वैल्यू रिसर्च से पूछें

प्योर इक्विटी के मुक़ाबले अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड की 3 ख़ूबियां

इस तरह की तुलना करना भले ही ठीक न हो, फिर भी हम समझते हैं कि नए या कंज़रवेटिव निवेशकों के लिए ये समझना फ़ायदे की बात है

इस तरह की तुलना करना भले ही ठीक न हो, फिर भी हम समझते हैं कि नए या कंज़रवेटिव निवेशकों के लिए ये समझना फ़ायदे की बात हैAI-generated image

प्योर इक्विटी फ़ंड्स की तुलना में अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड्स कैसे फ़ायदेमंद हैं? - एक पाठक का सवाल

आप सीधे तौर पर इक्विटी और अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड की तुलना नहीं कर सकते. ये आलू और अनानास की तुलना करने जैसा है. दोनों फ़ंड बहुत अलग हैं. प्योर इक्विटी फ़ंड ख़ास तौर पर इक्विटी में निवेश करते हैं, जबकि अग्रेसिव हाइब्रिड 65-80 फ़ीसदी इक्विटी (equity) में और बाक़ी डेट (debt) में एलोकेट करते हैं. इक्विटी एलोकेशन ऊंचे रिटर्न की उम्मीदें पैदा करता है, जबकि डेट एलोकेशन पूंजी को सुरक्षा देता है. इसीलिए ये फ़ंड शुरुआती या कंज़रवेटिव निवेशकों के लिए आदर्श हैं.

अब तक, अगर आपको अग्रेसिव हाइब्रिड की तुलना इक्विटी फ़ंड से करनी है, तो यहां बाद वाले की तुलना में पहले के कुछ फ़ायदे दिए गए हैं.

1) गिरावट से सुरक्षा
अपने अच्छे डेट एलोकेश (debt allocation)) की वजह से, अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड अशांत समय के दौरान काफ़ी मदद करते हैं. वे प्योर इक्विटी फ़ंड्स के मुक़ाबले कम गिरते हैं, जो ये पक्का करता है कि निवेशक, ख़ास तौर से पहली बार निवेश करने वाले और रूढ़िवादी निवेशक, डर के मारे निवेश से बाहर न निकल जाएं.

ये संख्याएं बाज़ार में मंदी के दौरान लचीलापन दिखाती हैं. पिछले दशक के एक महीने में बाज़ार में आई पांच सबसे ख़राब गिरावटों में, अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड्स ने फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स (एक तरह का प्योर इक्विटी फ़ंड) और व्यापक मार्केट इंडेक्स (S&P BSE सेंसेक्स) के मुक़ाबले में बेहतर प्रदर्शन किया है.

ये भी पढ़िए - दमदार बैंकिंग स्टॉक सर्च करें धनक पर!

2) लंबे समय के दौरान अच्छा रिटर्न
अपना 20 से 35 फ़ीसदी पैसा डेट (debt) में रखने के बावजूद, एक एवरेज अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड में 10 साल के दौरान SIP से 13.77 फ़ीसदी का रिटर्न मिला, जो S&P BSE सेंसेक्स के 14.80 फ़ीसदी और फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड के 15.63 फ़ीसदी से थोड़ा ही कम है.

3) टैक्स के लिहाज़ से फ़ायदेमंद
रिबैलेंसिंग करने में म्यूचुअल फ़ंड यूनिट्स को ख़रीदना या बेचना पड़ता है ताकि आपका मनचाहा एसेट एलोकेशन बरक़रार रहे. म्यूचुअल फ़ंड यूनिट्स बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है.

अगर आप इक्विटी और डेट फ़ंड में अलग-अलग फ़ंड्स के ज़रि निवेश करते हैं और उनमें से किसी को रिबैलेंसिंग मक़सद से बेचते हैं, तो इस पर मिलने वाले मुनाफ़े पर आपको ये टैक्स अदा करना होगा.

मगर, हाइब्रिड फ़ंड ऑटोमैटिक तरीक़े से समय-समय पर अपने पोर्टफ़ोलियो को ख़ुद ही रिबैलेंस करते रहते हैं, जिससे निवेशकों को रिबैलेंसिंग करते समय कैपिटल गेन्स टैक्स का फ़ायदा मिल जाता है क्योंकि ये रिबैलेंसिंग उन्हें अपना निवेश बेच कर नहीं करनी होती.

ये भी पढ़े -नए निवेशक इस साल अपना बोनस कहां निवेश करें सबसे बेहतर विकल्प ?

ये लेख पहली बार मई 10, 2024 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

आपका REIT 6% रिटर्न देता है. लेकिन आपको शायद सिर्फ़ 2% मिल रहा है

पढ़ने का समय 3 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

RBI डॉलर डिपॉज़िट पर NRI को दे रहा 7% तक ब्याज

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

इस महीने 6 इक्विटी फ़ंड्स की रेटिंग में हुआ सुधार

पढ़ने का समय 6 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

बाज़ार आपको ग़लत चीज़ बेच रहा है, तो सही क्या है?

पढ़ने का समय 4 मिनटआशीष मेनन

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

जिन लोगों को थर्ड-पार्टी SIPs से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता, यह नियम उन लोगों के लिए नहीं बनाया गया है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी