एन.एफ़.ओ. रिव्यू

नवी ने लॉन्च किया भारत का पहला पैसिव मल्टी-कैप फ़ंड, क्या निवेश का है मौक़ा?

इस समय मौजूद 25 मल्टी-कैप फ़ंड्स में से Navi Nifty 500 Multicap इकलौता इंडेक्स फ़ंड है

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यूं तो मार्केट में 25 मल्टी-कैप फ़ंड हैं, लेकिन जो बात नवी का मल्टी-कैप को ख़ास बनाती है वो इसका इंडेक्स फ़ंड होना है.

आसान शब्दों में कहें, तो दूसरों से अलग नवी मल्टी-कैप - नवी निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फ़ंड - मल्टी-कैप इंडेक्स को फ़ॉलो करेगा और स्टॉक के चुनाव को लेकर फ़ंड मैनेजर की क़ाबिलियत पर निर्भर नहीं रहेगा.

नवी निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फ़ंड का न्यू फ़ंड ऑफ़र (NFO) 18 जुलाई, 2024 को शुरू हुआ, और 31 जुलाई 2024 तक सब्सक्रिप्शन के लिए ख़ुला रहेगा.

ये भी पढ़िए - NFO क्या हैं और इंडेक्स फंड क्या हैं?

नवी निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फ़ंड: एक नज़र में

फ़ंड का नाम नवी निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स फ़ंड
फ़ंंड मैनेजर आदित्य मुल्की: इससे पहले क्वांटम एडवाइजर्स में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट के रूप में छह साल तक काम किया. आशुतोष शिरवाइकर: इन्होंने भी क्वांटम के लिए छह साल से अधिक समय तक काम किया.
एग्जिट लोड निल
टैक्स ट्रीटमेंट अगर यूनिट एक साल के भीतर बेची जाती हैं, तो पूंजीगत लाभ पर 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा. अगर यूनिट एक साल के बाद बेची जाती हैं, तो पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा. हालांकि, 1 लाख रुपये तक के लाभ पर टैक्स नहीं लगेगा.

ये इंडेक्स फ़ंड कैसे काम करता है

चूंकि नवी के मल्टी-कैप फ़ंड का लक्ष्य फ़ंड मैनेजर की विशेषज्ञता के बजाय निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स को फ़ॉलो करना होगा.

यहां इस इंडेक्स के बारे में ज़्यादा जानें -

  • मल्टी-कैप फ़ंड के लिए बेंचमार्क निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स दिसंबर 2020 में लॉन्च किया गया था.
  • जबकि निफ़्टी 500 फ़्री-फ़्लोट मार्केट कैप के आधार पर कंपनियों का मूल्यांकन करता है, मल्टी-कैप इंडेक्स लार्ज़ कैप के लिए 50 प्रतिशत और मिड-कैप तथा स्मॉल-कैप के लिए 25-25 प्रतिशत का मूल्यांकन करता है. उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि लार्ज़-कैप स्टॉक A का फ़्री-फ़्लोट मार्केट कैप 30 प्रतिशत है, तो लार्ज़-कैप सेगमेंट पर 50 प्रतिशत प्रतिबंध के कारण इसे इस इंडेक्स में 15 प्रतिशत के तौ पर दिखाया जाएगा.
  • जनवरी और जुलाई में, हर छह महीने में इंडेक्स को हर एक कंपनी के मौजूदा फ़्री-फ़्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के आधार पर फिर से आकार (Reshaped) दिया जाता है.

पैसिव बनाम एक्टिव फ़ंड

  • परिदृश्य : 2021 से मल्टी-कैप कैटगिरी में बढ़ोतरी हुई है, जो वर्तमान में आठ फ़ंड से बढ़कर 25 हो गई है. इस बीच, नवी का मल्टी-कैप फ़ंड मल्टी-कैप इंडेक्स को ट्रैक करने वाली पहली योजना है.
  • प्रदर्शन : मल्टी-कैप फ़ंड का इतिहास सीमित है, इसलिए उनका प्रदर्शन कोई भरोसेमंद इडीकेटर नहीं हो सकता. इस संदर्भ में, हमने पाया कि एक्टिव फ़ंड 18 जुलाई, 2024 तक YTD (अब तक 2024 में), 1-वर्ष और 3-वर्ष की अवधि में नवी निफ़्टी 500 मल्टीकैप 50:25:25 इंडेक्स से औसतन 2 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. सक्रिय फ़ंड को मुख़्य रूप से मिड- और स्मॉल-कैप सेगमेंट में ज़्यादा एलोकेशन के कारण बढ़त हासिल है. औसतन, एक्टिव फ़ंड, क्रमशः लार्ज, मिड और स्मॉल कैप को 42, 28 और 30 प्रतिशत एलोकेशन करते हैं, जबकि इंडेक्स 50-25-25 एलोकेशन बनाए रख़ता है.
    जब हम रिटर्न पर ज़्यादा बारीकी से नज़र डालते हैं, तो पाते हैं कि जनवरी 2021 से अब तक 42 महीनों में से 28 महीनों में सक्रिय रूप से प्रबंधित फ़ंड ने इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है.
  • सेक्टर वेटेज: भले ही, फाइनेंशियल और कैपिटल गुड्स एक्टिव फ़ंड और इंडेक्स दोनों के लिए टॉप दो सेक्टर पोज़ीशन रख़ते हैं, लेकिन तीसरा स्थान अलग-अलग है, जिसमें सेवाएं (8.2 प्रतिशत के साथ) एक्टिव फ़ंड में प्राथमिकता लेती हैं और टेक्नोलॉजी (7.8 प्रतिशत) इंडेक्स में तीसरा स्थान लेती है.

नवी म्यूचुअल फ़ंड के बारे में
तुलनात्मक रूप से नए फ़ंड नवी ने म्यूचुअल फ़ंड क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का संकल्प लिया है, क्योंकि वे विशेष रूप से इंडेक्स फ़ंड लॉन्च करना चाहते हैं. इसके अलावा, फ़ंड मैनेजरों का एक ही समूह सभी इंडेक्स फ़ंड की देखरेख करता है.

क्या करना चाहिए

हालाँकि इंडेक्स फ़ंड किफ़ायती हैं, लेकिन उनमें अपनी चुनौतियाँ हैं.

शुरुआत के लिए, फ़ंड एक मुश्किल एलोकेशन के साथ आता है. जैसा कि पहले चर्चा की गई है, यह एक कारण है कि इसने एक और तीन वर्षों में एक्टिव फ़ंडों से कम प्रदर्शन किया है.

दूसरा, ये ध्यान रख़ना महत्वपूर्ण है कि एक्टिव मैनेजमेंट ने आमतौर पर मिड- और स्मॉल-कैप सेगमेंट में हाई लॉन्ग-टर्म रिटर्न की क्षमता का प्रदर्शन किया है. हमारा सुझाव है कि आप अपना पैसा नवी के मल्टी-कैप फ़ंड में लगाने से पहले इंतज़ार और नजर रख़ने की नीति अपनाएं.

ये भी पढ़िए - एक दमदार एग्रेसिव ग्रोथ फ़ंड कैसे चुनें?

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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