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"वैल्यू देखने वाले की नज़र में होती है"

इनवेस्को म्यूचुअल फ़ंड के CEO ताहिर बादशाह से ख़ास बातचीत

इनवेस्को म्यूचुअल फ़ंड के CEO ताहिर बादशाह से ख़ास बातचीत

हमने इनवेस्को म्यूचुअल फंड के CEO ताहिर बादशाह से उनके स्टॉक के चुनाव के तरीक़े और इनवेस्को इंडिया कॉन्ट्रा फ़ंड के हाल के मिलेजुले प्रदर्शन के कारणों को समझने के लिए बात की. इनवेस्को के पास एक इन-हाउस स्टॉक को कैटेगराइज़ करने का तरीक़ा है, जो फ़ंड से स्टॉक को शामिल करने और हटाने तक पर असर डालता है. इस सिलसिले में, क्या आप उन ख़ास फ़ाइनेंशियल और नॉन-फ़ाइनेंशियल स्टैंडर्ड्स पर रोशनी डाल सकते हैं जो किसी स्टॉक को 'डायमंड' या 'फ़्रॉग प्रिंस' के तौर पर पहचान करते हैं - जो वैल्यू-ओरिएंटेड एसेंस वाली दो कैटेगरी हैं? डायमंड आमतौर पर पूरी तरह से सस्ते (absolute cheapness basis) होने के आधार पर निवेश या भागों के योग के आधार (sum-of-the-parts basis) पर रिफ़्लेक्ट होते हैं. बाद वाले मामले में, ऐसी स्थिति हो सकती है जहां अलग-अलग बिज़नस तो सस्ते नहीं हैं, लेकिन कुल मिला कर, इकाई (entity) सस्ती होती है. तो, कुछ हिस्से ऐसे हैं जिन पर छूट है, कुछ ऐसे हैं जो औसत से प्रीमियम पर हैं. इस तरह से, आमतौर पर, डायमंड का बिज़नस सस्ते गिरावट वाले मल्टीपल पर ट्रेड होने चाहिए. मुझे नहीं लगता कि हमारे पास 12-13 गुना वाले PE मल्टीपल से ज़्यादा का डायमंड होगा या वे ऐसी कंपनियां भी हो सकती हैं जो सात-आठ गुना से कम के EV/EBITDA पर क़ारोबार कर रही हों. ये आमतौर पर ऐसी सीमा होती है जिसमें, इनमें से कुछ डायमंड्स की पहचान की जाती है. लेकिन डायमंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि उन्हें उन बिज़नस के आंतरिक हिस्से (intrinsic part) से सस्ता होना चाहिए. और व्यवसाय का आंतरिक मूल्य, कभी-कभी, इस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है कि उन्होंने अतीत में किस तरह की कंपाउंडिंग हासिल की है और भविष्य में वे पिछले तीन साल के आधार पर, बनाम पिछले पांच साल के आधार पर क्या हासिल करने की संभावना रखते हैं. तो, ये बात आंतरिक मूल्य को समझने की बात ज़्यादा है. कभी-कभी ये आपको दिखाते हैं कि या तो उन्हें आंतरिक मूल्य लेंस के ज़रिए कैसे समझा जाए या कभी-कभी आपको उन्हें पूरे सस्ते होने के ज़रिए समझना होगा जो उन कंपनियों के मल्टीपल में झलक सकता है. फ़्रॉग प्रिंस के केस में, आमतौर पर वैल्युएशन सबसे ख़राब होती हैं, इस मायने में कि पहले तो वो सस्ती नहीं होतीं, क्योंकि उनकी अर्निंग कम कर दी जाती हैं. अगर अर्निंग कम होगी, तो मल्टीपल असल में बढ़े हुए दिखाई देंगे. तो, आप पूछेंगे कि ये वैल्यू कैसे हुई, मगर आपको समझना हो

ये लेख पहली बार सितंबर 08, 2023 को पब्लिश हुआ.

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