिटर्न हासिल करना होना चाहिए। फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट लंबी अवधि में महंगाई दर से ऊपर रिटर्न नहीं दे पाते हैं। लगातार अच्छा रिटर्न हासिल करने के लिए आपको कुछ जोखिम उठाना होगा। आप सोच समझ कर जोखिम उठा सकते हैं। इसके लिए अग्रेसिव हाइब्रिड फंड बेहतर है। यह फंड रकम का बड़ा हिस्सा इक्विटी में निवेश करता है। वहीं कुछ रकम डेट में लगाता है। डेट का हिस्सा बाजार में गिरावट के समय निवेश को सुरक्षा देता है।
एनपीएस टियर 2 अकाउंट भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि एनपीएस टियर 2 अकाउंट के लिए जरूरी है कि पहले आप टियर 1 अकाउंट खुलवाएं। हालांकि एनपीएस में इक्विटी अलॉकेशन 75 फीसदी तक सीमित होता है। लेकिन यह आप जैसे नए निवेश के लिए सही है।
मेरी सलाह है कि आपको एनपीएस के बजाए अग्रेसिव हाइब्रिड फंड में निवेश करना चाहिए। इसके अलावा आपको पूरी रकम एक बार बजाए थोड़ी थोड़ी रकम निवेश करनी चाहिए। अग्रेसिव हाइब्रिड फंड में आपको कम से कम तीन से पांच साल के लिए निवेश करना चाहिए। इससे आपको बाजार के उतार चढ़ाव को समझने में मदद मिलेगी। इक्विटी में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है लेकिन माना जाता है कि लंबी अवधि में इक्विटी फिक्स्ड इनकम की तुलना में बेहतर रिटर्न देती है।
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ये लेख पहली बार मार्च 06, 2020 को पब्लिश हुआ.

