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अडानी ग्रुप पर घूसखोरी के आरोप: फ़ंड्स पर क्या होगा इसका असर?

थीमैटिक और सेक्टोरल फ़ंड का अडानी ग्रुप में सबसे ज़्यादा एलोकेशन है

थीमैटिक और सेक्टोरल फ़ंड का अडानी ग्रुप में सबसे ज़्यादा एलोकेशन है

अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर ने अडानी ग्रुप पर अगले कुछ दशकों में अनुमानित 2 अरब डॉलर के सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से ज़्यादा की घूस के आरोप लगाए जाने के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है.

आरोपों की गंभीरता और उसके बाद शेयर बाज़ार की प्रतिक्रिया को देखते हुए, ये समझ में आता है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में बड़ी हिस्सेदारी वाले इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड भी प्रभावित हुए हैं.

अक्तूबर 2024 के डिस्क्लोज़र के अनुसार, अहमदाबाद मुख्यालय वाली कंपनी में निवेश करने वाले 164 एक्टिवली मैनेज होने वाले इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड में से 18 का निवेश 5 फ़ीसदी से ज़्यादा है.

यहां उनकी लिस्ट दी गई है:

18 एक्टिव इक्विटी फ़ंड जिनका अडानी ग्रुप में 5% से ज़्यादा एक्सपोज़र है

फ़ंड कैटेगरी नेट एसेट्स का % AUM (करोड़ ₹)
टाटा क्वांट फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 13.6 68
क्वांट क्वांटामेंटल फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 10.5 2,428
क्ववांट ELSS टैक्स सेवर फ़ंड ELSS 10.3 10,980
क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड फ़्लेक्सी कैप 9.9 7,514
क्वांट इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 9.6 3,599
टाटा रिसोर्सेज एंड एनर्जी फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 9.6 1,042
टाटा इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 9.4 2,451
ICICI प्रू कमोडिटीज़ फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 8.7 2,438
क्वांट एक्टिव फ़ंड मल्टी कैप 7.2 10,531
HDFC हाउसिंग ऑपर्च्युनिटीज़ फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 6.8 1,453
टाटा बिज़नस साइकल फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.5 2,885
क्वांट मोमेंटम फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.5 2,117
टाटा लार्ज कैप फ़ंड लार्ज कैप 5.4 2,415
HDFC MNC फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.4 634
ICICI प्रू इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.4 6,779
क्वांट स्मॉल कैप फ़ंड स्मॉल कैप 5.3 26,331
बंधन इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.1 1,777
UTI ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स फ़ंड सेक्टोरल/ थीमैटिक 5.0 3,478
नोट: अडानी ग्रुप के सभी लिस्टेड स्टॉक्स, ACC और अंबुजा सीमेंट्स में नेट पोजिशंस पर विचार किया गया है.

हैरत की बात नहीं कि इनमें से 13 फ़ंड सेक्टोरल या थीमैटिक कैटेगरी से संबंधित हैं, जो ख़ास इंंडस्ट्री या थीम पर ध्यान केंद्रित करते हैं.

दूसरी ओर, डायवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स में अडानी स्टॉक में निवेश सीमित रहता है, जिससे रिस्क मैनेजमेंट के बेहतर तौर-तरीक़े जाहिर होते हैं.

हमारी राय

इन फ़ंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों, ख़ास तौर पर सेक्टोरल और थीमैटिक फ़ंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को मौजूदा स्थिति की जानकारी होनी चाहिए. हालांकि, अडानी समूह के कुछ शेयरों ने आज (22 नवंबर) शेयर बाज़ार में कुछ हद तक बढ़त हासिल की, लेकिन निवेशकों को ये पता करना चाहिए कि क्या ये रिस्क उनके फ़ाइनेंशियल गोल के मुताबिक़ है या नहीं.

ये भी पढ़िए- अडानी की कंपनियों में तो नहीं लगा है आपका पैसा

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