
क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस की बड़ी सरकारी कंपनी, ओएनजीसी, वित्त-वर्ष22 में रिलायंस इडस्ट्रीज़ के बाद, मुनाफ़ा कमाने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसने टाटा स्टील और टीसीएस को पीछे छोड़ दिया है, और ये दोनों कंपनियां अब क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। पहले क्वार्टर में ONGC को झटका लगा था, मगर फिर उसने वापसी की और अगले तीन क्वार्टर में, दूसरी सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी रही।
यहां हम वित्त-वर्ष22 और 21 की टॉप-10 कंपनियां की लिस्ट दे रहे हैं। एक मज़ेदार तथ्य है कि पिछली बार जब रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी नहीं थी, तब वित्त-वर्ष 2015 में टीसीएस ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को 698 करोड़ रुपये से पछाड़ा था!

तेल और गैस के दामों ने मदद की
ONGC के तेल और गैस का उत्पादन पिछले कुछ साल में कम हुआ है। बढ़ते हुए तेल और गैस के दामों ने कंपनी का मुनाफ़ा बढ़ाने में मदद की है, जिससे उत्पादन की वैल्यू बढ़ गई है। कच्चे तेल के दाम लगातार $100 प्रति बैरल के ऊपर रहे हैं और रूस-यूक्रेन की लड़ाई शुरु होने के बाद से प्राकृतिक गैस के दाम दोगुने हो चुके हैं। यही बात कंपनी के ताज़ा क्वार्टरली रिज़ल्ट में भी दिख रही है जहां ईयर-ऑन-ईयर के आधार पर रेवेन्यू और प्रॉफ़िट 37 और 21 प्रतिशत बढ़ गया है।
क्या ये जारी रह सकता है?
जहां एक निवेशक के लिए ये अच्छी ख़बर है, वहीं ज़्यादा मायने रखने वाली बात है कि क्या इस स्तर का मुनाफ़ा जारी रह सकता है। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दाम धीरे-धीरे कम होते दिख रहे हैं, जैसे-जैसे रूस-यूक्रेन की लड़ाई ठंडी पड़ रही है, मार्केट इन दामों के कम होने का अंदाज़ा लगा रहा है। जैसे-जैसे दाम सामान्य होने लगते हैं, और ONGC अपना उत्पादन नहीं बढ़ाता है, तो उसके लिए इसी स्तर का मुनाफ़ा बनाए रखना काफ़ी मुश्किल हो जाएगा।
नई खोज मददगार रही
हाल ही में ONGC ने कहा कि वो कच्चे तेल का उत्पादन 11 प्रतिशत तक, और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ाएंगे। इस बढ़े हुए उत्पादन का श्रेय भारत के पश्चिमी और पूर्वी सागर की नई खोजों को जाता है। इसमें पूर्वी किनारे से ज़्यादा तेल मिलने की उम्मीद है। मैनेजमेंट मानती है कि उत्पादन कम है और गैस तथा तेल की नई खोज की कोशिशें तेज़ की जा रही हैं। ONGC का कहना है कि वो देश भर में तेल के नए स्रोत तलाशने के लिए, 2022 से 2025 के बीच, ₹31,000 करोड़ ख़र्च करेंगे। ONGC भारत के, कुल तेल और गैस का 70 प्रतिशत उत्पादन करती है।
शेयर के दामों पर असर
कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के बढ़ते हुए दामों से निवेशकों में ख़ुशी थी, क्योंकि पिछले एक साल में कंपनी ने 35 प्रतिशत रिटर्न दिए जो BSE सेंसेक्स के 8 प्रतिशत के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा थे।





