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सारांशः एक पाठक, जिन्हें रिटायरमेंट पर PF का एक बड़ा पैसा मिला, वो पूछते हैं कि क्या इसे टैक्स रिटर्न में बताना ज़रूरी है, जबकि यह टैक्स-फ़्री है. इसका जवाब ठीक-ठीक बताता है कि इसे कहां दिखाना है और इस क़दम को छोड़ देना आगे चलकर मुश्किल क्यों खड़ी कर सकता है.
मुझे रिटायरमेंट के समय PF के पैसे के तौर पर ₹1 करोड़ मिले हैं. क्या ITR भरते वक़्त इसे दिखाना ज़रूरी है? और अगर हां, तो इसे कहां दिखाऊं? – एक सब्सक्राइबर
इनकम टैक्स रिटर्न भरने का मौसम आ गया है, और कई रिटायर लोग सोच रहे हैं कि अपने PF फ़ंड जैसे बड़े, टैक्स-फ़्री पैसों का क्या करें. यहां एक आम सवाल है जिसका जवाब हम इस हफ़्ते दे रहे हैं: क्या मुझे अपना PF का पैसा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते वक़्त दिखाना ज़रूरी है?
हमारा जवाब? हां, आपको इसे दिखाना ज़रूरी है. भले ही आपका प्रॉविडेंट फ़ंड (PF) का पैसा टैक्स-फ़्री हो, फिर भी इसे अपने ITR में बताना ज़रूरी है.
इसकी वजह यह है: अगर आप आगे चलकर इस पैसे को कहीं निवेश करते हैं, तो उस निवेश से होने वाली कोई भी कमाई टैक्स के दायरे में आ सकती है. अगर उस निवेश का कोई दर्ज किया हुआ स्रोत न हो, तो उस कमाई को बिना हिसाब वाली कमाई माना जा सकता है, जिससे जांच या जुर्माने की नौबत आ सकती है.
इसे सही तरीक़े से दिखाने के लिए, PF के पैसे को ITR फ़ॉर्म में Schedule EI (छूट वाली आमदनी) के तहत दर्ज कीजिए. एक बार वहां बता देने पर, इसे अपने आप आपकी टैक्स वाली आमदनी के हिसाब से बाहर रख दिया जाएगा.
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ये लेख पहली बार जुलाई 05, 2024 को पब्लिश हुआ, और जुलाई 14, 2026 को अपडेट किया गया.




