लर्निंग

निवेश की चार सामान्य गलतियां

भारत के दिग्गज निवेशकों में शुमार संजय बख्शी की बातों के आधार पर हम यहां निवेश की चार प्रमुख गलतियों के बारे में बता रहे हैं

भारत के दिग्गज निवेशकों में शुमार संजय बख्शी की बातों के आधार पर हम यहां निवेश की चार प्रमुख गलतियों के बारे में बता रहे हैं

back back back
4:57

Investing Mistakes: इन्वेस्टिंग हारने वालों का खेल है.

नहीं, हाल में हुए नुकसान की वजह से हमारा रुख निगेटिव नहीं हुआ है. हम सिर्फ वो बात ही कह रहे हैं जो जाने-माने भारतीय इन्वेस्टर और वैल्यूक्वेस्ट कैपिटल (ValueQuest Capital) के मैनेजिंग पार्टनर संजय बक्शी ने 1996 में अपने लेख 'Why Most Investors are Mostly Wrong Most of The Time' (क्यों ज़्यादातर इन्वेस्टर्स अधिकांश समय ज़्यादातर गलत होते हैं?) में कहीं थीं.

इस लेख में बख्शी ने कहा था कि निवेश में जीतना शानदार निर्णय लेने के बजाय यथासंभव कम से कम गलतियां करना है, जो एक हारने वाले के खेल की परिभाषा है.

तो सामने आने वाला अगला प्रश्न ये है कि ये गलतियां क्या हैं और इनसे कैसे बचा जाए?

भले ही बख्शी कैसे इन्वेस्टिंग की गलतियों को न्यूनतम किया जाएगा, इससे जुड़े अपने ट्रेड सीक्रेट का खुलासा नहीं करते, लेकिन उन सामान्य गलतियों के बारे में बताते हैं जो इन्वेस्टर्स अक्सर करते हैं.

गलत एसेट में निवेश
बक्शी कहते हैं कि 'अधिकांश निवेशक स्टॉक खरीदने की बड़ी गलती तब करते हैं जब बॉन्ड अधिक उपयुक्त होते हैं और इसका उल्टा भी करते हैं.'

हकीकत यही है कि जब एसेट एलोकेशन की बात आती है तो एक बात सभी के लिए सही नहीं होती. विभिन्न एसेट क्लास (इक्विटी, डेट आदि) में आप कितना निवेश करते हैं, ये बात जोख़िम की भूख, निवेश के गोल्स और हर एसेट क्लास के तुलनात्मक आकर्षण पर निर्भर करती है. अपने एसेट एलोकेशन के लिए दूसरों की नकल करके आप मुसीबत में पड़ सकते हैं.

ये भी पढ़िए- ख़रीद लिए हैं ज़्यादा म्यूचुअल फ़ंड, तो ऐसे क्लीन करें पोर्टफ़ोलियो

मार्केट के बारे में अनुमान न लगाएं
न सिर्फ अनुज बक्शी, बल्कि लगभग हर मार्केट एक्सपर्ट ने इसके बारे में बात की है. कई इन्वेस्टर्स को लगता है कि मार्केट में पैसा बनाने का सिर्फ एक ही तरीका यह अनुमान लगाना है, कब ये ऊपर जाएगा और कब नीचे आएगा.

और यहां पर स्टॉकब्रोकर्स और पंटर्स की पूरी एक इंडस्ट्री है, जो प्रॉफिट कमाने और ये जानने का दावा करते हैं कि उन्हें मालूम है, क्या होने वाला है. हालांकि, सच्चाई, जैसा कि बक्शी ने स्पष्ट रूप से कहा है, 'यदि किसी के पास शेयर बाजार की गतिविधियों की सटीक भविष्यवाणी करने की क्षमता है, तो वह इतनी जल्दी एक बहुत, बहुत अमीर आदमी बन जाएगा कि उसे अपने पूर्वानुमानों को आम पब्लिक को बेचने की आवश्यकता नहीं होगी।' फिर भी कई लोग इस फैक्ट की अनदेखी करते रहते हैं और ब्रोकर्स, दोस्तों और कभी कभार अनजान लोगों के टिप्स पर ख़रीद और बिक्री करते रहते हैं.

