फ़र्स्ट पेज

मुफ़्त के सिगार का धुआं

इसे आप जले हुए सिगार के टुकड़े जैसा मुफ़्त का निवेश कह सकते हैं, लेकिन क्या ये आइडिया अच्छा है

इसे आप जले हुए सिगार के टुकड़े जैसा मुफ़्त का निवेश कह सकते हैं, लेकिन क्या ये आइडिया अच्छा हैAnand Kumar

back back back
4:10

"जले हुए सिगार के टुकड़े उठा कर उससे कश लेना, छोटी रक़म मैनेज करने में बड़ा कारगर रहा. यही वजह थी कि 1950 के दशक में मैंने जो दर्जनों मुफ़्त के कश लिए, उन्होंने मेरे निवेश का ये दौर शानदार बना दिया. ये स्थिति तुलनात्मक प्रदर्शन और एब्सॉल्यूट रिटर्न दोनों के लिए रही."

2014 में वॉरेन बफ़ेट ने ये बात अपनी कंपनी के शेयरहोल्डरों को लिखे गए सालाना पत्र में कही थी. 'द सिगार बट स्ट्रैटेजी' वॉल स्ट्रीट की निवेश से जुड़ी एक रंगीन मगर कुछ पुरानी अभिव्यक्ति है, जो उस व्यक्ति की ओर संकेत करती है जो फुटपाथ पर पड़े आधे जले सिगार के टुकड़े को उठा कर उसे फिर से जलाता है और कुछ मुफ़्त के कश लेता है. ये ठीक वैसा ही है जैसे किसी सस्ते और बेकार सा शेयर, जिसे कोई नहीं चाहता उसे ख़रीदा जाए, और उससे मुनाफ़ा कमाने की कोशिश की जाए.

इसे पेनी स्टॉक इन्वेस्टिंग भी कहते हैं और आजकल भारत में इसे रुपी स्टॉक इन्वेस्टिंग (यानी कुछ रुपये के शेयर में निवेश) कहा जाता है. इसके पीछे आइडिया ये है कि बहुत कम क़ीमत पर आ चुके शेयर - अमेरिका में पेनी या भारत में सिंगल डिजिट रुपये वाले - कभी-कभी किसी छोटी-सी अच्छी ख़बर पर बहुत उछल जाते हैं. प्रतिशत के हिसाब से, ये उछाल ज़्यादा महंगे शेयरों की तुलना में बड़ा होता है.

ध्यान रखें, मैं ये नहीं कह रहा कि ऐसा असल में होता है. पर हां, सस्ते शेयरों के दीवानों को ऐसा होने का बड़ा भरोसा होता है. अब ये सच है या नहीं, मुझे नहीं पता और न ही इसमें मेरी कोई दिलचस्पी है. वॉरेन बफ़ेट ने ऊपर इसकी तारीफ़ की है, लेकिन कौन कह सकता है कि 1950 के दशक के वॉल स्ट्रीट के सिगार के टुकड़े वाले शेयरों की 2020 के दलाल स्ट्रीट के सस्ते शेयरों से कोई समानता है. हाल के महीनों में, जब कई शेयर गिरे और कुछ के मज़बूत होने के बावजूद ये नीचे गिरते ही रहे, तो शेयर बाज़ार के एक ख़ास वर्ग में सस्ते शेयरों में हाथ आजमाने की ललक बढ़ी है. बफ़ेट का सुझाव स्पष्ट है, "ऐसा न करें."

ये भी पढ़ेंः जिससे सब डरते हैं दौलत उसी से बनती है

बफ़ेट अपने लेटर में आगे कहते हैं, "...भले ही, सस्ती क़ीमत पर ख़रीदे गए कमज़ोर बिज़नस शॉर्ट टर्म के निवेश के लिए आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन ये किसी बड़े और टिकाऊ इंटरप्राइज की नींव के लिए ग़लत हैं. जीवन साथी चुनने के लिए स्पष्ट रूप से डेटिंग से कहीं अधिक सख्त मापदंड चाहिए... चार्ली मंगर ने मेरी सिगार बट की आदतें तोड़ीं... उन्होंने मुझे जो खाका दिया, वो सरल था: शानदार क़ीमत पर कमज़ोर बिज़नस ख़रीदने की बात भूल जाओ; इसके बजाय, उचित क़ीमत पर शानदार बिज़नस ख़रीदो."

उचित क़ीमत पर शानदार बिज़नस ख़रीदें. यही अच्छे निवेश का मूल मंत्र है. इस वाक्य में दो विशेषण हैं: 'शानदार' और 'उचित'. ध्यान दें कि बफ़ेट ने इन्हें कहां रखा है. वो ये नहीं कहते कि उचित बिज़नस को शानदार कम क़ीमत पर ख़रीदें. वो निश्चित रूप से ये नहीं कहते कि कोई भी बिज़नस ख़रीद लें, बशर्ते क़ीमत बहुत कम हो.

आइ़डिया बहुत सरल है और निवेश के मूल में जाता है, जैसा कि इसे होना चाहिए. एक जानेमाने स्रोत के हवाले से, ये सब "किसी बिज़नस की वैल्यू और बाज़ार में उस बिज़नस के छोटे हिस्सों की क़ीमत के बीच अंतर की खोज" के बारे में है. अच्छी वैल्यू तलाशने वाले सभी लोग, चाहे वो शेयरों में हो या बाज़ार में ख़रीदारी करते समय, क़ीमतें गिरने पर उत्साहित होते हैं. हालांकि, हर उस चीज़ पर उत्साहित नहीं होना चाहिए जिसकी क़ीमत गिर गई हो.

पिछले कुछ महीनों के दौरान, जैसे कि शेयरों (और कई दूसरी चीज़ों!) की क़ीमतें गिरीं और फिर बढ़ीं, ये भरोसा करने की ललक दिखी है कि क्योंकि मार्च में लगभग सभी शेयरों का प्रदर्शन ख़राब रहा और फिर अगले कुछ महीनों में रिकवर कर गए, इसलिए ज़्यादातर शेयर बढ़ जाएंगे और एक पूरा और व्यापक 'रिवाइवल' होगा. मुझे खेद है, लेकिन ऐसा कुछ होने की संभावना नहीं है. ऐसे दौर वही हैं जो अच्छे, बुरे और बेकार को अलग करते हैं. जले हुए सिगार का टुकड़ा उठाना और सस्ते शेयरों का पीछा करना अच्छा आइडिया लग सकता है, लेकिन इन शेयरों की क़ीमत आसानी से कुछ पैसों तक आ सकती है.

ये लेख valueresearchonline.com में मूल रूप से 14 नवंबर, 2022 को प्रकाशित हुआ था.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

आपका REIT 6% रिटर्न देता है. लेकिन आपको शायद सिर्फ़ 2% मिल रहा है

पढ़ने का समय 3 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

सोने की क़ीमत दोगुनी होना अच्छी बात नहीं, समस्या है

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

RBI डॉलर डिपॉज़िट पर NRI को दे रहा 7% तक ब्याज

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

पिछले 30 साल से, मैं पाठकों से हर संकट का डटकर सामना करने के लिए कहता आया हूं. लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध इसका अपवाद है, और यहां ख़बर से ज़्यादा उसका कारण मायने रखता है.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी