मैनेजर स्पीक

“वैल्यू का हिस्सा होनी चाहिए ग्रोथ”

मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया के सी.ई.ओ. नीलेश सुराना के साथ ख़ास बातचीत

मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया के सी.ई.ओ. नीलेश सुराना के साथ ख़ास बातचीत

Mirae Asset Investment Managers India: मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया के सीआईओ नीलेश सुराना (Neelesh Surana) देश के जाने-माने फ़ंड मैनेजर हैं. उन्होंने बीते 13 साल के दौरान एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में मिराए ब्रांड को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है. उनसे जुड़े ज़्यादातर इक्विटी फ़ंड्स में लंबे समय के दौरान उनका शानदार प्रदर्शन स्पष्ट नज़र आता है. हमें दिए इंटरव्यू के दौरान, सुराना ने अलग-अलग सेक्टर्स पर अपनी राय, अपने फ़ंड्स के प्रदर्शन, अपने पोर्टफ़ोलियो से जुड़े फ़ैसलों और हाल के वर्षों में AMC की टीम में बदलाव पर बात की. अगले तीन से पांच साल के दौरान भारत की इक्वटी ग्रोथ स्टोरी के तीन अहम पॉज़िटिव फ़ैक्टर्स और रिस्क क्या हैं? एक बार, ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर ख़त्म होने के बाद इन्वेस्टर्स ग्रोथ की तलाश पर ज़ोर देंगे. भारत की ग्रोथ समग्र रूप से और दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में लंबे समय में शानदार रही है. हमारे पास मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट्स और सर्विसेज़ एक्सपोर्ट्स के लिहाज़ से ग्रोथ के दो नए एरिया हैं. भारत का कॉर्पोरेट सेक्टर मज़बूत बैलेंस शीट्स और झटके सहने की बेहतर क्षमता के साथ ख़ासा लचीला है. रिस्क की बात करें तो वर्तमान में जारी वैश्विक मंदी और एक्सपोर्ट्स पर उसके असर पर नज़र रखे जाने की ज़रूरत है. लंबे समय के जोख़िम तेल की ऊंची क़ीमतों से जुड़े हुए हैं. मिराए एसेट फ़ंड्स फ़ाइनेंशियल्स और चुनिंदा ऑटो और फार्मा कंपनियों पर ओवरवेट हैं. किन वजहों से आपका इन सेक्टर्स पर भरोसा बना हुआ है? हम फ़ाइनेंशियल स्टॉक्स पसंद करते हैं, क्योंकि

ये लेख पहली बार मई 09, 2023 को पब्लिश हुआ.

फ़ंड एडवाइज़र

खरीदें, होल्ड करें या बदलें। सही सलाह पाएं।

मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।

कोई कमीशन नहीं। कोई टकराव नहीं। 1991 से।

प्लान देखें right-arrow

टॉप पिक

Laurus Labs: कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफ़ैक्चरर बनने की राह पर

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

पांच इंटरनेशनल फ़ंड खुले, Nasdaq 100 ETF अपनी वैल्यू के क़रीब पहुंचा

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

इक्विटी को एक दिवाली से नहीं, पूरे दशक से परखिए

पढ़ने का समय 1 मिनट•आकार रस्तोगी

PTC India Vs IEX: पावर मार्केट एक, फिर बिज़नेस इतने अलग क्यों?

पढ़ने का समय 6 मिनट•सत्यजीत सेन

KFin और Triveni Turbine के शेयर सस्ते हुए, पर क्या तेज़ी से बढ़ पाएंगे?

पढ़ने का समय 6 मिनट•Ananya Khurana

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

आपका फ़ंड नुक़सान में है? इसका मतलब यह नहीं कि फ़ंड ख़राब है

सितंबर और अक्तूबर ने ज़्यादातर पोर्टफ़ोलियो को लाल कर दिया है, पर ये आंकड़ा आपके चुने हुए फ़ंड से ज़्यादा इस बारे में बताता है कि आपने निवेश कब किया

दूसरी कैटेगरी