साथ ही, अनुमान लगाने का मतलब है ज़्यादा ट्रांजेक्शन और ज़्यादा इन्वेस्टमेंट के फैसले, जिसका मतलब है कि गलतियां होने की ज़्यादा संभावनाएं. आपको इसी बात से बचना चाहिए.

ये भी पढ़िए- एडवांटेज 30: 5 प्‍वाइंट में जानें अपना फ़ाइनेंशियल प्‍लान

खबरों और प्रचार में फंसना
आर्टिकिल में बक्शी लिखते हैं कि "बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स उन फ़ैक्टर्स पर ध्यान देते हैं जो किसी स्टॉक के आकलन करने के लिहाज से पूरी तरह बेमतलब होते हैं."

यूनिकॉर्न्स और न्यू-एज कंपनियों के इस दौर में, जहां फंडामेंटल्स को तवज्जो देने का चलन खत्म हो गया है, कई इन्वेस्टर्स लगातार ऐसी ही गलतियां करते हैं.

हमेशा याद रखें कि सनक और प्रचार कम समय के लिए कारगर हो सकते हैं, लेकिन बाजार हमेशा ही बाधाओं को दूर करता है और लंबे समय में प्रदर्शन करने वालों को रिवार्ड देता है.

भावनाएं और जल्दबाजी
रिसर्च करने के बजाय, इन्वेस्टर्स अक्सर अपनी भावनाओं के आधार पर ख़रीद और बिक्री का फैसला करते हैं. कई लोग तो अक्सर इस बात को मानते ही नहीं हैं कि उन्होंने गलती कर दी है और घाटे से बचने की उम्मीद में स्टॉक्स को होल्ड रखते हैं. दूसरे पहलू पर गौर करें तो कई लोग प्रॉफ़िट बुक करने की उत्सुकता में अक्सर जल्दी बाहर निकल जाते हैं.

बख्शी लेख में भावनाओं के चलते निवेश के फैसले लेने की एक बड़ी गलती की ओर इशारा करते हैं और कहते हैं, 'कई निवेशक शेयर की कीमतें बढ़ने पर बेवजह जोश में आ जाते हैं और जब वे गिरते हैं तो उदास हो जाते हैं।'

देखिए ये वीडियो- स्टॉक vs इक्विटी vs इंडेक्‍स: कहां करें निवेश?

क्या है निष्कर्ष
जहां इन्वेस्टिंग की सामान्य गलतियों पर बक्शी की राय वास्तव में एक अच्छी सलाह है, वहीं वो इन्वेस्टिंग के एक ज़्यादा अहम पहलू पर भी जोर देते हैं. दरअसल, हर कोई गलती करता है और यह जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है. यहां तक कि वारेन बफ़े (Warren Buffett) जैसी बड़ी हस्ती को यूएस एयर (US Air) जैसे स्टॉक्स में निवेश से भारी नुकसान उठाना पड़ा था. हालांकि, जो बात उन्हें हमारे दौर का महान इन्वेस्टर बनाती है, वो इन गलतियों को कभी नहीं दोहराना है.

ये लेख पहली बार मई 11, 2023 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

31 जुलाई की ITR डेडलाइन मिस करने से क्या-क्या नुक़सान हो सकते हैं?

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

Manipal Hospitals IPO: साइज़ में सबसे बड़ी, पर रिटर्न में पीछे

पढ़ने का समय 9 मिनटLekisha Katyal

अपने गोल्स को ख़ुद से बचाइए

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

HUL एक बेहतरीन बिज़नेस तो है, लेकिन क्या यह एक बेहतरीन स्टॉक भी है?

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

अब कोई ग्लोबल फ़ंड नई SIP नहीं लेगा, और ETF महंगे पड़ रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

AI क्रांति जो वाक़ई काम की है

AI पर लगाए जा रहे खरबों रुपयों को भूल जाइए. असली क्रांति वह है जिसे आप अभी, मुफ़्त में, ख़ुद शुरू कर सकते हैं.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी