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सारांशः म्यूचुअल फ़ंड और AIF के बीच एक नई फ़ंड कैटेगरी आई है. न्यूनतम निवेश ₹10 लाख है. यह फ़ंड एक साथ तीन काम करता है: सुरक्षा के साथ इक्विटी, आर्बिट्राज और डेट.
मिराए एसेट म्यूचुअल फ़ंड ने एक नया फ़ंड लॉन्च किया है जो आम कैटेगरी में फ़िट नहीं होता. प्लैटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड स्पेशलाइज़्ड इन्वेस्टमेंट फ़ंड यानी SIF फ़्रेमवर्क के तहत आता है. यह एक नई कैटेगरी है जो आम म्यूचुअल फ़ंड और AIF (ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फ़ंड) के बीच है. AIF आमतौर पर संस्थागत या बड़े निवेशकों के लिए होते हैं.
न्यूनतम निवेश ₹10 लाख है जो इसे ज़्यादातर आम निवेशकों की पहुंच से बाहर रखता है. NFO 20 मई 2026 को खुलेगा और 3 जून 2026 को बंद होगा. तो यह फ़ंड करता क्या है और इसे कैसे समझें, यहां है जवाब.
प्लैटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड कैसे बना है
यह फ़ंड गौरीक शाह मैनेज करेंगे जिनके पास पब्लिक मार्केट और अल्टरनेटिव स्ट्रैटेजी में क़रीब दो दशकों का अनुभव है. फ़ंड एक साथ तीन स्ट्रैटिजी चलाता है, हर एक का अलग काम है.
पहली है पोर्टफ़ोलियो के 5 से 70% के बीच इक्विटी. यहां सिर्फ़ शेयर ख़रीदकर बढ़ने का इंतज़ार नहीं किया जाता. फ़ंड कॉलर स्ट्रैटेजी इस्तेमाल करता है, यह एक ऐसी तकनीक है जो अलग-अलग तरह के ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट मिलाकर किसी इक्विटी पोज़िशन के ऊपर और नीचे दोनों को सीमित करती है. साथ ही यह ख़ास हालात वाली कंपनियों पर नज़र रखता है जैसे विलय, पुनर्गठन या रेगुलेट्री बदलाव जो बड़े बाज़ार से अलग एक मूल्य निर्धारण का मौक़ा बना सकते हैं.
दूसरी है आर्बिट्राज, जो भी 5 से 70% के बीच रहेगी. आर्बिट्राज में एक ही शेयर को अलग-अलग बाज़ार या रूप में एक साथ ख़रीदा और बेचा जाता है ताकि एक छोटा और अनुमानित मूल्य अंतर पकड़ा जा सके. यह काफ़ी हद तक बाज़ार-तटस्थ है यानी रिटर्न इस पर निर्भर नहीं करता कि बाज़ार ऊपर जाए या नीचे.
तीसरी है अच्छी क्वालिटी का डेट, 25 से 35% के बीच. यह पोर्टफ़ोलियो का स्थिर आधार है जो बॉन्ड और फ़िक्स्ड इनकम साधनों में लगाया जाता है. इक्विटी बाज़ार चाहे जो करे, यह नियमित ब्याज आमदनी देता रहता है.
तीनों परतें मिलकर एक ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाने के लिए तैयार की गई हैं जो आम इक्विटी फ़ंड के मुक़ाबले बाज़ार की दिशा पर कम निर्भर हो और कम उतार-चढ़ाव वाला हो.
SIF कैटेगरी कहां खड़ी है
SIF कैटेगरी अभी अपनी जगह बना रही है. अप्रैल 2026 में इसमें ₹1,219 करोड़ का नेट इनफ़्लो आया और 16 स्कीम तथा 50,000 से ज़्यादा फ़ोलियो के साथ कुल AUM ₹12,329 करोड़ पर पहुंच गया. हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फ़ंड ₹651 करोड़ के इनफ़्लो के साथ आगे रहे, उसके बाद इक्विटी-ओरिएंटेड स्ट्रैटेजी में ₹478 करोड़ आए.
फ़ंड हाउस की दिलचस्पी बढ़ रही है. मई में 360 ONE Asset के Dyna SIF और Jio BlackRock के Prism SIF ने क्रमशः इक्विटी और हाइब्रिड स्कीम के लिए नियामक के पास दस्तावेज़ जमा किए. कैटेगरी अपना ट्रैक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में है और इस बीच और खिलाड़ी भी इसमें आ रहे हैं.
निवेशकों को क्या जानना चाहिए
इस तरह के फ़ंड की अपील समझ में आती है. लेकिन SIF कैटेगरी नई है, ट्रैक रिकॉर्ड छोटा है और इन स्ट्रैटिजी में मुश्किल होने का मतलब है कि इनका प्रदर्शन किसी सीधे इक्विटी या डेट फ़ंड के मुक़ाबले परखना मुश्किल हो सकता है. निवेशकों के लिए यह एक ऐसी कैटेगरी है जिस पर जैसे-जैसे यह परिपक्व हो, नज़र रखना सही रहेगा.
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