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क्या गोल्ड ज्वेलरी पर अभी भी इंडेक्सेशन लागू है?

आइए, गोल्ड से जुड़े निवेशों पर लगने वाले टैक्स के बारे में समझते हैं

आइए, गोल्ड से जुड़े निवेशों पर लगने वाले टैक्स के बारे में समझते हैं

मेरे पास कुछ गोल्ड ज्वैलरी हैं, जिन्हें मैं बेचने की योजना बना रहा हूं. क्या मुझे इन्हें बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स की कैलकुलेशन करते समय इंडेक्सेशन का फ़ायदा मिलेगा? - जोसेफ एरिनजेरी

नहीं, इंडेक्सेशन फ़ायदा अब सोने के आभूषणों पर उपलब्ध नहीं है. जो लोग नहीं जानते, उनको बता दें कि इंडेक्सेशन से आप पर टैक्स का बोझ कम कर देता है, क्योंकि इससे मुद्रास्फीति के साथ ख़रीद मूल्य को समायोजित किया जाता है.

चलिए, श्री एरिनजेरी आपके प्रश्न पर लौटते हैं. टैक्स ट्रीटमेंट अब होल्डिंग अवधि पर निर्भर करता है:

  • अगर सोने को दो साल से ज़्यादा समय तक रखा जाता है, तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के रूप में 12.5 फ़ीसदी टैक्स लगाया जाता है, लेकिन इंडेक्सेशन का फ़ायदा नहीं मिलता.
  • यदि दो साल के भीतर बेचा जाता है, तो फ़ायदे को शॉर्ट टर्म कैपटल गेन्स (STCG) माना जाता है और आपकी इनकम में जोड़ा जाता है, जिस पर आपके लिए लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है.

अगर ज्वैलरी विरासत में या उपहार के रूप में मिली है, तो टैक्स की कैलकुलेशन के लिए ख़रीद की मूल तारीख़ और क़ीमत (पिछले मालिक से) पर विचार किया जाएगा.

ये भी पढ़िए- मुझे 20 साल तक हर महीने ₹5,000 कहां निवेश करने चाहिए?

सोने से जुड़े दूसरे निवेशों के बारे में क्या?

  • गोल्ड ETF: अगर गोल्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड) में निवेश 1 अप्रैल, 2023 को या उसके बाद किया गया है और 31 मार्च, 2025 को या उससे पहले बेच दिया जाता है, तो पूरा फ़ायदा निवेशक की इनकम में जोड़ा जाता है और लागू स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लगाया जाता है. अगर 1 अप्रैल, 2025 को या उसके बाद बेचा जाता है और होल्डिंग अवधि एक वर्ष से ज़्यादा है, तो फ़ायदे पर 12.5 फ़ीसदी टैक्स लगाया जाता है.
    हालांकि, अगर होल्डिंग अवधि एक साल या उससे कम है, तो फ़ायदा आपकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ा जाता है और स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है.
  • गोल्ड म्यूचुअल फ़ंड: अगर गोल्ड फ़ंड में निवेश 1 अप्रैल, 2023 को या उसके बाद किया जाता है और 31 मार्च, 2025 तक बेचा जाता है, तो पूरा फ़ायदा निवेशक की इनकम में जोड़ा जाता है और लागू स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लगाया जाता है. यदि 1 अप्रैल, 2025 को या उसके बाद बेचा जाता है और होल्डिंग अवधि दो साल से ज़्यादा है, तो फ़ायदे पर 12.5 फ़ीसदी टैक्स लगेगा.
    वहीं, अगर होल्डिंग अवधि दो साल या उससे कम है, तो फ़ायदा आपकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ा जाता है और स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है.
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स-फ़्री रहता है. अगर SGB को एक साल के बाद सेकंडरी मार्केट में बेचा जाता है, तो फ़ायदे पर 12.5 फ़ीसदी टैक्स लगाया जाता है. अगर एक साल के भीतर बेचा जाता है, तो फ़ायदे को टैक्सेबल इनकम में जोड़ा जाता है और स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है.

ये भी पढ़िए- मैं गोल्ड फ़ंड में निवेश की योजना बना रहा हूं. इस पर टैक्स कैसे लगेगा?

ये लेख पहली बार मार्च 18, 2025 को पब्लिश हुआ.

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